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समय पांच बजे: ढूंढने से भी नहीं मिलती बसें....ओवरटाइम बंद होने के बाद अब गांवों के विद्यार्थियों के लिए बनी समस्या
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:41 AM IST
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शाम पांच बजे के बाद ढूंढने से भी नहीं मिलती बसें
- रोडवेज कर्मियों के ओवरटाइम बंद होने के बाद अब गांवों के विद्यार्थियों के लिए बनी समस्या
- दर्जन भर गांवों में शाम के समय जाने वाली रोडवेज की बसें बंद होने से बढ़ी परेशानियां
फोटो नंबर-34 से 36
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जब से सरकार द्वारा चालकों व परिचालकों का ओवरटाइम बंद किया गया है, तभी से गांवों में जाने वाले आधे से अधिक रूट बंद हो गए हैं। जिससे सुबह-शाम जिला मुख्यालय पर आने-जाने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम के पांच बजते ही डिपो की 130 में से 26 बसें यानी केवल 20 प्रतिशत बसें ही सड़कों पर रह जाती है। जो केवल लंबे रूटों पर होती है।
सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को : बसों के बंद होने का सबसे अधिक खामियाजा कैथल में आने वाले छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। कॉलेज व आईटीआई में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं को सरकार द्वारा निशुल्क यात्रा का लाभ भी बसों के न होने से नहीं मिल रहा है। छात्रा आशा, सोनिया, सुनीता सौंगल, गीता, सुनेना, नीतू, अंजू ने बताया कि सुबह आठ बजे से पहले व शाम पांच बजे के बाद केवल नाम मात्र बसें ही गांवों में जाने वाले रूटों पर रह जाती हैं। जिससे कई बार तो छात्राओं को रात के आठ बजे बस मिलती है।
दिल्ली व कुरुक्षेत्र की भी नहीं मिलती बसें : राजस्थान निवासी उमेश ने बताया कि वह अपने काम-काज के तहत कैथल में आता है। उसे दिल्ली जाना है। पिछले एक घंटे से दिल्ली जाने के लिए कोई बस नहीं मिली। वहीं महीपाल ने बताया कि उसे कुरुक्षेत्र जाना है लेकिन पिछले डेढ़ घंटे से बस नहीं मिली।
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इन गांवों में बंद हुई बस सेवा : रात की बस सेवा गांव कुराड़, बरटा, संगतपुरा, खरकां, अगोंध, कौल, सिरसल, बाकल, हजवाना, कुकंडा, सेरधा, पिल्लुखेड़ा, उचाना व कलायत में बंद की गई है। इन गांवों के आस-पास स्थित छोटे गांव के ग्रामीणों को इससे काफी परेशानी उठानी होगी। इन गांवों में जाने वाली 20 बसें मंगलवार से बंद कर दी गई हैं।
नहीं करवा सकते ओवरटाइम : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि रात्रि बस सेवा सरकार के आदेशों पर बंद की गई है। सरकार ने एक दिन में केवल आठ घंटे तक ही चालकों व परिचालकों की ड्यूटी तय की है। जिस कारण ओवरटाइम में कार्य नहीं करवाया जा सकता है।
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- रोडवेज कर्मियों के ओवरटाइम बंद होने के बाद अब गांवों के विद्यार्थियों के लिए बनी समस्या
- दर्जन भर गांवों में शाम के समय जाने वाली रोडवेज की बसें बंद होने से बढ़ी परेशानियां
फोटो नंबर-34 से 36
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जब से सरकार द्वारा चालकों व परिचालकों का ओवरटाइम बंद किया गया है, तभी से गांवों में जाने वाले आधे से अधिक रूट बंद हो गए हैं। जिससे सुबह-शाम जिला मुख्यालय पर आने-जाने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम के पांच बजते ही डिपो की 130 में से 26 बसें यानी केवल 20 प्रतिशत बसें ही सड़कों पर रह जाती है। जो केवल लंबे रूटों पर होती है।
सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को : बसों के बंद होने का सबसे अधिक खामियाजा कैथल में आने वाले छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। कॉलेज व आईटीआई में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं को सरकार द्वारा निशुल्क यात्रा का लाभ भी बसों के न होने से नहीं मिल रहा है। छात्रा आशा, सोनिया, सुनीता सौंगल, गीता, सुनेना, नीतू, अंजू ने बताया कि सुबह आठ बजे से पहले व शाम पांच बजे के बाद केवल नाम मात्र बसें ही गांवों में जाने वाले रूटों पर रह जाती हैं। जिससे कई बार तो छात्राओं को रात के आठ बजे बस मिलती है।
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दिल्ली व कुरुक्षेत्र की भी नहीं मिलती बसें : राजस्थान निवासी उमेश ने बताया कि वह अपने काम-काज के तहत कैथल में आता है। उसे दिल्ली जाना है। पिछले एक घंटे से दिल्ली जाने के लिए कोई बस नहीं मिली। वहीं महीपाल ने बताया कि उसे कुरुक्षेत्र जाना है लेकिन पिछले डेढ़ घंटे से बस नहीं मिली।
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इन गांवों में बंद हुई बस सेवा : रात की बस सेवा गांव कुराड़, बरटा, संगतपुरा, खरकां, अगोंध, कौल, सिरसल, बाकल, हजवाना, कुकंडा, सेरधा, पिल्लुखेड़ा, उचाना व कलायत में बंद की गई है। इन गांवों के आस-पास स्थित छोटे गांव के ग्रामीणों को इससे काफी परेशानी उठानी होगी। इन गांवों में जाने वाली 20 बसें मंगलवार से बंद कर दी गई हैं।
नहीं करवा सकते ओवरटाइम : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि रात्रि बस सेवा सरकार के आदेशों पर बंद की गई है। सरकार ने एक दिन में केवल आठ घंटे तक ही चालकों व परिचालकों की ड्यूटी तय की है। जिस कारण ओवरटाइम में कार्य नहीं करवाया जा सकता है।