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इनेलो ने दादूपुर-नलवी नहर को लेकर लघु सचिवालय का किया घेराव
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:51 PM IST
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इनेलो ने दादूपुर-नलवी नहर परियोजना रद करने पर लघु सचिवालय का किया घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो ने भाजपा द्वारा दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को रद्द करने, बुजुर्गों की पेंशन काटने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वापस लेने, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण सहित अनेक मुद्दों को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने सुबह ही लघु सचिवालय पर डेरा डाल दिया और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए भारी संख्या में आए जिला इनेलो कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा के संयोजन में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि दादुपुर-नलवी सिंचाई परियोजना को रद्द करने के निर्णय को हरियाणा सरकार तुरंत वापस ले। इस परियोजना से अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र के 225 गांव की जमीन सिंचाई होनी थी और 92253 हेक्टेयर जमीन सिंचित होनी थी। आज वस्तुस्थिति यह है कि 1019 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने के बाद परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है, दूसरे चरण का भी निर्माण कार्य जारी था और इस पर लगभग 209 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
रामपाल माजरा ने कहा कि देश की जनता से भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे उनसे मुंह मोड़ लिया। किसानों से कहा था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होगी, किसान को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिला, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लूटा गया, काला धन विदेशों से वापस लाने का ढोल पीटा गया था, 15 लाख रुपये प्रत्येक नागरिक के खाते में जमा करवाने के लिए कहा गया था, नोट बंदी से आर्थिक मंदी का दौर आया, प्रदेश और देश की विकास की दर गिरी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के बारे में सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा देकर कह दिया कि हम इसे लागू नहीं कर सकते। संत रामपाल प्रकरण, डेरा सच्चा सौदा प्रकरण व आरक्षण आंदोलन में हरियाणा प्रदेश में सैकड़ों बहुमूल्य जानें गई। हरियाणा प्रदेश बलात्कार, अपहरण, डकैती, आगजनी, गुंडागर्दी में आगे है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। इस अवसर पर इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, पूर्व विधायक मक्खन सिंह, बूटा सिंह, सरपंच रामफल मलिक खुराना, सरपंच राजा राम माजरा, काला खरक प्रधान, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणवीर ढुल फौजी, व्यापार सेल के जिलाध्यक्ष जिप्पी शोरेवाला, शशी वालिया, बलवान कोटड़ा, मान सिंह, बुध राम नरड़, बलराज नरड़, बलराज नौच, हरदीप पाडला, धर्मबीर कैमिस्ट सहित भारी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता मौजूद थे।
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एडीसी को राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
फोटो संख्या-2, 3 व 14
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो ने भाजपा द्वारा दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को रद्द करने, बुजुर्गों की पेंशन काटने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वापस लेने, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण सहित अनेक मुद्दों को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने सुबह ही लघु सचिवालय पर डेरा डाल दिया और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए भारी संख्या में आए जिला इनेलो कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा के संयोजन में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि दादुपुर-नलवी सिंचाई परियोजना को रद्द करने के निर्णय को हरियाणा सरकार तुरंत वापस ले। इस परियोजना से अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र के 225 गांव की जमीन सिंचाई होनी थी और 92253 हेक्टेयर जमीन सिंचित होनी थी। आज वस्तुस्थिति यह है कि 1019 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने के बाद परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है, दूसरे चरण का भी निर्माण कार्य जारी था और इस पर लगभग 209 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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रामपाल माजरा ने कहा कि देश की जनता से भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे उनसे मुंह मोड़ लिया। किसानों से कहा था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होगी, किसान को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिला, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लूटा गया, काला धन विदेशों से वापस लाने का ढोल पीटा गया था, 15 लाख रुपये प्रत्येक नागरिक के खाते में जमा करवाने के लिए कहा गया था, नोट बंदी से आर्थिक मंदी का दौर आया, प्रदेश और देश की विकास की दर गिरी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के बारे में सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा देकर कह दिया कि हम इसे लागू नहीं कर सकते। संत रामपाल प्रकरण, डेरा सच्चा सौदा प्रकरण व आरक्षण आंदोलन में हरियाणा प्रदेश में सैकड़ों बहुमूल्य जानें गई। हरियाणा प्रदेश बलात्कार, अपहरण, डकैती, आगजनी, गुंडागर्दी में आगे है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। इस अवसर पर इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, पूर्व विधायक मक्खन सिंह, बूटा सिंह, सरपंच रामफल मलिक खुराना, सरपंच राजा राम माजरा, काला खरक प्रधान, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणवीर ढुल फौजी, व्यापार सेल के जिलाध्यक्ष जिप्पी शोरेवाला, शशी वालिया, बलवान कोटड़ा, मान सिंह, बुध राम नरड़, बलराज नरड़, बलराज नौच, हरदीप पाडला, धर्मबीर कैमिस्ट सहित भारी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता मौजूद थे।
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एडीसी को राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
फोटो संख्या-2, 3 व 14