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ैथल में पेट्रोल की कीमत बढ़कर
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:27 AM IST
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पट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों से परचून से लेकर निर्माण सामग्री के दाम छू रहे आसमान
कैथल में पेट्रोल की कीमत 81.24 रुपये पहुंची, डीजल 73 के पार, ट्रांसपोर्टर्स का धंधा चौपट,
कहा-लंबी दूरी को छोड़कर शेष काम ही नहीं बचा
फोटो नंबर-5, 7, 33, 34, 35
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। शहर में भी पेट्रोल का भाव 81.24 और डीजल 73.74 रुपये प्रति लीटर हो गया। डीजल का यह रेट अब तक का सर्वाधिक है। पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि होने के कारण चौतरफा हाहाकार मचा हुआ है। बढ़े हुए दामों के कारण परचून का सामान से लेकर निर्माण सामग्री के दाम आसमान छूने लगे हैं। जिस कारण लोगों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। हालांकि डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी मंडी में सब्जियों पर तो असर नहीं पड़ा। लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण इनके दामों में भी पांच से दस रुपये का इजाफा हुआ है।
कैथल आर्यन एंड हार्डवेयर एसोसिएशन के सचिव रवि जैन ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से सरिये के रेट में 200 से 350 रुपये का इजाफा हुआ है। ट्रांसपोर्ट का रेट बढ़ने के कारण सरिये का दाम बढ़ा है। उन्होंने बताया कि डीजल के दाम 70 रुपये से कम होने के समय में 4500 रुपये क्ंिवटल था, जो अब 4850 रुपये हो गया है। इसके साथ ही रेत व सीमेंट में 50 से 60 रुपये बढ़ा है। इसके साथ ही यहां आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जैन ने बताया कि जो ग्राहक मटेरियल खरीदने के बाद माल लोड करने के लिए 500 रुपये भाड़ा देता था वो अब 650 से 700 रुपये भाड़े के रूप में देता है।
परचून में बढ़ा मावे के दाम : परचून के दुकानदार प्रशांत मक्कड़ ने बताया कि डीजल का रेट बढ़ने के कारण विदेश से आना वाला मेवा 100 से 250 रुपये तक मंहगा हुआ है। बादाम पहले 590 रुपये था वो अब 700 रुपये, किशमिश जो पहले 180 थी वह अब 300 रुपये, अखरोट पहले 350 वह अब 550 रुपये हो गई है। इसी प्रकार से जीरा पहले 180 रुपये था, वह 240 रुपये हो गया है।
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एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल की कीमतों का फर्क : जानकारी के अनुसार 2017 में जहां डीजल की कीमत 56.50 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं पेट्रोल 72.40 रुपये पर प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा था। लेकिन अब लगभग एक वर्ष के बाद जहां डीजल की कीमत 73 रुपये से अधिक हो चुकी है। वहीं पेट्रोल के दाम 81.24 रुपये प्रति लीटर है।
बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टेशन का धंधा चौपट, टैक्सी चालकों को परेशानियां : चालक विजेंद्र, मोहन लाल, कर्मबीर ने कहा कि जिस समय डीजल 60 रुपये था उस समय आठ रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से बुकिंग की जाती थी। अब 70 से 72 रुपये हो गया है तो भी वहीं रेट में बुकिंग होती है। जबकि अब छोटी गाड़ी केे रेट 11 रुपये तो बड़ी गाड़ी का 15 रुपये होना चाहिए। पिछले कई महीनों से बढ़ रहे पेट्रोल व डीजल के दामों से आम जनता का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
सब्जी मंडी में बढ़े घीया व तोरी के दाम : किसान श्रवण सैनी ने बताया कि बढ़ी हुई डीजल की कीमत के कारण किसानों द्वारा भी आढ़तियों को दी जाने वाली सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। इस मौसम में सबसे अधिक घीया व तोरी की पैदावार हो रही है। इसके दाम दोगुने हुए हैं। पहले तोरी 10 तो घीया 15 रुपये होती थी अब तोरी 20 व घीया 25 रुपये हो गई है।
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कैथल में पेट्रोल की कीमत 81.24 रुपये पहुंची, डीजल 73 के पार, ट्रांसपोर्टर्स का धंधा चौपट,
कहा-लंबी दूरी को छोड़कर शेष काम ही नहीं बचा
फोटो नंबर-5, 7, 33, 34, 35
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। शहर में भी पेट्रोल का भाव 81.24 और डीजल 73.74 रुपये प्रति लीटर हो गया। डीजल का यह रेट अब तक का सर्वाधिक है। पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि होने के कारण चौतरफा हाहाकार मचा हुआ है। बढ़े हुए दामों के कारण परचून का सामान से लेकर निर्माण सामग्री के दाम आसमान छूने लगे हैं। जिस कारण लोगों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। हालांकि डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी मंडी में सब्जियों पर तो असर नहीं पड़ा। लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण इनके दामों में भी पांच से दस रुपये का इजाफा हुआ है।
कैथल आर्यन एंड हार्डवेयर एसोसिएशन के सचिव रवि जैन ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से सरिये के रेट में 200 से 350 रुपये का इजाफा हुआ है। ट्रांसपोर्ट का रेट बढ़ने के कारण सरिये का दाम बढ़ा है। उन्होंने बताया कि डीजल के दाम 70 रुपये से कम होने के समय में 4500 रुपये क्ंिवटल था, जो अब 4850 रुपये हो गया है। इसके साथ ही रेत व सीमेंट में 50 से 60 रुपये बढ़ा है। इसके साथ ही यहां आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जैन ने बताया कि जो ग्राहक मटेरियल खरीदने के बाद माल लोड करने के लिए 500 रुपये भाड़ा देता था वो अब 650 से 700 रुपये भाड़े के रूप में देता है।
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परचून में बढ़ा मावे के दाम : परचून के दुकानदार प्रशांत मक्कड़ ने बताया कि डीजल का रेट बढ़ने के कारण विदेश से आना वाला मेवा 100 से 250 रुपये तक मंहगा हुआ है। बादाम पहले 590 रुपये था वो अब 700 रुपये, किशमिश जो पहले 180 थी वह अब 300 रुपये, अखरोट पहले 350 वह अब 550 रुपये हो गई है। इसी प्रकार से जीरा पहले 180 रुपये था, वह 240 रुपये हो गया है।
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एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल की कीमतों का फर्क : जानकारी के अनुसार 2017 में जहां डीजल की कीमत 56.50 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं पेट्रोल 72.40 रुपये पर प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा था। लेकिन अब लगभग एक वर्ष के बाद जहां डीजल की कीमत 73 रुपये से अधिक हो चुकी है। वहीं पेट्रोल के दाम 81.24 रुपये प्रति लीटर है।
बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टेशन का धंधा चौपट, टैक्सी चालकों को परेशानियां : चालक विजेंद्र, मोहन लाल, कर्मबीर ने कहा कि जिस समय डीजल 60 रुपये था उस समय आठ रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से बुकिंग की जाती थी। अब 70 से 72 रुपये हो गया है तो भी वहीं रेट में बुकिंग होती है। जबकि अब छोटी गाड़ी केे रेट 11 रुपये तो बड़ी गाड़ी का 15 रुपये होना चाहिए। पिछले कई महीनों से बढ़ रहे पेट्रोल व डीजल के दामों से आम जनता का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
सब्जी मंडी में बढ़े घीया व तोरी के दाम : किसान श्रवण सैनी ने बताया कि बढ़ी हुई डीजल की कीमत के कारण किसानों द्वारा भी आढ़तियों को दी जाने वाली सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। इस मौसम में सबसे अधिक घीया व तोरी की पैदावार हो रही है। इसके दाम दोगुने हुए हैं। पहले तोरी 10 तो घीया 15 रुपये होती थी अब तोरी 20 व घीया 25 रुपये हो गई है।