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कोई कहे गोविंद, कोई गोपाला, मैं तो कहूं सांवरियां बांसूरी वाला पर झूमे श्रद्घालु
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:07 AM IST
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कोई कहे गोविंद, कोई गोपाला, मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरी वाला पर झूमे श्रद्धालु
फोटो नंबर-36 व 37
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इस्कॉन कुरुक्षेत्र एवं इस्कॉन प्रचार समिति की ओर से भाई उदय सिह किला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान साक्षी गोपाल दास ने कहा कि केवल भगवान की भक्ति करने से ही आत्मा को शुद्ध किया जा सकता है। जिस तरह सोना और चांदी आभूषण आग की तपिश में जलकर शुद्ध होते हैं उसी तरह भगवान की अटूट भक्ति करने से ही यह आत्मा शुद्ध हो सकती है। कथा में मुख्यातिथि के रूप में नगर परिषद की चेयरपर्सन सीमा कश्यप, विशेष अतिथि के रूप में डा. अश्वनी गर्ग, नितिन दुआ, डा. दिनेश अग्रवाल, डा. पवन थरेजा मौजूद रहे।
साक्षी गोपाल दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि हे अर्जुन यह संसार दुखों का घर है। इस दुखों से पार लगना है तो भक्ति करके बैकुंठ को जाना होगा। कथा में कोई कहे गोविंद, कोई गोपाला, मैं तो कहूं सांवरिया बांसरी वाला’ पर भी श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूमे। कथा के समापन पर सीमा कश्यप एवं अन्य अतिथियों ने श्री गीता की आरती की। इसके पश्चात विशाल भंडारा भी लगाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर दशरथी चरणदास, रामभद्र केशवदास, मोहन मुरारी दास, मीडिया प्रभारी संदीप गोयल कैलरम, विनोद भल्ला, मदन लाल अग्रवाल, डा. पवन थरेजा, मंदीप एडवोकेट, डा. ज्ञान दयौरा, अभिषेक गोयल, आशीष मितल आदि मौजूद थे।
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फोटो नंबर-36 व 37
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कैथल। इस्कॉन कुरुक्षेत्र एवं इस्कॉन प्रचार समिति की ओर से भाई उदय सिह किला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान साक्षी गोपाल दास ने कहा कि केवल भगवान की भक्ति करने से ही आत्मा को शुद्ध किया जा सकता है। जिस तरह सोना और चांदी आभूषण आग की तपिश में जलकर शुद्ध होते हैं उसी तरह भगवान की अटूट भक्ति करने से ही यह आत्मा शुद्ध हो सकती है। कथा में मुख्यातिथि के रूप में नगर परिषद की चेयरपर्सन सीमा कश्यप, विशेष अतिथि के रूप में डा. अश्वनी गर्ग, नितिन दुआ, डा. दिनेश अग्रवाल, डा. पवन थरेजा मौजूद रहे।
साक्षी गोपाल दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं कहा है कि हे अर्जुन यह संसार दुखों का घर है। इस दुखों से पार लगना है तो भक्ति करके बैकुंठ को जाना होगा। कथा में कोई कहे गोविंद, कोई गोपाला, मैं तो कहूं सांवरिया बांसरी वाला’ पर भी श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूमे। कथा के समापन पर सीमा कश्यप एवं अन्य अतिथियों ने श्री गीता की आरती की। इसके पश्चात विशाल भंडारा भी लगाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर दशरथी चरणदास, रामभद्र केशवदास, मोहन मुरारी दास, मीडिया प्रभारी संदीप गोयल कैलरम, विनोद भल्ला, मदन लाल अग्रवाल, डा. पवन थरेजा, मंदीप एडवोकेट, डा. ज्ञान दयौरा, अभिषेक गोयल, आशीष मितल आदि मौजूद थे।
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