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हमें नहीं चाहिए 24 घंटे बिजली, जगमग योजना का विरोध कर बिजली कार्यालय के प्रवेश द्वार पर जा डटे गांव कुल्तारण के लोग
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:54 PM IST
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ग्रामीणों ने बिजली घर के मुख्य द्वार को किया बंद, बीचों-बीच बैठकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गांव कुलतारण के सैकड़ों ग्रामीणों व महिलाओं ने पिहोवा चौक स्थित बिजली घर के मुख्य द्वार के बीचों-बीच बैठकर इसे बंद कर दिया। साथ ही विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही महिला व पुरुषों ने गांव में विद्युत विभाग द्वारा लागू की जा रही जगमग योजना का विरोध किया। इसके विरोध में उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही सिविल लाइन एसएचओ जसवंत सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। एसएचओ ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और करीब एक घंटे तक गेट पर अपना कब्जा बनाए रखा। ग्रामीण मौके पर बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद कार्यकारी अभियंता महेंद्र धीमान मौके पर आए और ग्रामीणों की मांगों का ज्ञापन लिया।
किसान यूनियन के नेता सतपाल दिल्लोंवाली, सुखपाल मोठसरा, जयभगवान, कपिल, मांगेराम, बलवंत, मकंदी, पाला राम, रामकुमार कश्यम, रोशन लाल का कहना था कि ग्रामीणों के विरोध के बाद भी बिजली विभाग द्वारा गांव में जगमग योजना लागू करना सरासर गलत है। उन्होंने योजना के तहत घरों से बाहर बिजली के मीटर निकालने का भी विरोध किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि हमें नहीं चाहिए जगमग योजना, गांव से आप अपने बिजली के खंभे वापस उठा लो। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि उन्होंने एक महीने पहले विभाग के एसई को ज्ञापन देकर मांग की थी कि उन्हें गांव में जगमग योजना का लाभ नहीं चाहिए। लेकिन इसके बावजूद भी विभाग जानबूझकर ग्रामीणों पर यह योजना थोप रहा है। सतपाल ने कहा कि राज्य में आज तक जितने भी बड़े प्रदर्शन हुए उन सबके पीछे बिजली विभाग रहा है। अब फिर बिजली विभाग किसानों व मजदूरों को दुखी कर रहा है।
इसके बाद मौके पर विभाग के एक्सईएन पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बातों को सुना और कहा कि वे इस बारे में उनके आकर कार्यालय में बात कर सकते थे। इस तरह से प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। इस पर किसानों ने कहा कि वे एक माह पूर्व ही इस योजना को गांव में लागू न करने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इसके बाद भी विभाग ग्रामीणों पर यह योजना थोप रहा है। इसी के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। इसके बाद कुलतारण गांव के लोगों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी एक्सईएन को सौंपा। इसके बाद ग्रामीण गेट से हटे। इस दौरान विभाग के अंदर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियां हुईं।
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ग्रामीणों को समझाने का किया जाएगा प्रयास
एक्सईन एमएस धीमान ने कहा कि कुलतारण गांव में जगमग योजना लागू करनी है। इसके तहत एक फीडर पर तीन जगदीशपुरा, उझाना, कुलतारण गांव है। दो गांवों जगदीशपुरा व उझाना में उनका कार्य पूरा हो चुका है। कुलतारण गांव में काम शेष है। अब भारतीय किसान यूनियन के कुछ लोगों के साथ ग्रामीणों ने कैथल पहुंचकर इसका विरोध किया है। इस योजना को लागू करवाने के लिए गांव के सरपंच व अन्य लोग राजी हैं। इन लोगों को भी योजना लागू करने के लिए मना लिया जाएगा।
-जगमग योजना का विरोध, गांव कुलतारण के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा- हमें नहीं चाहिए 24 घंटे बिजली
फोटो नंबर- 7, 8, 9
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गांव कुलतारण के सैकड़ों ग्रामीणों व महिलाओं ने पिहोवा चौक स्थित बिजली घर के मुख्य द्वार के बीचों-बीच बैठकर इसे बंद कर दिया। साथ ही विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही महिला व पुरुषों ने गांव में विद्युत विभाग द्वारा लागू की जा रही जगमग योजना का विरोध किया। इसके विरोध में उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही सिविल लाइन एसएचओ जसवंत सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। एसएचओ ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और करीब एक घंटे तक गेट पर अपना कब्जा बनाए रखा। ग्रामीण मौके पर बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद कार्यकारी अभियंता महेंद्र धीमान मौके पर आए और ग्रामीणों की मांगों का ज्ञापन लिया।
किसान यूनियन के नेता सतपाल दिल्लोंवाली, सुखपाल मोठसरा, जयभगवान, कपिल, मांगेराम, बलवंत, मकंदी, पाला राम, रामकुमार कश्यम, रोशन लाल का कहना था कि ग्रामीणों के विरोध के बाद भी बिजली विभाग द्वारा गांव में जगमग योजना लागू करना सरासर गलत है। उन्होंने योजना के तहत घरों से बाहर बिजली के मीटर निकालने का भी विरोध किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि हमें नहीं चाहिए जगमग योजना, गांव से आप अपने बिजली के खंभे वापस उठा लो। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि उन्होंने एक महीने पहले विभाग के एसई को ज्ञापन देकर मांग की थी कि उन्हें गांव में जगमग योजना का लाभ नहीं चाहिए। लेकिन इसके बावजूद भी विभाग जानबूझकर ग्रामीणों पर यह योजना थोप रहा है। सतपाल ने कहा कि राज्य में आज तक जितने भी बड़े प्रदर्शन हुए उन सबके पीछे बिजली विभाग रहा है। अब फिर बिजली विभाग किसानों व मजदूरों को दुखी कर रहा है।
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इसके बाद मौके पर विभाग के एक्सईएन पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बातों को सुना और कहा कि वे इस बारे में उनके आकर कार्यालय में बात कर सकते थे। इस तरह से प्रदर्शन करना ठीक नहीं है। इस पर किसानों ने कहा कि वे एक माह पूर्व ही इस योजना को गांव में लागू न करने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इसके बाद भी विभाग ग्रामीणों पर यह योजना थोप रहा है। इसी के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। इसके बाद कुलतारण गांव के लोगों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी एक्सईएन को सौंपा। इसके बाद ग्रामीण गेट से हटे। इस दौरान विभाग के अंदर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियां हुईं।
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ग्रामीणों को समझाने का किया जाएगा प्रयास
एक्सईन एमएस धीमान ने कहा कि कुलतारण गांव में जगमग योजना लागू करनी है। इसके तहत एक फीडर पर तीन जगदीशपुरा, उझाना, कुलतारण गांव है। दो गांवों जगदीशपुरा व उझाना में उनका कार्य पूरा हो चुका है। कुलतारण गांव में काम शेष है। अब भारतीय किसान यूनियन के कुछ लोगों के साथ ग्रामीणों ने कैथल पहुंचकर इसका विरोध किया है। इस योजना को लागू करवाने के लिए गांव के सरपंच व अन्य लोग राजी हैं। इन लोगों को भी योजना लागू करने के लिए मना लिया जाएगा।
-जगमग योजना का विरोध, गांव कुलतारण के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा- हमें नहीं चाहिए 24 घंटे बिजली
फोटो नंबर- 7, 8, 9