फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   जीएसटी इफेक्ट: सूरत से नहीं आ रहा कपड़ा, 13 दिनों में हॉलसेल व्यापार को करीब चार करोड़ का फटका

जीएसटी इफेक्ट: सूरत से नहीं आ रहा कपड़ा, 13 दिनों में हॉलसेल व्यापार को करीब चार करोड़ का फटका

Thu, 13 Jul 2017 11:59 PM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
जीएसटी इफेक्ट:  सूरत से नहीं आ रहा कपड़ा, 13 दिनों में हॉलसेल व्यापार को करीब चार करोड़ का फटका
जीएसटी इफेक्ट : सूरत से नहीं आ रहा कपड़ा, 13 दिनों में होलसेल व्यापार को करीब चार करोड़ का फटका
विज्ञापन


कमल कुमार
कैथल। जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा बाजार सूना हुआ है। गुजरात के सूरत से माल न आने के कारण कपड़ा व्यापारियों को मजबूरन पुराना माल बेचना पड़ रहा है। इसके साथ ही जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों द्वारा इसका विरोध करने के कारण अमृतसर, सहारनपुर व रोहतक से आने वाले माल पर भी रोक लगी है। जिससे कपड़ा व्यापारियों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे जिले में अनस्टिच कपड़े की होलसेल की कुल 85 दुकानें है, जिनका कामकाज प्रभावित हुआ है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है। लेकिन कपड़ा व्यापारी शुरू से ही उनके व्यापार पर जीएसटी न लागू करने के विरोध में थे। जीएसटी के तहत कपड़ा व्यापार पर पांच प्रतिशत टैक्स लगाए जाने के बाद सूरत में कपड़ा व्यापारियों ने हड़ताल की है। जिसके तहत यहां से माल नहीं आ रहा है। जिले में कुल 85 दुकानों को 13 दिनों में करीब 4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
विज्ञापन


सूरत से नहीं आ रही कोई भी वेराइटी
:-हॉलसेल कपड़ा व्यापार एसोसिएशन के जिला प्रधान रमेश डेमला ने बताया कि जब से जीएसटी लागू हुआ है तभी से सूरत से आने वाले पार्टी वियर ड्रेस, कढ़ाई से लबालब सूट, डेलीवेज कुर्ते व अनस्टिच कपड़ा पूरी तरह से बंद हो गया है। जीएसटी से पहले प्रत्येक दुकान पर करीब 20 हजार रुपये का माल रोजाना अलग-अलग जगहों से आता था। लेकिन अब इतना माल एक सप्ताह में आता है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नया मॉल आना पूरी तरह से बंद हुआ
होलसेल कपड़ा दुकानदार बक्शीश गिरधर ने बताया कि एक जुलाई से लागू हुए जीएसटी के बाद नया माल आना पूरी तरह से बंद हो चुका है। दुकान पर आया ग्राहक नए डिजाइन व नई वेरायटी की मांग करता है। लेकिन पीछे से ही माल का आयात बंद होने के कारण उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है।

जीएसटी ने तोड़ी कपड़ा व्यापारियों की कमर
दुकानदार नरेश कुमार ने बताया कि जीएसटी ने कपड़ा व्यापारी की बुरी तरह से कमर तोड़ दी है। पहले प्रत्येक दुकान पर रोजाना 30 से 50 हजार रुपये का होलसेल में व्यापार होता था। लेकिन अब यह घटकर केवल 5 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में कपड़ा व्यापारी काफी दुविधा में है। सरकार को इस पर टैक्स को घटाकर कपड़ा व्यापारियों को राहत देनी चाहिए। जिससे उनका व्यापार दोबारा पटरी पर लौट सके।


रिटेल मार्केट पर भी असर
दुकानदार सचिन धमीजा ने बताया कि होलसेल मार्केट में नया माल न आने के कारण उन्हें भी व्यापार चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहक आए दिन नए डिजाइन में कपड़ा खरीदना चाहता है। लेकिन उन्हें पीछे से माल नहीं मिल रहा। काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed