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जिला खेल अधिकारी का कार्यालय बदला तो बदल गई जिला स्टेडियम की तस्वीर
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:18 AM IST
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जिला खेल अधिकारी का कार्यालय बदला तो बदल गई जिला स्टेडियम की तस्वीर
12 करोड़ के बजट से बने जिला खेल स्टेडियम में न पीने का पानी, न दौड़ने के लिए कोई ट्रैक
स्टेडियम में फैला जंगली घास, इंडोर स्टेडियम की भी हालत खस्ता
फोटो नंबर-20 से 23
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरु गोबिंद सिह खेल स्टेडियम की हालत जिला खेल अधिकारी के कार्यालय के बदलने के बाद बदतर हो गई है। यहां पर प्रैक्टिस के लिए आने वाले खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जब से यहां से जिला खेल अधिकारी का कार्यालय कैथल शिफ्ट हुआ है, तभी से यहां पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। वहीं दूसरी और इस मैदान से लेकर इसमें बने ट्रैक की हालत इतनी खराब हो गई है कि यहां पर खिलाड़ी अभ्यास तक नहीं कर पाते। सरकार द्वारा इस खेल मैदान का निर्माण खिलाड़ियों को अच्छी सुविधा मुहैया करवाने के लिए किया गया था। लेकिन अब यहां खिलाड़ियों का अभ्यास करना तो दूर मैदान में पैदल तक गुजरना भी मुश्किल हो गया है।
12 करोड़ रुपये बजट से बने जिला ख्ेाल स्टेडियम के हालात बदतर : इस जिला खेल स्टेडियम को कांग्रेस की पिछली सरकार में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। जो केवल छह साल के अंदर ही दम तोड़ने लगा है। इसके हालात बद से भी बदतर हो गए हैं।
स्टेडियम में फैला जंगली घास : खिलाड़ी रिंकू ने बताया कि स्टेडियम में जंगली घास इस कदर फैल गया है कि यहां पर प्रैक्टिस पर ध्यान कम और कीड़ों व बिछुओं का डर अधिक सताता रहता है।
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इंडोर स्टेडियम की भी हालत खस्ता : खिलाड़ी मोंटी ने कहा कि यहां पर स्थित इंडोर स्टेडियम की हालत भी खस्ता हो चुकी है। अंदर खिड़कियों के दरवाजे टूट चुके है। इसके साथ ही मधुमक्खियों के छत्तों का भी साम्राज्य है। काफी परेशानी होती है।
मैंने गुरु गोबिंद सिह खेल स्टेडियम का दो बार दौरा भी कर यहां खिलाड़ियों को आ रही समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी हासिल की है। समस्या मेरे संज्ञान में है। फिलहाल इस पर अपने लेवल पर सफाई को लेकर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इसे पूरी तरह से सुधार दिया जाएगा। जिससे यहां पर खिलाड़ियों को कोई परेशानी न आ सके।
कुमारी सतविंद्र कौर, जिला खेल अधिकारी, कैथल।
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12 करोड़ के बजट से बने जिला खेल स्टेडियम में न पीने का पानी, न दौड़ने के लिए कोई ट्रैक
स्टेडियम में फैला जंगली घास, इंडोर स्टेडियम की भी हालत खस्ता
फोटो नंबर-20 से 23
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरु गोबिंद सिह खेल स्टेडियम की हालत जिला खेल अधिकारी के कार्यालय के बदलने के बाद बदतर हो गई है। यहां पर प्रैक्टिस के लिए आने वाले खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जब से यहां से जिला खेल अधिकारी का कार्यालय कैथल शिफ्ट हुआ है, तभी से यहां पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। वहीं दूसरी और इस मैदान से लेकर इसमें बने ट्रैक की हालत इतनी खराब हो गई है कि यहां पर खिलाड़ी अभ्यास तक नहीं कर पाते। सरकार द्वारा इस खेल मैदान का निर्माण खिलाड़ियों को अच्छी सुविधा मुहैया करवाने के लिए किया गया था। लेकिन अब यहां खिलाड़ियों का अभ्यास करना तो दूर मैदान में पैदल तक गुजरना भी मुश्किल हो गया है।
12 करोड़ रुपये बजट से बने जिला ख्ेाल स्टेडियम के हालात बदतर : इस जिला खेल स्टेडियम को कांग्रेस की पिछली सरकार में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। जो केवल छह साल के अंदर ही दम तोड़ने लगा है। इसके हालात बद से भी बदतर हो गए हैं।
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स्टेडियम में फैला जंगली घास : खिलाड़ी रिंकू ने बताया कि स्टेडियम में जंगली घास इस कदर फैल गया है कि यहां पर प्रैक्टिस पर ध्यान कम और कीड़ों व बिछुओं का डर अधिक सताता रहता है।
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इंडोर स्टेडियम की भी हालत खस्ता : खिलाड़ी मोंटी ने कहा कि यहां पर स्थित इंडोर स्टेडियम की हालत भी खस्ता हो चुकी है। अंदर खिड़कियों के दरवाजे टूट चुके है। इसके साथ ही मधुमक्खियों के छत्तों का भी साम्राज्य है। काफी परेशानी होती है।
मैंने गुरु गोबिंद सिह खेल स्टेडियम का दो बार दौरा भी कर यहां खिलाड़ियों को आ रही समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी हासिल की है। समस्या मेरे संज्ञान में है। फिलहाल इस पर अपने लेवल पर सफाई को लेकर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इसे पूरी तरह से सुधार दिया जाएगा। जिससे यहां पर खिलाड़ियों को कोई परेशानी न आ सके।
कुमारी सतविंद्र कौर, जिला खेल अधिकारी, कैथल।