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हरियाणा में बेरोजगारी की इंतहां...डीसी रेट की नौकरी के लिए 2 लाख देकर भी नहीं मिलता रोजगार
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:27 AM IST
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हरियाणा में बेरोजगारी की इंतहां... अकेले कैथल जिले में 38 हजार से अधिक युवा बतौर बेरोजगार विभाग में रजिस्टर्ड
इससे अलावा जो रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनकी संख्या भी हजारों में होगी
प्रदेश में लाखों की संख्या में बेरोजगार घूम रहे हैं युवा
फोटो संख्या-18
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश के मुख्यमंत्री बेशक उद्योगों के माध्यम से, नौकरियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने की बात कर रहे हों। लेकिन हरियाणा में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां बेरोजगारी का आलम यह है कि डीसी रेट तक की नौकरी के लिए भी 2 लाख रुपये तक देने के बावजूद युवाओं को सुसाइड करना पड़ रहा है। कलायत में एक युवती ने महज इसलिए सुसाइड कर लिया कि उसके व उसके पति की जींद के सरकारी अस्पताल में डीसी रेट की नौकरी लगवाने के लिए जिन दो लोगों ने 2 लाख रुपये लिए थे, उन्होंने न तो नौकरी दिलवाई और न ही पैसे वापस दिए। मानसिक प्रताड़ना का शिकार होकर आखिरकार विवाहिता ने मौत को गले लगा दिया।
अकेले कैथल में 38 हजार बेरोजगार रजिस्टर्ड : अकेले कैथल जिले में 38 हजार युवा बतौर बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं। इनमें दसवीं पास से लेकर बीए, एमए तक किए हुए बेरोजगार शामिल हैं। जो सरकार की ओर से किसी न किसी रोजगार की आस में हैं। लेकिन बेरोजगारों की संख्या कम होने की बजाए साल दर साल बढ़ती जा रही है। अकेले कैथल में यह स्थिति है तो पूरे प्रदेश में हालात तो इससे भी बदतर हो सकते हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार पूरे प्रदेश में 4 से 5 लाख तक युवा तो केवल सरकारी विभाग के पास बतौर बेरोजगार रजिस्टर्ड हो सकते हैं। इसके अलावा भी लाखों की संख्या में युवा प्रदेश में बेरोजगार हैं, जो रोजगार कार्यालय में जाकर अपनी रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवा पाते।
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इससे अलावा जो रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनकी संख्या भी हजारों में होगी
प्रदेश में लाखों की संख्या में बेरोजगार घूम रहे हैं युवा
फोटो संख्या-18
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश के मुख्यमंत्री बेशक उद्योगों के माध्यम से, नौकरियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने की बात कर रहे हों। लेकिन हरियाणा में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां बेरोजगारी का आलम यह है कि डीसी रेट तक की नौकरी के लिए भी 2 लाख रुपये तक देने के बावजूद युवाओं को सुसाइड करना पड़ रहा है। कलायत में एक युवती ने महज इसलिए सुसाइड कर लिया कि उसके व उसके पति की जींद के सरकारी अस्पताल में डीसी रेट की नौकरी लगवाने के लिए जिन दो लोगों ने 2 लाख रुपये लिए थे, उन्होंने न तो नौकरी दिलवाई और न ही पैसे वापस दिए। मानसिक प्रताड़ना का शिकार होकर आखिरकार विवाहिता ने मौत को गले लगा दिया।
अकेले कैथल में 38 हजार बेरोजगार रजिस्टर्ड : अकेले कैथल जिले में 38 हजार युवा बतौर बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं। इनमें दसवीं पास से लेकर बीए, एमए तक किए हुए बेरोजगार शामिल हैं। जो सरकार की ओर से किसी न किसी रोजगार की आस में हैं। लेकिन बेरोजगारों की संख्या कम होने की बजाए साल दर साल बढ़ती जा रही है। अकेले कैथल में यह स्थिति है तो पूरे प्रदेश में हालात तो इससे भी बदतर हो सकते हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार पूरे प्रदेश में 4 से 5 लाख तक युवा तो केवल सरकारी विभाग के पास बतौर बेरोजगार रजिस्टर्ड हो सकते हैं। इसके अलावा भी लाखों की संख्या में युवा प्रदेश में बेरोजगार हैं, जो रोजगार कार्यालय में जाकर अपनी रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवा पाते।
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