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संभल कर रहिए, बढ़ गई हैं सांप काटने की घटनाएं
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:28 AM IST
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संभल कर रहिए, बढ़ गई हैं सांप काटने की घटनाएं
नसीब सैनी
कैथल। संभल कर रहिए! इन दिनों सांप काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ज्यादातर मामले कॉमन क्रेट के काटने के हैं। कई मामले तो चारपाई पर सांप के काटने के सामने आई हैं। मंगलवार को ही सांप काटने के छह पीड़ित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए। वहीं एक माह में सांप काटने के 50 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें दो बच्चों की मौत तक हो चुकी है। इससे सजग रहने की जरूरत है। इस संबंध में जीव विज्ञानियों का कहना है कि, पेस्टीसाइड के बढ़ते उपयोग से सांपों का प्राकृतिक भोजन खत्म होता जा रहा है, जिसकी वजह से सांपों का रुख आबादी की ओर हो रहा है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है।
केस नंबर 1. शाह अस्पताल में दाखिल गांव रोहेड़ियां निवासी 24 वर्षीय तरसेम के चाचा तेजभान ने बताया कि रात को तरसेम करीब साढ़े बारह बजे अपनी चारपाई पर सोया हुआ था। उसकी कमर में सांप ने डस लिया। इसके बाद उसने खुद सांप को दूर हटाया। बाद में उस सांप को मार दिया। वे उसे लेकर यहां अस्पताल पहुंचे। करीब 5 घंटे बाद जहर का असर ज्यादा हुआ और उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। अब उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
केस नंबर 2: यहां पर अपने बेटे का इलाज करवा रहे गांव सांघन निवासी सुखबीर ने बताया कि 15 दिन पहले उसके हाथ पर सांप ने काट लिया था। इसके बाद शनिवार की रात को सोए हुए उसके 22 वर्षीय बेटे को डस लिया। अब वह वेंटिलेटर पर है। उन्होंने सांप को मार दिया।
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केस नंबर 3-गांव दुंधरेहड़ी निवासी मूर्ती देवी ने बताया कि उसके 22 साल के बेटे प्रदीप को रात को सोते हुए चारपाई पर सांप ने काट लिया। अब वह यहां वेंटिलेटर पर है।
केस नंबर 4-बिहार के रामकुमार ने बताया कि उनका साथी सुशील चना गोदाम में सोया हुआ था। चंदाना रोड पर सांप ने उसे रात को सोए हुए डस लिया।
केस नंबर-5 काकौल निवासी पिंकी ने बताया कि उसकी छोटी बहन 23 साल की पूजा को सुबह 4 बजे बेड के ऊपर आकर सांप ने हाथ में काट लिया। अब वह यहां वेंटिलेटर पर है।
केस नंबर 6-बच्चे की मौत, मां वेंटिलेटर पर:-इसी अस्पताल में गांव बाकल से एक महिला दाखिल है। जिसे सांप ने रात को सोते हुए डस लिया। उसके चार साल के बच्चे की मौत हो चुकी है। उसे भी सांप ने डसा था।
ऐसा है कॉमन क्रेट का स्वभाव
1. घरों के आस-पास तालाब या पानी हो, वहां कॉमन क्रेट अधिक पाया जाता है।
4. जरूरी नहीं है कि झाड़ियों और तालाब के पास ही मिले, साफ-सुथरे और पक्के घरों में बेड पर लोगों को कॉमन क्रेट ने काटा है।
5. गर्दन से ऊपर काट ले तो जहर के लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं। नीचे काटने पर कई घंटों बाद जहर का असर होता है।
6. एक बार किसी को डस ले तो पूरे घर की तलाशी जरूर लें, क्योंकि यह एक बार डसने के बाद दोबारा फिर से उसी घर में दूसरे व्यक्ति को डसता है।
सांप के काटने के बाद लक्षण:
इस सांप के काटने के बाद कई बार पता नहीं चलता। ऐसे में ये लक्षण सामने आएं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं-
1. सांप के काटने का पता न चलने पर यदि गले में घुटन महसूस हो।
2. कुछ भी निगला न जा रहा हो।
3. सांस लेने में परेशानी हो।
4. ज्यादा असर होने पर शरीर पूरी तरह से पैरालाइज हो जाता है।
ज्यादातर मामले कॉमन क्रेट के काटने के हैं, इसका इलाज है..
शाह अस्पताल मेें चिकित्सक डा. राजेश शर्मा ने बताया कि पिछले दो-तीन माह से सांप द्वारा डसने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ज्यादातर मामले कॉमने क्रेट नामक प्रजाति के सांप काटने के आ रहे हैं। वैसे तो 90 प्रतिशत सांप जहर रहित होते हैं, लेकिन कॉमन क्रेट की प्रजाति जहरीली है, लेकिन मेडिकल साइंस में इस सांप के जहर का पूरी तरह से इलाज है। लोग झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। लक्षण महसूस होते ही तुरंत इलाज कराएं। जितने भी मामले आए हैं। उनमें सांप ने सोते हुए बेड या चारपाई पर चढक़र लोगों को डसा है। लोग सावधानी बरतें। घरों में साफ-सफाई के साथ-साथ, बेड आदि को पूरी तरह से जांचते रहें।
पेस्टीसाइड के प्रयोग से प्राकृतिक भोजन खत्म हो रहा है, इससे बस्ती की ओर आ रहे हैं...
जीव विज्ञान के प्रोफेसर गगन मित्तल ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाता है तो उन्हें वहां रहने में परेशानी होती है। ये इस सीजन में बाहर निकलते हैं। दूसरा कारण यह भी है कि पेस्टीसाइड की वजह से उनका प्राकृतिक भोजन खत्म हो रहा है। जिस कारण वे घरों की ओर निकलते हैं। इसी कारण बस्तियों की ओर सांप आ रहे हैं। इसी सीजन में यह अधिक सामने आता है। चारपाई या बेड पर न चढ़ने की बातें मिथक हैं। सांप कहीं भी जाकर काट सकता है। इस एरिया में कॉमन क्रेट नामक प्रजाति भी पाई जाती है। यहां कहीं कहीं कोबरा भी देखने को मिलता है।
लोग सावधानी बरतें
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने कहा कि खेतों में कीटनाशकों व पेस्टीसाइड के अधिक प्रयोग के कारण सांप बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। खेतों में दवाओं के ज्यादा प्रयोग के कारण उन्हें खेतों में रहने में परेशानी होती है तो जाहिर सी बात है कि वे कहीं तो जाएंगे। लोग सावधानी बरतें।
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नसीब सैनी
कैथल। संभल कर रहिए! इन दिनों सांप काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ज्यादातर मामले कॉमन क्रेट के काटने के हैं। कई मामले तो चारपाई पर सांप के काटने के सामने आई हैं। मंगलवार को ही सांप काटने के छह पीड़ित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए। वहीं एक माह में सांप काटने के 50 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें दो बच्चों की मौत तक हो चुकी है। इससे सजग रहने की जरूरत है। इस संबंध में जीव विज्ञानियों का कहना है कि, पेस्टीसाइड के बढ़ते उपयोग से सांपों का प्राकृतिक भोजन खत्म होता जा रहा है, जिसकी वजह से सांपों का रुख आबादी की ओर हो रहा है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है।
केस नंबर 1. शाह अस्पताल में दाखिल गांव रोहेड़ियां निवासी 24 वर्षीय तरसेम के चाचा तेजभान ने बताया कि रात को तरसेम करीब साढ़े बारह बजे अपनी चारपाई पर सोया हुआ था। उसकी कमर में सांप ने डस लिया। इसके बाद उसने खुद सांप को दूर हटाया। बाद में उस सांप को मार दिया। वे उसे लेकर यहां अस्पताल पहुंचे। करीब 5 घंटे बाद जहर का असर ज्यादा हुआ और उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। अब उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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केस नंबर 2: यहां पर अपने बेटे का इलाज करवा रहे गांव सांघन निवासी सुखबीर ने बताया कि 15 दिन पहले उसके हाथ पर सांप ने काट लिया था। इसके बाद शनिवार की रात को सोए हुए उसके 22 वर्षीय बेटे को डस लिया। अब वह वेंटिलेटर पर है। उन्होंने सांप को मार दिया।
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केस नंबर 3-गांव दुंधरेहड़ी निवासी मूर्ती देवी ने बताया कि उसके 22 साल के बेटे प्रदीप को रात को सोते हुए चारपाई पर सांप ने काट लिया। अब वह यहां वेंटिलेटर पर है।
केस नंबर 4-बिहार के रामकुमार ने बताया कि उनका साथी सुशील चना गोदाम में सोया हुआ था। चंदाना रोड पर सांप ने उसे रात को सोए हुए डस लिया।
केस नंबर-5 काकौल निवासी पिंकी ने बताया कि उसकी छोटी बहन 23 साल की पूजा को सुबह 4 बजे बेड के ऊपर आकर सांप ने हाथ में काट लिया। अब वह यहां वेंटिलेटर पर है।
केस नंबर 6-बच्चे की मौत, मां वेंटिलेटर पर:-इसी अस्पताल में गांव बाकल से एक महिला दाखिल है। जिसे सांप ने रात को सोते हुए डस लिया। उसके चार साल के बच्चे की मौत हो चुकी है। उसे भी सांप ने डसा था।
ऐसा है कॉमन क्रेट का स्वभाव
1. घरों के आस-पास तालाब या पानी हो, वहां कॉमन क्रेट अधिक पाया जाता है।
4. जरूरी नहीं है कि झाड़ियों और तालाब के पास ही मिले, साफ-सुथरे और पक्के घरों में बेड पर लोगों को कॉमन क्रेट ने काटा है।
5. गर्दन से ऊपर काट ले तो जहर के लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं। नीचे काटने पर कई घंटों बाद जहर का असर होता है।
6. एक बार किसी को डस ले तो पूरे घर की तलाशी जरूर लें, क्योंकि यह एक बार डसने के बाद दोबारा फिर से उसी घर में दूसरे व्यक्ति को डसता है।
सांप के काटने के बाद लक्षण:
इस सांप के काटने के बाद कई बार पता नहीं चलता। ऐसे में ये लक्षण सामने आएं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं-
1. सांप के काटने का पता न चलने पर यदि गले में घुटन महसूस हो।
2. कुछ भी निगला न जा रहा हो।
3. सांस लेने में परेशानी हो।
4. ज्यादा असर होने पर शरीर पूरी तरह से पैरालाइज हो जाता है।
ज्यादातर मामले कॉमन क्रेट के काटने के हैं, इसका इलाज है..
शाह अस्पताल मेें चिकित्सक डा. राजेश शर्मा ने बताया कि पिछले दो-तीन माह से सांप द्वारा डसने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ज्यादातर मामले कॉमने क्रेट नामक प्रजाति के सांप काटने के आ रहे हैं। वैसे तो 90 प्रतिशत सांप जहर रहित होते हैं, लेकिन कॉमन क्रेट की प्रजाति जहरीली है, लेकिन मेडिकल साइंस में इस सांप के जहर का पूरी तरह से इलाज है। लोग झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। लक्षण महसूस होते ही तुरंत इलाज कराएं। जितने भी मामले आए हैं। उनमें सांप ने सोते हुए बेड या चारपाई पर चढक़र लोगों को डसा है। लोग सावधानी बरतें। घरों में साफ-सफाई के साथ-साथ, बेड आदि को पूरी तरह से जांचते रहें।
पेस्टीसाइड के प्रयोग से प्राकृतिक भोजन खत्म हो रहा है, इससे बस्ती की ओर आ रहे हैं...
जीव विज्ञान के प्रोफेसर गगन मित्तल ने बताया कि पिछले दिनों बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाता है तो उन्हें वहां रहने में परेशानी होती है। ये इस सीजन में बाहर निकलते हैं। दूसरा कारण यह भी है कि पेस्टीसाइड की वजह से उनका प्राकृतिक भोजन खत्म हो रहा है। जिस कारण वे घरों की ओर निकलते हैं। इसी कारण बस्तियों की ओर सांप आ रहे हैं। इसी सीजन में यह अधिक सामने आता है। चारपाई या बेड पर न चढ़ने की बातें मिथक हैं। सांप कहीं भी जाकर काट सकता है। इस एरिया में कॉमन क्रेट नामक प्रजाति भी पाई जाती है। यहां कहीं कहीं कोबरा भी देखने को मिलता है।
लोग सावधानी बरतें
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने कहा कि खेतों में कीटनाशकों व पेस्टीसाइड के अधिक प्रयोग के कारण सांप बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। खेतों में दवाओं के ज्यादा प्रयोग के कारण उन्हें खेतों में रहने में परेशानी होती है तो जाहिर सी बात है कि वे कहीं तो जाएंगे। लोग सावधानी बरतें।