फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   सरकार की गलत नितियों के कारण प्रदेश में व्यापार पिछड़ता जा रहा है- बजरंग गर्ग

सरकार की गलत नितियों के कारण प्रदेश में व्यापार पिछड़ता जा रहा है- बजरंग गर्ग

Sun, 26 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
सरकार की गलत नितियों के कारण प्रदेश में व्यापार पिछड़ता जा रहा है- बजरंग गर्ग
सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश में व्यापार पिछड़ा : बजरंग गर्ग
विज्ञापन

- कैथल क्लब में व्यापारी प्रतिनिधियों की सुनीं समस्याएं
फोटो संख्या-2
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कैथल क्लब में व्यापारी प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग लगातार पिछड़ता जा रहा है। यहां तक की हरियाणा में जितने भी कृषि उपज मिले हैं, लगभग सभी नुकसान में चल रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश मिल मालिक बैंकों के लोन चुकाने की भी स्थिति में नहीं है। उनके बैंक खाते एनपीए तक हो चुके हैं। जिसका मुख्य कारण सरकार द्वारा व्यापारी व उद्योगपतियों की तरफ कोई ध्यान नहीं देना है। इस सरकार ने अपने लगभग 45 महीने के कार्यकाल में धीरे-धीरे करके लगभग 45 बार ही बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। पानी की दरें व हाउस टैक्स में बढ़ोत्तरी करने के साथ-साथ हरियाणा में हर व्यापारी व उद्योगपतियों पर नया जजिया व्यवसाय कर (ट्रेड टैक्स) और थोप दिया है। छोटे से छोटे व्यापारी चाय बेचने वाले से लेकर हर उद्योगपतियों पर व्यवसाय कर थोपा गया है। जबकि जीएसटी के तहत देश में टैक्स की दरें ज्यादा कर दी गई है, पेट्रोल व डीजल के रेट में अनाप-शनाप बढ़ोतरी किया है।
विज्ञापन

गर्ग ने कहा कि पिछली सरकार में कपास पर मार्केट फीस 80 पैसे था। इस सरकार ने 1 अगस्त 2016 से उसे बढ़ाकर 2 रुपये कर दी है। जबकि एक क्विंटल चावल की पीनाई पर 15 रुपये क्विंटल मिलते थे। जिसे घटाकर 10 रुपये कर दिए हैं। एक क्विंटल चावल पीनाई पर लगभग 70 रुपये खर्च आता है। इतना ही नहीं 100 क्विंटल जीरी में 62 किलो चावल निकलता है। मगर सरकार मिलरों से 67 किलो चावल ले रही है। सरकार ने लगभग 94 मिलरों के मालिकों के साथ-साथ उनके जो व्यापारी ग्रांटर थे उन पर मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। इतना ही नहीं किसान की जो जीरी आढ़तियों के माध्यम से मिलरों ने खरीदी है, उसका पूरा चावल मिलरों ने सरकार को दे दिया है। इसके बावजूद भी विजिलेंस विभाग के अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए आढ़तियों को नाजायज तंग कर रहे हैं। अगर सरकार प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देना चाहती है। तो बिजली के रेट 30 प्रतिशत तक कम करें, व्यापारी व उद्योगपतियों को कम ब्याज पर लोन दे, टैक्स में सरलीकरण करें व प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नए उद्योग लगाने के लिए सस्ती जमीन उपलब्ध कराने के साथ-साथ हर प्रकार की सुविधा व्यापारी व उद्योगपतियों को सरकार की तरफ से होनी चाहिए। इस मौके पर श्रवण कुमार गोयल, रजीव गुप्ता, शिवनारायण गोयल, संजय गर्ग, राहुल जैन, सिकंदर लाल गुप्ता, अशोक गोयल, अशोक सिंगला, प्रवीण चौधरी, प्रवेश खुरानिया, किशन कपूर, अशोक गोयल, राम कुमार बंसल, रजत गोयल, सोनू मचल, रवि कल्याण, ललित गोयल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed