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जनसेवा सर्वें का कार्य देने के विरोध में जिलाभर के अध्यापकों ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:13 AM IST
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जनसेवा सर्वे का कार्य देने पर अध्यापकों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा अध्यापकों को जनसेवा सर्वे का कार्य देने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों अध्यापकों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यापकों ने धरना भी दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान सतबीर गोयत ने की। उन्होंने कहा कि सरकार कभी जनसेवा सर्वेक्षण के नाम पर तो कभी साक्षरता अभियान में नोडल अफसर बनाकर, कभी अध्यापकों को बीएलओ बनाकर लगातार महीनों महीना स्कूलों से बाहर रखने की साजिश करती है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अध्यापकों ने डीसी को ज्ञापन भी सौंपा।
वरिष्ठ शिक्षक नेता जयप्रकाश शास्त्री ,रामनिवास शर्मा व राजेश बेनीवाल ने कहा कि यदि आप चाहते हैं कि इस तरह की बेकार से हमारा पीछा छूटे तो यह बिल्कुल सही मौका है। जब सभी संगठन मिलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं यदि आज हम इस विरोध में नाकाम होते हैं और तो आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। अध्यापकों को बदनाम किया जाएगा और शिक्षा के निजीकरण की मुहिम को सरकार जोर शोर से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। जो शिक्षक और जन शिक्षा के लिए सही नहीं होगा।
डीसी ने कहा कि वह इस कार्य के लिए अध्यापकों का विकल्प ढूंढने के लिए आला आधिकारियों से बात करेंगी। इस आश्वासन के बाद अध्यापकों ने अनिश्चितकालीन धरना वापस ले लिया। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता शमशेर कालिया, सुरेश द्राविड़, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य सचिव कंवरजीत, बूटा सिंह, रामपाल शर्मा, मास्टर वर्ग एसोसिएशन के जगदीश ढुल, अमित गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार द्वारा अध्यापकों को जनसेवा सर्वे का कार्य देने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों अध्यापकों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यापकों ने धरना भी दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान सतबीर गोयत ने की। उन्होंने कहा कि सरकार कभी जनसेवा सर्वेक्षण के नाम पर तो कभी साक्षरता अभियान में नोडल अफसर बनाकर, कभी अध्यापकों को बीएलओ बनाकर लगातार महीनों महीना स्कूलों से बाहर रखने की साजिश करती है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अध्यापकों ने डीसी को ज्ञापन भी सौंपा।
वरिष्ठ शिक्षक नेता जयप्रकाश शास्त्री ,रामनिवास शर्मा व राजेश बेनीवाल ने कहा कि यदि आप चाहते हैं कि इस तरह की बेकार से हमारा पीछा छूटे तो यह बिल्कुल सही मौका है। जब सभी संगठन मिलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं यदि आज हम इस विरोध में नाकाम होते हैं और तो आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। अध्यापकों को बदनाम किया जाएगा और शिक्षा के निजीकरण की मुहिम को सरकार जोर शोर से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। जो शिक्षक और जन शिक्षा के लिए सही नहीं होगा।
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डीसी ने कहा कि वह इस कार्य के लिए अध्यापकों का विकल्प ढूंढने के लिए आला आधिकारियों से बात करेंगी। इस आश्वासन के बाद अध्यापकों ने अनिश्चितकालीन धरना वापस ले लिया। इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता शमशेर कालिया, सुरेश द्राविड़, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य सचिव कंवरजीत, बूटा सिंह, रामपाल शर्मा, मास्टर वर्ग एसोसिएशन के जगदीश ढुल, अमित गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
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