{"_id":"5b92caaf867a557ea82f4c32","slug":"151536346799-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने किया 14 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ एस्मा एक्ट के तहत केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने किया 14 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ एस्मा एक्ट के तहत केस
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हड़ताल जारी, 14 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज
कर्मचारियों ने कहा-सरकार जितना दमन करेगी, कर्मचारी उतना मजबूती से करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले 12 दिनों से काम छोड़कर धरने पर बैठे बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने वीरवार देर रात्रि 14 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं केस दर्ज होने के बावजूद कर्मचारियों ने बेखौफ शुक्रवार को भी धरना जारी रखा और ऐलान किया कि सभी कर्मचारी जेल में जाने को तैयार हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हरियाणा सरकार के नोफिकेशन जारी करके हड़ताल को अवैध करार दिया था। इसमें एस्मा एक्ट के तहत हड़तालों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी 27 अगस्त से लगातार हड़ताल कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। इसीलिए हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने इस शिकायत के अनुसार केस दर्ज कर लिया है।
जिन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें कलायत सीएचसी में कार्यरत सुरेश कुमार, पीएचसी किठाना में कार्यरत सुमित, पीएचसी पाई में कार्यरत सरवन, सुष्मा सेगा, सुनील मलिक सीवन, ईशवंती सीवन, सतपाल बात्ता, जोगिंद्र करोड़ा, बसंती पट्टी अफगान, सुनीता गुहला, सुदेश पुराना अस्पताल, सुष्मा फर्श माजरा, कुसुम सेगा, जगजीत कौर दुसेरपुर शामिल हैं।
विज्ञापन
आंदोलन को नहीं दबा सकती सरकार : जोगिंदर उर्फ जोगा
कैथल। केस दर्ज किए जाने के बावजूद शुक्रवार को 12वें दिन भी कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि सरकार एफआईआर दर्ज करके कर्मचारियों की आवाज को दबा नहीं सकती। हड़ताल अध्यक्षता जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने और मंच संचालन जिला सचिव सुनील मलिक ने किया।
जिला प्रधान ने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों पर एस्मा कानून के तहत मुकदमे दर्ज करवाकर गिरफ्तारी से डराने की कोशिश न करे। अब ये आंदोलन और तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रांतीय उपमहासचिव सुरेश उचाना व सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जसवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज करवा कर सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के बजाय आंदोलन को दबाने की नाकाम कोशिश कर रही है। जिसका सर्व कर्मचारी संघ विरोध करता है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज कराने या गिरफ्तारी करने के बजाय बातचीत से स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों का समाधान करें। प्रेस प्रवक्ता श्रवण करोड़ा ने बताया कि 14 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा कानून के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इनमें छह पुरुष व आठ महिलाएं शामिल हैं। 10 सितंबर को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर विधानसभा घेराव में कर्मचारी सरकार को इसका माकूल जवाब देंगे। राज्य नगरपालिका कमेटी के उप महासचिव शिवचरण, वन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय शर्मा, फायर ब्रिगेड कच्चे कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिनंद ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की जायज मांगों का समर्थन किया।
फील्ड में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फील्ड में टीकाकरण, डेंगू व मलेरिया के सीजन में स्लाइडें बनाने, लोगों को जागरूक करने सहित स्वास्थ्य संबंधी कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स की मदद से कुछ काम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी अपील है कि कर्मचारी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटें।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कहा-सरकार जितना दमन करेगी, कर्मचारी उतना मजबूती से करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले 12 दिनों से काम छोड़कर धरने पर बैठे बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने वीरवार देर रात्रि 14 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं केस दर्ज होने के बावजूद कर्मचारियों ने बेखौफ शुक्रवार को भी धरना जारी रखा और ऐलान किया कि सभी कर्मचारी जेल में जाने को तैयार हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हरियाणा सरकार के नोफिकेशन जारी करके हड़ताल को अवैध करार दिया था। इसमें एस्मा एक्ट के तहत हड़तालों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी 27 अगस्त से लगातार हड़ताल कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। इसीलिए हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने इस शिकायत के अनुसार केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
जिन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें कलायत सीएचसी में कार्यरत सुरेश कुमार, पीएचसी किठाना में कार्यरत सुमित, पीएचसी पाई में कार्यरत सरवन, सुष्मा सेगा, सुनील मलिक सीवन, ईशवंती सीवन, सतपाल बात्ता, जोगिंद्र करोड़ा, बसंती पट्टी अफगान, सुनीता गुहला, सुदेश पुराना अस्पताल, सुष्मा फर्श माजरा, कुसुम सेगा, जगजीत कौर दुसेरपुर शामिल हैं।
विज्ञापन
आंदोलन को नहीं दबा सकती सरकार : जोगिंदर उर्फ जोगा
कैथल। केस दर्ज किए जाने के बावजूद शुक्रवार को 12वें दिन भी कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि सरकार एफआईआर दर्ज करके कर्मचारियों की आवाज को दबा नहीं सकती। हड़ताल अध्यक्षता जिला प्रधान जोगिंदर सिंह ने और मंच संचालन जिला सचिव सुनील मलिक ने किया।
जिला प्रधान ने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों पर एस्मा कानून के तहत मुकदमे दर्ज करवाकर गिरफ्तारी से डराने की कोशिश न करे। अब ये आंदोलन और तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रांतीय उपमहासचिव सुरेश उचाना व सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जसवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज करवा कर सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के बजाय आंदोलन को दबाने की नाकाम कोशिश कर रही है। जिसका सर्व कर्मचारी संघ विरोध करता है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज कराने या गिरफ्तारी करने के बजाय बातचीत से स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों का समाधान करें। प्रेस प्रवक्ता श्रवण करोड़ा ने बताया कि 14 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा कानून के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इनमें छह पुरुष व आठ महिलाएं शामिल हैं। 10 सितंबर को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर विधानसभा घेराव में कर्मचारी सरकार को इसका माकूल जवाब देंगे। राज्य नगरपालिका कमेटी के उप महासचिव शिवचरण, वन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय शर्मा, फायर ब्रिगेड कच्चे कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिनंद ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की जायज मांगों का समर्थन किया।
फील्ड में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फील्ड में टीकाकरण, डेंगू व मलेरिया के सीजन में स्लाइडें बनाने, लोगों को जागरूक करने सहित स्वास्थ्य संबंधी कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स की मदद से कुछ काम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी अपील है कि कर्मचारी हड़ताल छोड़कर काम पर लौटें।