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नहीं आए एसडीएम, विकास कार्यों का टेंडर अटका
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:39 PM IST
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नहीं आए एसडीएम, विकास कार्यों का टेंडर अटका
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका गुहला में 3 करोड़ रुपये के 64 टेंडरों का मामला शायद राजनीति का शिकार हो चला है। यही कारण है कि बार-बार समय निर्धारित किए जाने के बावजूद अधिकारी विकास कार्यों के टेंडर खोलने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। वीरवार को फिर से एसडीएम के न पहुंचने के कारण टेंडर नहीं खुल पाए। इस पर चेयरमैन ने नाराजगी जताई। कहा कि, शहर के विकास में अफसर रोड़ा बने हुए हैं। इधर, इस संबंध में एसडीएम से बात करने की कोशिश की गई, मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
नगर पालिका गुहला चेयरमैन अमनदीप कौर की मांग पर डीसी सुनीता वर्मा ने एसडीएम को यहां विकास कार्यों के टेंडर खोलने के लिए बतौर प्रतिनिधि नियुक्त किया था। उनके प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद 31 अक्तूबर को टेंडर खोले जाने थे, लेकिन 9 दिनों के इंतजार के बावजूद ये टेंडर नहीं खोले जा सके हैं।
चेयरमैन अमनदीप कौर ने बताया कि वीरवार को भी एमई सहित अन्य कर्मचारी और वे स्वयं एसडीएम का इंतजार करती रहीं। लेकिन उन्होंने कई बार फोन करने के बावजूद फोन का जवाब नहीं दिया। अब अधिकारी ही शहर के विकास में रोड़ा बने हुए हैं। लगभग 3 करोड़ रुपये के 64 टेंडर खोले जाने हैं। जिनके माध्यम से शहर में धर्मशाला, नालियां, पुलिया, वार्ड की गलियों के अलावा पार्कों का काम शामिल है। अमनदीप कौर ने कहा कि राजनीतिक कारणों के चलते शहर के विकास कार्य रुके हैं। इस बारे में आला अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका गुहला में 3 करोड़ रुपये के 64 टेंडरों का मामला शायद राजनीति का शिकार हो चला है। यही कारण है कि बार-बार समय निर्धारित किए जाने के बावजूद अधिकारी विकास कार्यों के टेंडर खोलने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। वीरवार को फिर से एसडीएम के न पहुंचने के कारण टेंडर नहीं खुल पाए। इस पर चेयरमैन ने नाराजगी जताई। कहा कि, शहर के विकास में अफसर रोड़ा बने हुए हैं। इधर, इस संबंध में एसडीएम से बात करने की कोशिश की गई, मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
नगर पालिका गुहला चेयरमैन अमनदीप कौर की मांग पर डीसी सुनीता वर्मा ने एसडीएम को यहां विकास कार्यों के टेंडर खोलने के लिए बतौर प्रतिनिधि नियुक्त किया था। उनके प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद 31 अक्तूबर को टेंडर खोले जाने थे, लेकिन 9 दिनों के इंतजार के बावजूद ये टेंडर नहीं खोले जा सके हैं।
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चेयरमैन अमनदीप कौर ने बताया कि वीरवार को भी एमई सहित अन्य कर्मचारी और वे स्वयं एसडीएम का इंतजार करती रहीं। लेकिन उन्होंने कई बार फोन करने के बावजूद फोन का जवाब नहीं दिया। अब अधिकारी ही शहर के विकास में रोड़ा बने हुए हैं। लगभग 3 करोड़ रुपये के 64 टेंडर खोले जाने हैं। जिनके माध्यम से शहर में धर्मशाला, नालियां, पुलिया, वार्ड की गलियों के अलावा पार्कों का काम शामिल है। अमनदीप कौर ने कहा कि राजनीतिक कारणों के चलते शहर के विकास कार्य रुके हैं। इस बारे में आला अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा रहा है।
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