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अब खाली रही पीजी कोर्सों की सीटों पर री-अपीयर वालों को मिलेगा दाखिला
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कैथल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अब खाली रही पीजी कोर्सों की सीटों पर यूजी कक्षाओं में री-अपीयर वालों को दाखिला देने का निर्णय लिया है। जिसमें पांचवें व छठे समेस्टर में री-अपीयर होने पर दाखिला देने का फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय ने यह नियम केवल पीजी कोर्सों की सीटें खाली रहने पर ही किया है। जिससे अब अंत के वर्ष में री-अपीयर वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
एक वर्ष में री-अपीयर का पेपर करना होगा पास, नहीं तो दाखिला रद्द :
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार यदि खाली रही सीटों पर री-अपीयर वाले विद्यार्थी को दाखिला दिया जाता है तो उसे अपना री-अपीयर का पेपर एक ही साल के अंदर पास करना होगा। यदि व अपने पेपर को पास नहीं कर सकेगा तो उसका दाखिला तीसरे समेस्टर में रद्द कर दिया जाएगा।
पास आउट विद्यार्थियों को प्राथमिकता, खाली रहने पर मिलेगा मौका:
उच्चतर शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी व राजकीय कॉलेज कैथल के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल बेदी ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने सभी मान्यता प्राप्त कॉलेजों को एक पत्र जारी किया है। जिसमें केयू एक्ट 1986 के वाइस चांसलर के सेक्शन 11/5 का हवाला देकर एक ही पेपर में री-अपीयर होने पर पीजी कोर्स में दाखिला लेने के अधिकार की बात कही गई है।
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एक वर्ष में री-अपीयर का पेपर करना होगा पास, नहीं तो दाखिला रद्द :
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नियम के अनुसार यदि खाली रही सीटों पर री-अपीयर वाले विद्यार्थी को दाखिला दिया जाता है तो उसे अपना री-अपीयर का पेपर एक ही साल के अंदर पास करना होगा। यदि व अपने पेपर को पास नहीं कर सकेगा तो उसका दाखिला तीसरे समेस्टर में रद्द कर दिया जाएगा।
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पास आउट विद्यार्थियों को प्राथमिकता, खाली रहने पर मिलेगा मौका:
उच्चतर शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी व राजकीय कॉलेज कैथल के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल बेदी ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने सभी मान्यता प्राप्त कॉलेजों को एक पत्र जारी किया है। जिसमें केयू एक्ट 1986 के वाइस चांसलर के सेक्शन 11/5 का हवाला देकर एक ही पेपर में री-अपीयर होने पर पीजी कोर्स में दाखिला लेने के अधिकार की बात कही गई है।
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