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किसानों ने भी रात को ठीकरी पहरा लगाने का किया एलान, बढ़ेगी समस्या
Updated Fri, 04 May 2018 12:08 AM IST
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किसानों ने भी रात को ठीकरी पहरा लगाने का किया एलान, बढ़ेगी समस्या
आखिर कब मिलेगी शहर के लोगों से जगह जगह पड़े गंदगी के ढेर से मुक्ति
किसानों के धरने के कारण कचरा उठान न होने से लोगों का जीना हुआ दुर्भर
छह बार परिषद भी बदल चुका है कचरा डालने का स्थान, परिषद ने जगह जगह बना दिए डंपिंग स्टेशन
परिषद के अधिकारियों सहित प्रशासन भी बैठा है मौन
फोटो नंबर-3 से 5
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग स्टेशन के सामने किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद से शहर के लोगों की समस्या का समाधान होने की बजाय उनकी समस्या लगातार बढ़ रही है। डंपिंग यार्ड में कचरा न डालने के कारण परिषद ने भी पिछले 12 दिनों से शहर के कई स्थानों को डंपिंग यार्ड बना दिया है। वहीं भाकियू के बैनर तले धरने पर बैठे किसान भी अपनी मांग पर अड़े हैं। उन्होंने बुधवार को हुई महापंचायत के बाद रात को भी ठीकरी पहरा लगाने का एलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि परिषद की ओर से अब रात के समय में कचरा डालने का प्रयास किया जा सकता है। इस कारण वह अब रात को भी धरना स्थल पर बैठकर ठीकरी पहरा देंगे।
आखिर कब मिलेगी शहर के लोगों गंदगी के ढेर से मुक्ति:-
किसानों के विरोध के बाद डंपिंग स्टेशन पर कचरा न डालने के कारण शहर में जगह जगह पड़ी गंदगी के ढेर लोगों के लिए परेशान की सबब बन गया है। कचरा उठान न होने ने लोगों का जीना दुर्भर तक करके रख दिया है। बाजार हो या कोई मोहल्ला हर जगह अब तो कचरे के ढेर ही दिखाई देते है। आश्चर्य की बात तो यह है कि परिषद को जब यहां कचरा डालने की जगह नहीं मिल रही तो यहां पर गंदगी पड़ी रहती है। अब लोगों ने यह भी कहना शुरु कर दिया है आखिर कब मिलेगी हमें गंदगी के ढेर से मुक्ति मिलेगी? शहरवासी विजय, अमन, पुनीत, रोहित, नेहा ने कहा कि शहर में जिधर भी देखो वहां केवल गंदगी का आलम है। एक ओर तो सरकार स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर किसानों की मांग को पूरा तक न कर शहरवासियों की समस्या को लगातार बढ़ा रही है।
यहां है गंदगी का आलम:-
शहर में अंबाला, करनाल, ढांड रोड, मेन बाजार, रेलवे गेट, प्रताप गेट, सीवन गेट व चंदाना गेट पर कचरे के ढेर लगे है। यहां से नियमित रुप से कचरा का उठान नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही है।
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किसानों ने भी रात को ठीकरी पहरा लगाने का किया एलान:-
बुधवार को प्रशासन द्वारा मिले अल्टीमेटम को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अब किसानों ने रात को ठीकरी पहरा लगाने का एलान भी कर दिया है। भाकियू नेता सुखपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन की बेरुखी के चलते वह रात को भी ठीकरी पहला लगा डपिंग स्टेशन की पहरेदारी करेंगे। इस मौके पर महिंद्र सरपंच, लालू राम खुराना, राम सिंह प्रधान कै थल, जियालाल कुल्तारन, रामफल कालुवाली गामड़ी, हुकुम सिंह खुराना, अमित कुल्तारन, अमृत कालुवाली गामड़ी, मुकतारा आदि मौजूद रहे।
यह है किसानों की मांगें:-
किसानों की मांगो में आगजनी में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द देने, डपिंग स्टेशन को हटाने जैसी अन्य मांगे शामिल है।
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आखिर कब मिलेगी शहर के लोगों से जगह जगह पड़े गंदगी के ढेर से मुक्ति
किसानों के धरने के कारण कचरा उठान न होने से लोगों का जीना हुआ दुर्भर
छह बार परिषद भी बदल चुका है कचरा डालने का स्थान, परिषद ने जगह जगह बना दिए डंपिंग स्टेशन
परिषद के अधिकारियों सहित प्रशासन भी बैठा है मौन
फोटो नंबर-3 से 5
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग स्टेशन के सामने किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद से शहर के लोगों की समस्या का समाधान होने की बजाय उनकी समस्या लगातार बढ़ रही है। डंपिंग यार्ड में कचरा न डालने के कारण परिषद ने भी पिछले 12 दिनों से शहर के कई स्थानों को डंपिंग यार्ड बना दिया है। वहीं भाकियू के बैनर तले धरने पर बैठे किसान भी अपनी मांग पर अड़े हैं। उन्होंने बुधवार को हुई महापंचायत के बाद रात को भी ठीकरी पहरा लगाने का एलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि परिषद की ओर से अब रात के समय में कचरा डालने का प्रयास किया जा सकता है। इस कारण वह अब रात को भी धरना स्थल पर बैठकर ठीकरी पहरा देंगे।
आखिर कब मिलेगी शहर के लोगों गंदगी के ढेर से मुक्ति:-
किसानों के विरोध के बाद डंपिंग स्टेशन पर कचरा न डालने के कारण शहर में जगह जगह पड़ी गंदगी के ढेर लोगों के लिए परेशान की सबब बन गया है। कचरा उठान न होने ने लोगों का जीना दुर्भर तक करके रख दिया है। बाजार हो या कोई मोहल्ला हर जगह अब तो कचरे के ढेर ही दिखाई देते है। आश्चर्य की बात तो यह है कि परिषद को जब यहां कचरा डालने की जगह नहीं मिल रही तो यहां पर गंदगी पड़ी रहती है। अब लोगों ने यह भी कहना शुरु कर दिया है आखिर कब मिलेगी हमें गंदगी के ढेर से मुक्ति मिलेगी? शहरवासी विजय, अमन, पुनीत, रोहित, नेहा ने कहा कि शहर में जिधर भी देखो वहां केवल गंदगी का आलम है। एक ओर तो सरकार स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर किसानों की मांग को पूरा तक न कर शहरवासियों की समस्या को लगातार बढ़ा रही है।
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यहां है गंदगी का आलम:-
शहर में अंबाला, करनाल, ढांड रोड, मेन बाजार, रेलवे गेट, प्रताप गेट, सीवन गेट व चंदाना गेट पर कचरे के ढेर लगे है। यहां से नियमित रुप से कचरा का उठान नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही है।
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किसानों ने भी रात को ठीकरी पहरा लगाने का किया एलान:-
बुधवार को प्रशासन द्वारा मिले अल्टीमेटम को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अब किसानों ने रात को ठीकरी पहरा लगाने का एलान भी कर दिया है। भाकियू नेता सुखपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन की बेरुखी के चलते वह रात को भी ठीकरी पहला लगा डपिंग स्टेशन की पहरेदारी करेंगे। इस मौके पर महिंद्र सरपंच, लालू राम खुराना, राम सिंह प्रधान कै थल, जियालाल कुल्तारन, रामफल कालुवाली गामड़ी, हुकुम सिंह खुराना, अमित कुल्तारन, अमृत कालुवाली गामड़ी, मुकतारा आदि मौजूद रहे।
यह है किसानों की मांगें:-
किसानों की मांगो में आगजनी में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द देने, डपिंग स्टेशन को हटाने जैसी अन्य मांगे शामिल है।