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ऑनलाइन दें गोशाला को दान
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:40 AM IST
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ऑनलाइन दें गोशाला को दान
- डीसी ने नंदीशाला का दौरा कर लोगों से की सहयोग की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी सुनीता वर्मा ने नगर परिषद द्वारा गांव भैणी माजरा में बनाई गई नंदीशाला का दौरा किया और यहां बेसहारा पशुओं को रखने के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। डीसी ने स्वयं सेवी संस्थाओं तथा लोगों से अपील की है कि वे कैथल को लावारिस पशुओं से मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई कपिस्थल नंदी गोशाला में सामर्थ्य अनुसार निरंतर दान दें। जिला प्रशासन द्वारा इस गोशाला को संचालित करने के लिए समाज के लोगों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। गोशाला में प्राप्त दान एवं खर्चे का पूर्ण ब्यौरा दो दिन में जिला की वेबसाइट पर डाला जाएगा, ताकि पूरी पारदर्शिता रहे। कोई भी गोभक्त ऑनलाइन दान दे सकता है। जिले की वेबसाइट पर इस गोशाला का बैंक खाता नंबर भी शीघ्र ही डाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि गोशाला में लगभग 280 छोटे-बड़े नंदी अलग-अलग जगहों पर रखे गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा लावारिस पशुओं को पकड़वाकर नंदीशाला में रखा जा रहा है, जहां पर उनके चारे, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नंदीशाला में ज्यादा संख्या में पोर्टेबल खुरली रखवाएं, ताकि छोटे-बड़े सभी नंदी सही प्रकार से चारा खा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगामी 15 अगस्त तक कैथल को लावारिस पशुओं से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में भी चारे के लिए बॉक्स रखवाए जाएंगे, ताकि गो भक्त इनमें चारा डाल सकें। इन बाक्सों से चारे को गोशाला पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दिन पूर्व नंदियों के लिए हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गोशाला में 5 किलोवॉट का सोलर पॉवर प्लांट भी लगाया गया है, ताकि बिजली की आपूर्ति में यह गोशाला किसी अन्य पर निर्भर न रहे। गोशाला का संचालन गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसमें 30 से ज्यादा सदस्य शामिल किए गए हैं।
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एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि सुबह-शाम दूध निकालकर पशुओं को आवारा छोडने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रथम बार पकड़ने पर 5100 रुपये, दूसरी बार पकड़ने पर 7100 रुपये जुर्माना किया जाएगा तथा तीसरी बार ऐसे पशुओं को गोशाला में ही रखा जाएगा। कांशीराम सरपंच द्वारा नंदी गोशाला को 15 सिलिंग फैन दान में दिए गए।
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- डीसी ने नंदीशाला का दौरा कर लोगों से की सहयोग की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी सुनीता वर्मा ने नगर परिषद द्वारा गांव भैणी माजरा में बनाई गई नंदीशाला का दौरा किया और यहां बेसहारा पशुओं को रखने के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। डीसी ने स्वयं सेवी संस्थाओं तथा लोगों से अपील की है कि वे कैथल को लावारिस पशुओं से मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई कपिस्थल नंदी गोशाला में सामर्थ्य अनुसार निरंतर दान दें। जिला प्रशासन द्वारा इस गोशाला को संचालित करने के लिए समाज के लोगों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। गोशाला में प्राप्त दान एवं खर्चे का पूर्ण ब्यौरा दो दिन में जिला की वेबसाइट पर डाला जाएगा, ताकि पूरी पारदर्शिता रहे। कोई भी गोभक्त ऑनलाइन दान दे सकता है। जिले की वेबसाइट पर इस गोशाला का बैंक खाता नंबर भी शीघ्र ही डाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि गोशाला में लगभग 280 छोटे-बड़े नंदी अलग-अलग जगहों पर रखे गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा लावारिस पशुओं को पकड़वाकर नंदीशाला में रखा जा रहा है, जहां पर उनके चारे, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नंदीशाला में ज्यादा संख्या में पोर्टेबल खुरली रखवाएं, ताकि छोटे-बड़े सभी नंदी सही प्रकार से चारा खा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगामी 15 अगस्त तक कैथल को लावारिस पशुओं से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में भी चारे के लिए बॉक्स रखवाए जाएंगे, ताकि गो भक्त इनमें चारा डाल सकें। इन बाक्सों से चारे को गोशाला पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दिन पूर्व नंदियों के लिए हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गोशाला में 5 किलोवॉट का सोलर पॉवर प्लांट भी लगाया गया है, ताकि बिजली की आपूर्ति में यह गोशाला किसी अन्य पर निर्भर न रहे। गोशाला का संचालन गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसमें 30 से ज्यादा सदस्य शामिल किए गए हैं।
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एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि सुबह-शाम दूध निकालकर पशुओं को आवारा छोडने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रथम बार पकड़ने पर 5100 रुपये, दूसरी बार पकड़ने पर 7100 रुपये जुर्माना किया जाएगा तथा तीसरी बार ऐसे पशुओं को गोशाला में ही रखा जाएगा। कांशीराम सरपंच द्वारा नंदी गोशाला को 15 सिलिंग फैन दान में दिए गए।