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हरियाणा में बनेंगे जरुरत अनुसार औद्योगिक जोन, प्रदेश सरकार ने पकड़ी रफ्तार
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कैथल। लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद हरियाणा सरकार ने तेजी पकड़ ली है। सरकार द्वारा अब रोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसमें औद्योगिक विकास के लिए अलग-अलग जगहों पर औद्योगिक जोन स्थापित किए जाएंगे। इन औद्योगिक जोनों के लिए ग्राउंड स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है कि कौन सा क्षेत्र कौन से उद्योग के लिए मुफीद है।
एजेंसी से करवाया जा रहा है हर जिले का सर्वे : सरकार द्वारा एक एजेंसी से हर जिले का सर्वे करवाया जा रहा है। इसमें वहां पहले से मौजूद उद्योग, बंद हो चुके उद्योग, जिले में उत्पादित होने वाले कृषि इनपुट व अन्य वस्तुओं की जानकारी जुटाई जा रही है, जो किसी बड़े उद्योग का आधार बन सकती हैं। इस सर्वे में भौगोलिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का भी ध्यान दिया जा रहा है।
सर्वे के अनुसार विकसित होंगे औद्योगिक जोन : सरकारी सूत्रों के अनुसार इस सर्वे का उद्देश्य प्रदेश की सही-सही भौगोलिक स्थिति की जानकारी हासिल करना है। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी, उसी अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इस समय प्रदेश में कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों में चावल व गेहूं पर आधारित राइस मिलें ही बड़ा उद्योग हैं। इस क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग इकाइयां काफी सफल साबित हो सकती हैं। कैथल में फाउंड्री उद्योग पहले काफी अच्छे स्तर पर था, लेकिन इस समय यह लगभग दम तोड़ रहा है। सरकार यदि सर्वे आदि के माध्यम से जानकारी जुटाकर ऐसे उद्योगों को कोई राहत दे दे तो ना केवल ऐसे उद्योग बच सकेंगे, बल्कि इन उद्योगों के माध्यम से रोजगार भी सृजित हो सकते हैं।
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रोजगार के क्षेत्र में सरकार का सफलता का प्रयास : लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बावजूद रोजगार के संबंध में जो आंकड़े सामने आए हैं, अब प्रदेश सरकार उनमें सुधार करना चाहती है। यही कारण है कि अब औद्योगिक विकास पर ध्यान फोकस किया जा रहा है।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि सरकार द्वारा प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर उद्योग विकसित करने के लिए एजेंसी से सर्वे करवाया जा रहा है। कैथल में एक एजेंसी द्वारा यह सर्वे किया जा रहा है। जिसमें उद्योगों के विकास संबंधी संभावनाएं व पहले से स्थापित सभी तरह के उद्योगों की इकाइयों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह सर्वे औद्योगिक विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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एजेंसी से करवाया जा रहा है हर जिले का सर्वे : सरकार द्वारा एक एजेंसी से हर जिले का सर्वे करवाया जा रहा है। इसमें वहां पहले से मौजूद उद्योग, बंद हो चुके उद्योग, जिले में उत्पादित होने वाले कृषि इनपुट व अन्य वस्तुओं की जानकारी जुटाई जा रही है, जो किसी बड़े उद्योग का आधार बन सकती हैं। इस सर्वे में भौगोलिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का भी ध्यान दिया जा रहा है।
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सर्वे के अनुसार विकसित होंगे औद्योगिक जोन : सरकारी सूत्रों के अनुसार इस सर्वे का उद्देश्य प्रदेश की सही-सही भौगोलिक स्थिति की जानकारी हासिल करना है। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी, उसी अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इस समय प्रदेश में कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों में चावल व गेहूं पर आधारित राइस मिलें ही बड़ा उद्योग हैं। इस क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग इकाइयां काफी सफल साबित हो सकती हैं। कैथल में फाउंड्री उद्योग पहले काफी अच्छे स्तर पर था, लेकिन इस समय यह लगभग दम तोड़ रहा है। सरकार यदि सर्वे आदि के माध्यम से जानकारी जुटाकर ऐसे उद्योगों को कोई राहत दे दे तो ना केवल ऐसे उद्योग बच सकेंगे, बल्कि इन उद्योगों के माध्यम से रोजगार भी सृजित हो सकते हैं।
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रोजगार के क्षेत्र में सरकार का सफलता का प्रयास : लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बावजूद रोजगार के संबंध में जो आंकड़े सामने आए हैं, अब प्रदेश सरकार उनमें सुधार करना चाहती है। यही कारण है कि अब औद्योगिक विकास पर ध्यान फोकस किया जा रहा है।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि सरकार द्वारा प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर उद्योग विकसित करने के लिए एजेंसी से सर्वे करवाया जा रहा है। कैथल में एक एजेंसी द्वारा यह सर्वे किया जा रहा है। जिसमें उद्योगों के विकास संबंधी संभावनाएं व पहले से स्थापित सभी तरह के उद्योगों की इकाइयों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह सर्वे औद्योगिक विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान देगा।