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शहर में तीन जगह कमरे किराये पर लेकर रह रहे हैं कश्मीरी...

Wed, 20 Feb 2019 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2019 12:08 AM IST
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शहर में तीन जगह कमरे किराये पर लेकर रह रहे हैं कश्मीरी...
शहर में तीन जगह कमरे किराये पर लेकर रह रहे हैं कश्मीरी
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शॉल व कपड़ा बेचने के लिए आते हैं सर्दी के चार माह कैथल
दो कश्मीरियों के साथ करनाल रोड पर की लोगों ने कहासुनी के बाद पुलिस ने कश्मीरियों के ठिकाने का दौरा किया
सभी के नाम व रिकॉर्ड भी तलब किया
दो कश्मीरियों को गांव बात्ता से बस अड्डे से ही वापिस भेजा गया
सुरक्षा का दिया आश्वासन, कश्मीरियों ने कहा-वे अपने व्यापार में उधार की उगाही के लिए रुके हुए हैं, दस साल से आ रहे हैं कैथल, कभी नहीं हुई परेशानी, फौजियों की मौत का उन्हें भी दुख
फोटो संख्या-7
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलवामा हमले के बाद विभिन्न जगहों से आ रही कश्मीरियों के साथ दुर्व्यवहार की खबरों के बीच कैथल पुलिस ने शहर में किराये के कमरों में रह रहे कश्मीर से आए लोगों की पड़ताल की। सोमवार की दोपहर करनाल रोड पर शॉल बेच रहे दो लोगों को आस-पास के लोगों ने खूब खरी-खोटी सुनाईं। पुलिस ने इन लोगों को मौके पर पहुंच कर पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है। कैथल शहर में तीन जगह कश्मीर से आए लोग किराये पर कमरे लेकर रह रहे हैं। इस समय चूंकि सीजन का अंतिम दौर है, इन का कहना है कि वे उगाही के बाद वापिस लौट जाएंगे।
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कश्मीर के कुपवाड़ा से आए मामदीन ने बताया कि वह पिछले दस साल से कैथल में आकर शॉल बेचने का काम करते हैं। उनके साथ यहां शहर में एक किराये के घर में 14 अन्य लोग रहते हैं। जो कश्मीर से ही उनके साथ आए हैं। वह सोमवार को मामदीन के साथ करनाल रोड से जा रहा था कि वहां कुछ लोगों ने उनके साथ कहासुनी की। बाद में कुछ लोगों ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाल दिया। इसी तरह से अली मोहम्मद व अब्दुल मजीद को गांव बात्ता के बस अड्डे से ही वापस भेज दिया गया। वे वहां अपनी उगाही के लिए गए थे।
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10 साल से आ रहे हैं यहां, कहा-पुलवामा हमले का उन्हें भी दुख : मामदीन ने कहा कि वे पिछले दस साल से यहां आकर शॉलें व गर्म वस्त्र बेचने का काम कर रहा है। आज तक कभी कोई परेशानी नहीं हुई। वे सर्दी के 4 माह यहां रहते हैं और वापिस लौट जाते हैं। कपड़ा अन्य माल ठेकेदारों द्वारा यहां भेज दिया जाता है। अभी उन्हेें उगाही करनी है। अपनी फंसी हुई उधार निकलवाकर वे वापिस चले जाएंगे। अभी यहां कोई परेशानी नहीं है। पुलवामा हमले का उन्हें भी दुख है।
पुलिस ने दिया है पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन : मामदीन ने बताया कि पुलिस के अधिकारी भी आए थे, उन्होंने अपना नंबर व पता दिया है और कहा कि यदि जरूरत पड़े तो सूचना दे देना।
थाना शहर व सिविल लाइन क्षेत्र में रह रहे हैं कश्मीर से आए शॉल विक्रेता : सिविल लाइन पुलिस थाने एरिया में तीन जगह कश्मीरी 10 से 15 के समूह में रह रहे हैं। वहीं थाना शहर क्षेत्र में भी दो जगह किराये के कमरे में रहने की जानकारी मिली है। पुलिस ने सोमवार रात्रि सभी जगह दस्तक देकर कश्मीर से आए लोगों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
थाना सिविल लाइन से सब इंस्पेक्टर कुलविंद्र सिंह ने कहा कि जहां-जहां कश्मीरी रह रहे हैं, उनकी वेरिफिकेशन की गई है। जानकारी जुटाई गई है कि कितनी संख्या में हैं। झगड़े जैसी कोई सूचना पुलिस को नहीं मिली है।

वहीं एसएचओ सिटी राजकुमार ने कहा कि पुलिस को पता चला था कि दो जगहों पर कश्मीर से आए लोग रह रहे हैं। दोनों जगह जाकर जांच की गई है, वहां कोई नहीं मिला। या तो काम पर गए होंगे, या फिर लौट गए होंगे।
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