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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए इस बार होगा विशेष टीमों का गठन
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:17 PM IST
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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विशेष टीमों का होगा गठन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेष दम उठाए जाएंगे। प्रत्येक खंड में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करके फसल अवशेष प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी सुनीता वर्मा ने कैंप कार्यालय स्थित अधिकारियों की बैठक में ये विशेष आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में जितने भी कस्टम हायरिंग सेंटर खोले गए हैं, उनकी जांच के लिए भी अधिकारियों की विशेष रूप से ड्यूटियां लगाई गई हैं। ये अधिकारी कस्टम हायरिंग सेंटरों तथा व्यक्तिगत रूप से उपकरण लेने वाले लोगों की चेकिंग करेंगे। डीसी ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर चेक करने के लिए गुहला खंड में एसडीएम गुहला संजय कुमार, कैथल खंड में एसडीएम कैथल कमलप्रीत कौर, कलायत खंड में एसडीएम कलायत जगदीप सिंह, राजौंद खंड में नगराधीश विजेंद्र कुमार, पूंडरी खंड में जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार कस्टम हायरिंग सेंटरों की चेकिंग करेंगे। उन्होंने ने कहा कि पिछले तीन सालों में जिन गांवों में फसल अवशेष जलाने के लिए ज्यादा मामले हुए हैं, उन क्षेत्रों में ज्यादा नजर रखी जाएगी। डीसी ने बताया कि सरकार की तरफ से सभी कंबाईनों पर एसएमएस लगाना जरूरी कर दिया गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। कैथल, कलायत, पूंडरी, राजौंद, ढांड क्षेत्रों में बड़े होर्डिंग्स पर फसल अवशेष प्रबंधन बारे जानकारी देते हुए फ्लैक्स लगाए जा चुके हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेष दम उठाए जाएंगे। प्रत्येक खंड में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करके फसल अवशेष प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी सुनीता वर्मा ने कैंप कार्यालय स्थित अधिकारियों की बैठक में ये विशेष आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में जितने भी कस्टम हायरिंग सेंटर खोले गए हैं, उनकी जांच के लिए भी अधिकारियों की विशेष रूप से ड्यूटियां लगाई गई हैं। ये अधिकारी कस्टम हायरिंग सेंटरों तथा व्यक्तिगत रूप से उपकरण लेने वाले लोगों की चेकिंग करेंगे। डीसी ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर चेक करने के लिए गुहला खंड में एसडीएम गुहला संजय कुमार, कैथल खंड में एसडीएम कैथल कमलप्रीत कौर, कलायत खंड में एसडीएम कलायत जगदीप सिंह, राजौंद खंड में नगराधीश विजेंद्र कुमार, पूंडरी खंड में जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार कस्टम हायरिंग सेंटरों की चेकिंग करेंगे। उन्होंने ने कहा कि पिछले तीन सालों में जिन गांवों में फसल अवशेष जलाने के लिए ज्यादा मामले हुए हैं, उन क्षेत्रों में ज्यादा नजर रखी जाएगी। डीसी ने बताया कि सरकार की तरफ से सभी कंबाईनों पर एसएमएस लगाना जरूरी कर दिया गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। कैथल, कलायत, पूंडरी, राजौंद, ढांड क्षेत्रों में बड़े होर्डिंग्स पर फसल अवशेष प्रबंधन बारे जानकारी देते हुए फ्लैक्स लगाए जा चुके हैं।
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