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वरिष्ठ नागरिक भवन में रखी अलमारी का ताला तोड़ा
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:02 AM IST
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वरिष्ठ नागरिक भवन में रखी अलमारी का ताला तोड़ा, प्रधान रामनारायण रावल ने दी थाना शहर में शिकायत
कहा- एक ओर तो थाने में शिकायत दी हुई है कि मैं चाबी व रिकॉर्ड लेकर भाग गया, दूसरी ओर फोटो में अलमारी का ताला तोड़ते नजर आ रहे शिकायत देने वाले
दूसरे गुट ने कहा- वे नियमानुसार प्रधान, चेक व अन्य रिकॉर्ड के कारण दी थी रामनारायण के खिलाफ शिकायत
अलमारी का ताला तोड़ा नहीं गया, बल्कि खराब होने के कारण ठीक करवाया गया
फोटो संख्या-20, 21 व 22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वरिष्ठ नागरिक भवन में एक बार फिर से दो गुट आमने-सामने हैं। शनिवार को वरिष्ठ नागरिक भवन में रखी अलमारी का ताला एक गुट ने मैकेनिक बुलाकर तुड़वा दिया। जबकि दूसरे गुट ने पुलिस में शिकायत दी है कि अलमारी का ताला तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस को दी शिकायत में रामनारायण रावल ने कहा कि वे रजिस्टर्ड संस्था के प्रधान हैं। उनके खिलाफ वरिष्ठ नागरिक रुलदू राम, यशवीर आर्य, सुभाष वर्मा ने डीसी को शिकायत दी हुई है कि वे वरिष्ठ नागरिक भवन की चाबी व संस्था का रिकॉर्ड लेकर भाग गए हैं। जबकि उन्होंने ऐसा नहीं किया। भवन की चाबी नगर परिषद ईओ कार्यालय में रहती है। इन्होंने प्रशासन को गुमराह करके व उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह झूठी शिकायत दी है। शनिवार को उक्त आरोपी सहित कुछ अन्य व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक भवन में मौजूद थे। जहां उन्होंने संस्था के अलमारी का ताला तोड़कर रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया। जिसका ताला तोड़ते हुए फोटो भी उनके पास है। इसलिए अलमारी का ताला तोड़ने व बदनाम करने की झूठी शिकायत पर उक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रामनारायण रावल ने कहा कि इससे पहले भी समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की गई जांच में स्पष्ट हो चुका है कि वे ही नियमानुसार प्रधान हैं। दूसरे गुट के प्रधान के दावेदार फर्जी पाए गए थे।
दूसरे गुट की ओर से नए प्रधान बने रुलदू राम ने कहा कि 18 नवंबर 2018 को उन्हें प्रधान बनाया गया है। गत 22 अगस्त 2016 को रामनारायण को हटा दिया गया था। इसके बाद राम सिंह प्रधान बन गए थे। उन्हें ताले व चाबी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने यहां पहली बैठक की है। यशवीर आर्य ने सारे ताले खोले हैं।
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वहीं नगर परिषद से चाबी लेकर आने वाले यशवीर आर्य ने कहा कि अलमारी में रिकॉर्ड उनका है। इसकी एक चाबी भी उनके पास थी। ताला तोड़ा नहीं गया, बल्कि खराब होने पर इसे बदला गया है। इसके लिए मैकेनिक बुलाया गया। यदि किसी का कोई रिकॉर्ड है तो वह वहीं पड़ा होगा। डीसी को दी गई रामनारायण के खिलाफ शिकायत पर यशवीर आर्य ने कहा कि पहले चाबी उनके पास थी, जब वे प्रधान थे। जब सूबेदार राम सिंह प्रधान बने तो चाबी सूबेदार राम सिंह के पास आ गई। लेकिन चेकबुक व कुछ अन्य रिकॉर्ड व एक चाबी रामनारायण के पास है, इसलिए उनके खिलाफ शिकायत दी गई। वे बैंक से पैसे लेते रहे। इसके बाद बैंक से जाकर लेन-देन रुकवाया गया है। शनिवार को कार्यकारिणी की बैठक थी। जिसमें रविवार को करनाल में राज्यस्तरीय बैठक है, उसको लेकर विचार-विमर्श किया है। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी ने बताया कि परिषद से भवन की चाबी यशवीर आर्य लेकर गए थे। चाबी उन्हीं के पास है।
विदित रहे कि पहले भी दो गुटों में भवन को लेकर विवाद रहा है। जिस कारण जून 2018 में वरिष्ठ नागरिक भवन की चाबी डीसी कैथल ने ईओ नगर परिषद को सौंप दी थी। जिसमें दोनों गुटों को अनुमति दी गई थी कि वहां से चाबी लेकर कोई भी गुट बैठक कर सकता है। बाद में भवन की चाबी ईओ कार्यालय में ही जमा करवानी होगी। अब अलमारी का ताला तोड़ने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
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कहा- एक ओर तो थाने में शिकायत दी हुई है कि मैं चाबी व रिकॉर्ड लेकर भाग गया, दूसरी ओर फोटो में अलमारी का ताला तोड़ते नजर आ रहे शिकायत देने वाले
दूसरे गुट ने कहा- वे नियमानुसार प्रधान, चेक व अन्य रिकॉर्ड के कारण दी थी रामनारायण के खिलाफ शिकायत
अलमारी का ताला तोड़ा नहीं गया, बल्कि खराब होने के कारण ठीक करवाया गया
फोटो संख्या-20, 21 व 22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वरिष्ठ नागरिक भवन में एक बार फिर से दो गुट आमने-सामने हैं। शनिवार को वरिष्ठ नागरिक भवन में रखी अलमारी का ताला एक गुट ने मैकेनिक बुलाकर तुड़वा दिया। जबकि दूसरे गुट ने पुलिस में शिकायत दी है कि अलमारी का ताला तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस को दी शिकायत में रामनारायण रावल ने कहा कि वे रजिस्टर्ड संस्था के प्रधान हैं। उनके खिलाफ वरिष्ठ नागरिक रुलदू राम, यशवीर आर्य, सुभाष वर्मा ने डीसी को शिकायत दी हुई है कि वे वरिष्ठ नागरिक भवन की चाबी व संस्था का रिकॉर्ड लेकर भाग गए हैं। जबकि उन्होंने ऐसा नहीं किया। भवन की चाबी नगर परिषद ईओ कार्यालय में रहती है। इन्होंने प्रशासन को गुमराह करके व उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह झूठी शिकायत दी है। शनिवार को उक्त आरोपी सहित कुछ अन्य व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक भवन में मौजूद थे। जहां उन्होंने संस्था के अलमारी का ताला तोड़कर रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया। जिसका ताला तोड़ते हुए फोटो भी उनके पास है। इसलिए अलमारी का ताला तोड़ने व बदनाम करने की झूठी शिकायत पर उक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रामनारायण रावल ने कहा कि इससे पहले भी समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की गई जांच में स्पष्ट हो चुका है कि वे ही नियमानुसार प्रधान हैं। दूसरे गुट के प्रधान के दावेदार फर्जी पाए गए थे।
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दूसरे गुट की ओर से नए प्रधान बने रुलदू राम ने कहा कि 18 नवंबर 2018 को उन्हें प्रधान बनाया गया है। गत 22 अगस्त 2016 को रामनारायण को हटा दिया गया था। इसके बाद राम सिंह प्रधान बन गए थे। उन्हें ताले व चाबी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने यहां पहली बैठक की है। यशवीर आर्य ने सारे ताले खोले हैं।
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वहीं नगर परिषद से चाबी लेकर आने वाले यशवीर आर्य ने कहा कि अलमारी में रिकॉर्ड उनका है। इसकी एक चाबी भी उनके पास थी। ताला तोड़ा नहीं गया, बल्कि खराब होने पर इसे बदला गया है। इसके लिए मैकेनिक बुलाया गया। यदि किसी का कोई रिकॉर्ड है तो वह वहीं पड़ा होगा। डीसी को दी गई रामनारायण के खिलाफ शिकायत पर यशवीर आर्य ने कहा कि पहले चाबी उनके पास थी, जब वे प्रधान थे। जब सूबेदार राम सिंह प्रधान बने तो चाबी सूबेदार राम सिंह के पास आ गई। लेकिन चेकबुक व कुछ अन्य रिकॉर्ड व एक चाबी रामनारायण के पास है, इसलिए उनके खिलाफ शिकायत दी गई। वे बैंक से पैसे लेते रहे। इसके बाद बैंक से जाकर लेन-देन रुकवाया गया है। शनिवार को कार्यकारिणी की बैठक थी। जिसमें रविवार को करनाल में राज्यस्तरीय बैठक है, उसको लेकर विचार-विमर्श किया है। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी ने बताया कि परिषद से भवन की चाबी यशवीर आर्य लेकर गए थे। चाबी उन्हीं के पास है।
विदित रहे कि पहले भी दो गुटों में भवन को लेकर विवाद रहा है। जिस कारण जून 2018 में वरिष्ठ नागरिक भवन की चाबी डीसी कैथल ने ईओ नगर परिषद को सौंप दी थी। जिसमें दोनों गुटों को अनुमति दी गई थी कि वहां से चाबी लेकर कोई भी गुट बैठक कर सकता है। बाद में भवन की चाबी ईओ कार्यालय में ही जमा करवानी होगी। अब अलमारी का ताला तोड़ने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।