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चलने के चंद घंटे बाद ही बुझ गई लालबती, पिहोवा चौक पर परेशानी
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:46 AM IST
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चलने के चंद घंटे बाद ही बुझ गई लालबत्ती
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
शहर के दो चौकों पर लगाई गई लाल बत्ती चंद घंटों के बाद ही बुझ गईं। जिससे जाम से मुक्ति तो क्या मिलनी थी, जाम की समस्या ओर बढ़ गई। पिहोवा चौक पर लगाई गई बत्ती दिन में कई बार बंद रही। बताया जा रहा है कि इन बत्तियों को महज बिजली आपूर्ती के भरोसे लगाया गया है। बैटरी की व्यवस्था ना होने के कारण बिजली गुल होते ही ये बत्तियां बुझ जाती हैं। जिससे लोगों को यहां वाहन रोकने का भ्रम पैदा हो जाता है। नगर परिषद द्वारा तीन चौकों पर लाल बत्ती के लिए करीब 20 लाख रुपयों को खर्च किया गया है। लेकिन जब यह काम नहीं कर रही तो अधिकारी व कर्मचारी ट्रायल होने का बहाना बना रहे हैं।
बिजली गुल होते ही बंद हो जाती है बत्ती, लोगों को भ्रम में रुकना पड़ता है:-
परिषद की ओर से 20 लाख रुपये की राशि की लागत से शहर के दो प्रमुख चौकों पर लाल बत्ती लगा दी गई हैं। लेकिन यह केवल बिजली आपूर्ती पर ही चलती हैं। इन ट्रैफिक लाइटों के लिए परिषद की और बैटरी का कोई भी प्रंबध नहीं किया गया है। जब ये बंद हो जाती हैं तो लोगों को भ्रम होता है कि बत्ती जगेगी, तभी वे आगे जाएं। इस कारण वीरवार को पिहोवा चौक पर बिजली आपूर्ती बंद होते ही लोग असमंजस में रहे।
छोटू राम चौक पर लगता जाम
शहरवासी सतीश कथूरिया ने कहा कि लाल बत्ती को परिषद की ओर से सही ढंग से नहीं लगाया गया है। यह सुचारु रुप से कार्य नहीं कर रही है। जिससे यहां पर अधिक समय तक जाम की स्थिति बन रही है। कभी लाल बत्ती चल जाती है और कभी बुझ जाती है। पुराना बस स्टैंड रोड व ढांड रोड स्थित छोटू राम चौक की ओर से आने वाली दिशा पर आउट डोर को कम किया गया है। जिस कारण करीब 300 मीटर तक जाम की स्थिति बनी रहती है। परिषद को इसका समाधान करवाना चाहिए।
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दोपहर बाद चालू की बत्तियां
करनाल रोड बाईपास चौक पर भी वीरवार बाद दोपहर लाल बत्ती चालू कर दी गई। लेकिन बैटरी की व्यवस्था यहां भी नहीं हैं। यहां नेशनल हाइवे का चौक है। बिजली गुल होने पर यहां हादसे की भी आशंका बनी हुई है।
अधिकारियों का ट्रायल का बहाना
नगर परिषद के सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि अभी लाल बत्ती के चलने में टेक्निकल समस्या के कारण ऐसा हो रहा है। फिलहाल परिषद की ओर से एक सप्ताह के लिए लाल बत्ती को ट्रायल पर चलाया गया है। ट्रायल के तुंरत बाद इसे सुचारु रुप से चला दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
शहर के दो चौकों पर लगाई गई लाल बत्ती चंद घंटों के बाद ही बुझ गईं। जिससे जाम से मुक्ति तो क्या मिलनी थी, जाम की समस्या ओर बढ़ गई। पिहोवा चौक पर लगाई गई बत्ती दिन में कई बार बंद रही। बताया जा रहा है कि इन बत्तियों को महज बिजली आपूर्ती के भरोसे लगाया गया है। बैटरी की व्यवस्था ना होने के कारण बिजली गुल होते ही ये बत्तियां बुझ जाती हैं। जिससे लोगों को यहां वाहन रोकने का भ्रम पैदा हो जाता है। नगर परिषद द्वारा तीन चौकों पर लाल बत्ती के लिए करीब 20 लाख रुपयों को खर्च किया गया है। लेकिन जब यह काम नहीं कर रही तो अधिकारी व कर्मचारी ट्रायल होने का बहाना बना रहे हैं।
बिजली गुल होते ही बंद हो जाती है बत्ती, लोगों को भ्रम में रुकना पड़ता है:-
परिषद की ओर से 20 लाख रुपये की राशि की लागत से शहर के दो प्रमुख चौकों पर लाल बत्ती लगा दी गई हैं। लेकिन यह केवल बिजली आपूर्ती पर ही चलती हैं। इन ट्रैफिक लाइटों के लिए परिषद की और बैटरी का कोई भी प्रंबध नहीं किया गया है। जब ये बंद हो जाती हैं तो लोगों को भ्रम होता है कि बत्ती जगेगी, तभी वे आगे जाएं। इस कारण वीरवार को पिहोवा चौक पर बिजली आपूर्ती बंद होते ही लोग असमंजस में रहे।
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छोटू राम चौक पर लगता जाम
शहरवासी सतीश कथूरिया ने कहा कि लाल बत्ती को परिषद की ओर से सही ढंग से नहीं लगाया गया है। यह सुचारु रुप से कार्य नहीं कर रही है। जिससे यहां पर अधिक समय तक जाम की स्थिति बन रही है। कभी लाल बत्ती चल जाती है और कभी बुझ जाती है। पुराना बस स्टैंड रोड व ढांड रोड स्थित छोटू राम चौक की ओर से आने वाली दिशा पर आउट डोर को कम किया गया है। जिस कारण करीब 300 मीटर तक जाम की स्थिति बनी रहती है। परिषद को इसका समाधान करवाना चाहिए।
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दोपहर बाद चालू की बत्तियां
करनाल रोड बाईपास चौक पर भी वीरवार बाद दोपहर लाल बत्ती चालू कर दी गई। लेकिन बैटरी की व्यवस्था यहां भी नहीं हैं। यहां नेशनल हाइवे का चौक है। बिजली गुल होने पर यहां हादसे की भी आशंका बनी हुई है।
अधिकारियों का ट्रायल का बहाना
नगर परिषद के सचिव कुलदीप मलिक ने बताया कि अभी लाल बत्ती के चलने में टेक्निकल समस्या के कारण ऐसा हो रहा है। फिलहाल परिषद की ओर से एक सप्ताह के लिए लाल बत्ती को ट्रायल पर चलाया गया है। ट्रायल के तुंरत बाद इसे सुचारु रुप से चला दिया जाएगा।