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लोन मंजूर न करने पर बैंक के खिलाफ महिलाओं ने किया प्रदर्शन
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लोन मंजूर न करने पर बैंक के खिलाफ महिलाओं ने किया प्रदर्शन
फोटो नंबर-42
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। मंगलवार को स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का बैंक द्वारा लोन मंजूर न करने से खफा महिलाओं ने बैक के बाहर बैंक प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सुशीला रानी ने की। सुशीला ने बताया कि गांव नंदगढ़ व लालपुर में करीब एक दर्जन स्वयं सहायता समूह है। इन स्वयं सहायता समूहों से 200 से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। सुशीला ने बताया कि इन ग्रुपों से जुड़ी महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसके बाद ये महिलाएं स्वयं के छोटे मोटे काम शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक हालत को सुधारने में मदद करती है। सुशीला ने बताया कि इन महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार की तरफ से इन्हें लोन उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार की इसी योजना के तहत दर्जनों महिलाओं ने एक निजी बैंक की शाखा में छह महीने पहले लोन के लिए आवेदन किया था। महिलाओं का आरोप है कि बैंक मैनेजर जानबूझ कर उनका लोन पास नहीं कर रहा है। लोन अप्लाई करने वाली अमनदीप, सुमन, मंजू, उर्मिला, रजनी, मनजीत, राजबाला, कर्मजीत, शंकुतला, बतेरी, सीता व अनिता ने बताया कि लोन पास करने के लिए बैंक मैनेजर ने उनसे चार चार हजार रुपये के अस्टाम पेपर मंगवाए।
स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को लोन लेने के लिए एक निर्धारित राशी अपने खाते में रखनी होती है। ताकि उक्त सदस्य अपना और लोन में लिए गए पैसे से अपना कारोबार ठीक प्रकार से चला सके। महिलाओं ने पहले भी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हुए इसी बैंक से लोन लिया था, जिसकी किस्तें व समय पर अदा करती आ रही हैं। जो भी पात्र शर्तें पूरी करेगी उसे तुरंत लोन उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह, मैनेजर बैंक
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फोटो नंबर-42
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। मंगलवार को स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का बैंक द्वारा लोन मंजूर न करने से खफा महिलाओं ने बैक के बाहर बैंक प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सुशीला रानी ने की। सुशीला ने बताया कि गांव नंदगढ़ व लालपुर में करीब एक दर्जन स्वयं सहायता समूह है। इन स्वयं सहायता समूहों से 200 से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। सुशीला ने बताया कि इन ग्रुपों से जुड़ी महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसके बाद ये महिलाएं स्वयं के छोटे मोटे काम शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक हालत को सुधारने में मदद करती है। सुशीला ने बताया कि इन महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार की तरफ से इन्हें लोन उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार की इसी योजना के तहत दर्जनों महिलाओं ने एक निजी बैंक की शाखा में छह महीने पहले लोन के लिए आवेदन किया था। महिलाओं का आरोप है कि बैंक मैनेजर जानबूझ कर उनका लोन पास नहीं कर रहा है। लोन अप्लाई करने वाली अमनदीप, सुमन, मंजू, उर्मिला, रजनी, मनजीत, राजबाला, कर्मजीत, शंकुतला, बतेरी, सीता व अनिता ने बताया कि लोन पास करने के लिए बैंक मैनेजर ने उनसे चार चार हजार रुपये के अस्टाम पेपर मंगवाए।
स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को लोन लेने के लिए एक निर्धारित राशी अपने खाते में रखनी होती है। ताकि उक्त सदस्य अपना और लोन में लिए गए पैसे से अपना कारोबार ठीक प्रकार से चला सके। महिलाओं ने पहले भी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हुए इसी बैंक से लोन लिया था, जिसकी किस्तें व समय पर अदा करती आ रही हैं। जो भी पात्र शर्तें पूरी करेगी उसे तुरंत लोन उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
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सुरेंद्र सिंह, मैनेजर बैंक