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Kaithal News: केवाईसी अपडेट के नाम पर 1.45 लाख ठगे
Fri, 08 Aug 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 08 Aug 2025 12:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। साइबर ठगों ने एक युवक को केवाईसी अपडेट करने के नाम पर झांसे में लेकर उसके तीन क्रेडिट कार्डों से 1.45 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खुराना रोड निवासी संदीप कुमार, जो कि कारपेंटर का कार्य करता है, ने बताया कि उसके पास एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड हैं। 22 जुलाई 2025 को उसे एक फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का
प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने की बात कही। संदीप ने जवाब दिया कि उसके
पास आईसीआईसीआई बैंक का कोई कार्ड नहीं है।
इसके कुछ देर बाद उसे एक और कॉल आया, जिसमें फिर वही बात दोहराई गई और पूछा गया कि क्या उसके मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक है। संदीप ने ‘हां’ कहा तो कॉल करने वाले ने उसके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेज दी, जो आईसीआईसीआई बैंक के नाम से थी। जैसे ही संदीप ने वह फाइल खोली, उसके तीनों क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग राशि कटने के मैसेज आने लगे।
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ठगों ने कुल मिलाकर 1,45,000 रुपये की रकम निकाल ली। साइबर थाना प्रभारी एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्या होती है एपीके फाइल
एपीके फाइल का उपयोग एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐप्स को इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। यह एक पैकेज फाइल है, जिसमें ऐप को चलाने के लिए आवश्यक सभी फ़ाइलें और डेटा शामिल होते हैं।
आसान भाषा में समझें
जब आप गूगल प्ले स्टोर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो वह अपने आप एपीके फाइल के रूप में फोन में इंस्टॉल हो जाती है। अगर कोई एपीके फाइल वाट्सएप, ईमेल या किसी वेबसाइट से भेजी गई हो और आपने उसे बाहरी स्रोत से इंस्टॉल किया, तो वह खतरनाक हो सकती है।
साइबर ठग कैसे उठाते हैं फायदा
n
वे फर्जी बैंक ऐप या कोई नकली केवाईसी अपडेट ऐप का एपीके बनाते हैं। फिर उसे आपको भेजकर लिंक खोलने को कहते हैं। जैसे ही आप उस एपीके फाइल को इंस्टॉल करते हैं, वह आपके फोन से डेटा चुराने, स्क्रीन रिकॉर्ड करने, पासवर्ड कॉपी करने या बैंक डिटेल हैक कर लेने में सफल हो जाते हैं।
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कैथल। साइबर ठगों ने एक युवक को केवाईसी अपडेट करने के नाम पर झांसे में लेकर उसके तीन क्रेडिट कार्डों से 1.45 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खुराना रोड निवासी संदीप कुमार, जो कि कारपेंटर का कार्य करता है, ने बताया कि उसके पास एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड हैं। 22 जुलाई 2025 को उसे एक फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का
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प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने की बात कही। संदीप ने जवाब दिया कि उसके
पास आईसीआईसीआई बैंक का कोई कार्ड नहीं है।
इसके कुछ देर बाद उसे एक और कॉल आया, जिसमें फिर वही बात दोहराई गई और पूछा गया कि क्या उसके मोबाइल नंबर से आधार कार्ड लिंक है। संदीप ने ‘हां’ कहा तो कॉल करने वाले ने उसके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेज दी, जो आईसीआईसीआई बैंक के नाम से थी। जैसे ही संदीप ने वह फाइल खोली, उसके तीनों क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग राशि कटने के मैसेज आने लगे।
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ठगों ने कुल मिलाकर 1,45,000 रुपये की रकम निकाल ली। साइबर थाना प्रभारी एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्या होती है एपीके फाइल
एपीके फाइल का उपयोग एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐप्स को इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। यह एक पैकेज फाइल है, जिसमें ऐप को चलाने के लिए आवश्यक सभी फ़ाइलें और डेटा शामिल होते हैं।
आसान भाषा में समझें
जब आप गूगल प्ले स्टोर से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो वह अपने आप एपीके फाइल के रूप में फोन में इंस्टॉल हो जाती है। अगर कोई एपीके फाइल वाट्सएप, ईमेल या किसी वेबसाइट से भेजी गई हो और आपने उसे बाहरी स्रोत से इंस्टॉल किया, तो वह खतरनाक हो सकती है।
साइबर ठग कैसे उठाते हैं फायदा
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वे फर्जी बैंक ऐप या कोई नकली केवाईसी अपडेट ऐप का एपीके बनाते हैं। फिर उसे आपको भेजकर लिंक खोलने को कहते हैं। जैसे ही आप उस एपीके फाइल को इंस्टॉल करते हैं, वह आपके फोन से डेटा चुराने, स्क्रीन रिकॉर्ड करने, पासवर्ड कॉपी करने या बैंक डिटेल हैक कर लेने में सफल हो जाते हैं।