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भगवान भगत के वश में होते हैं : आचार्य सुशील
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:05 AM IST
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भगवान भगत के वश में होते हैं : आचार्य सुशील
कैथल। पूंडरी के गांव सिरसल के शिव मंदिर में श्री राम कथा का शुभारंभ किया गया। कथा आचार्य सुशील शास्त्री ने श्री रामकथा की महिमा सुनाते कहा कि श्रीराम कथा श्रवण करने से दुख, कष्ट व विपदा का नाश होता है और मनुष्य में श्रेष्ठ संस्कार, सदाचार एवं मानवीय मूल्यों का संचार होता है। आज की कथा में अहिल्या उधार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शरणागत की रक्षा और उधार करना भगवान का स्वभाव है। कथा में ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व सरपंच प्रयाग राज, ताराचंद, रामजवारी शर्मा, मदनलाल शर्मा, जगदीश, अमित शर्मा, मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद शर्मा, मामूराम, जोगा राम, रामकुमार, प्रकाश, भगवान दास, रविंद्र, बबलू, पवन शर्मा, जयदेव, डा. प्रीति शर्मा व संदीप ने अहम योगदान किया।
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कैथल। पूंडरी के गांव सिरसल के शिव मंदिर में श्री राम कथा का शुभारंभ किया गया। कथा आचार्य सुशील शास्त्री ने श्री रामकथा की महिमा सुनाते कहा कि श्रीराम कथा श्रवण करने से दुख, कष्ट व विपदा का नाश होता है और मनुष्य में श्रेष्ठ संस्कार, सदाचार एवं मानवीय मूल्यों का संचार होता है। आज की कथा में अहिल्या उधार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शरणागत की रक्षा और उधार करना भगवान का स्वभाव है। कथा में ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व सरपंच प्रयाग राज, ताराचंद, रामजवारी शर्मा, मदनलाल शर्मा, जगदीश, अमित शर्मा, मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद शर्मा, मामूराम, जोगा राम, रामकुमार, प्रकाश, भगवान दास, रविंद्र, बबलू, पवन शर्मा, जयदेव, डा. प्रीति शर्मा व संदीप ने अहम योगदान किया।