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जिले के 122 गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:51 PM IST
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जिले के 122 गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश
कैथल। जिले में स्थित 488 गेस्ट टीचरों में से 122 गेस्ट टीचरों को हटाने का आदेश जारी किया गया है। इन आदेशों के तहत जिले मेें कार्यरत सबसे कनिष्ठ अतिथि अध्यापकों को हटाया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी ब्लॉकों से जूनियर गेस्ट टीचरों के बारे में जानकारी मांगी है। ताकि इनकी जगह जल्द ही नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को नियुक्त किया जा सके।
जिले में पहले 72 नवनियुक्त जेबीटी टीचर थे। जिनको स्कूल अलॉट नहीं हुए थे। लेकिन अब 50 जेबीटी टीचर और आने के बाद जिले में कुल 122 नियमित जेबीटी टीचर हो गए हैं। जिनको स्कूल अलॉट करना है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकार अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि निदेशक मौलिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों पर जिले में 122 जूनियर गेस्ट टीचरों को हटाकर जेबीटी अध्यापकों को स्टेशन देने का आदेश जारी हुए हैं। 72 जेबीटी टीचरों को स्कूल अलॉट नहीं हुए थे, अब 50 जेबीटी टीचर ओर शामिल हो गए हैं। बीईओ से जूनियर गेस्ट टीचरों के बारे में जानकारी ले जा रही है। जेबीटी टीचरों के नियुक्त होने के बाद गेस्ट टीचरों को कार्यभार से मुक्त करने के आदेश है।
एक बार फिर हाथ धोना पड़ेगा नौकरी से
इन आदेशों से उन अतिथि अध्यापकों में हड़कंप मच गया है। जो अभी तक इस रोजगार के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्हें नौकरी से हटाए जाने के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ प्रदेश महासचिव भूपेन्द्र ने बताया कि प्रदेश में 44 हजार जेबीटी अध्यापकों की आवश्यकता है। जिसमें से सरकार के पास 24 हजार जेबीटी अध्यापक पहले थे ओर 10 हजार अब नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश में 6 हजार गेस्ट टीचर हैं। इसके बावजूद 4 हजार गेस्ट टीचरों की और आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग है कि नवनियुक्त जेबीटी अध्यापकों को खाली पड़े पदों पर नियुक्त किया जाए। अगर सरकार नहीं मानती है तो सोमवार को डीईओ ऑफिस पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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कैथल। जिले में स्थित 488 गेस्ट टीचरों में से 122 गेस्ट टीचरों को हटाने का आदेश जारी किया गया है। इन आदेशों के तहत जिले मेें कार्यरत सबसे कनिष्ठ अतिथि अध्यापकों को हटाया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी ब्लॉकों से जूनियर गेस्ट टीचरों के बारे में जानकारी मांगी है। ताकि इनकी जगह जल्द ही नवचयनित जेबीटी अध्यापकों को नियुक्त किया जा सके।
जिले में पहले 72 नवनियुक्त जेबीटी टीचर थे। जिनको स्कूल अलॉट नहीं हुए थे। लेकिन अब 50 जेबीटी टीचर और आने के बाद जिले में कुल 122 नियमित जेबीटी टीचर हो गए हैं। जिनको स्कूल अलॉट करना है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकार अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि निदेशक मौलिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों पर जिले में 122 जूनियर गेस्ट टीचरों को हटाकर जेबीटी अध्यापकों को स्टेशन देने का आदेश जारी हुए हैं। 72 जेबीटी टीचरों को स्कूल अलॉट नहीं हुए थे, अब 50 जेबीटी टीचर ओर शामिल हो गए हैं। बीईओ से जूनियर गेस्ट टीचरों के बारे में जानकारी ले जा रही है। जेबीटी टीचरों के नियुक्त होने के बाद गेस्ट टीचरों को कार्यभार से मुक्त करने के आदेश है।
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एक बार फिर हाथ धोना पड़ेगा नौकरी से
इन आदेशों से उन अतिथि अध्यापकों में हड़कंप मच गया है। जो अभी तक इस रोजगार के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्हें नौकरी से हटाए जाने के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ प्रदेश महासचिव भूपेन्द्र ने बताया कि प्रदेश में 44 हजार जेबीटी अध्यापकों की आवश्यकता है। जिसमें से सरकार के पास 24 हजार जेबीटी अध्यापक पहले थे ओर 10 हजार अब नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश में 6 हजार गेस्ट टीचर हैं। इसके बावजूद 4 हजार गेस्ट टीचरों की और आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग है कि नवनियुक्त जेबीटी अध्यापकों को खाली पड़े पदों पर नियुक्त किया जाए। अगर सरकार नहीं मानती है तो सोमवार को डीईओ ऑफिस पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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