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1 लाख 70 हजार हेक्टेयर में रोपी गई धान की फसल में भारी नुकसान

Wed, 26 Sep 2018 12:28 AM IST
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:28 AM IST
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1 लाख 70 हजार हेक्टेयर में रोपी गई धान की फसल में भारी नुकसान
बारिश से धान की फसल को नुकसान, दो हजार किसान ले गए मुआवजे का आवेदन फार्म
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एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में रोपी गई धान की फसल में भारी नुकसान, ओवरऑल 15 प्रतिशत तक के नुकसान की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में तीन दिन तक हुई बारिश से धान व कपास की फसल में ज्यादा नुकसान की आशंकाएं हैं। फसल में करीब 15 प्रतिशत तक नुकसान है। कृषि विभाग से लगभग 2000 किसान फसल के नुकसान के लिए मुआवजे के लिए आवेदन फार्म ले गए। वहीं जिले में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में धान में लगभग 15 प्रतिशत तक नुकसान की संभावनाएं हैं। साथ ही कपास में भी इस बारिश से नुकसान हुआ है।
जिलेभर में तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद धान की पकी-पकाई फसल किसानों के हाथ से निकलती दिख रही थी। सोमवार रात को बारिश थमने पर किसानों को बड़ी राहत मिली। सुबह एक बार तो मौसम पूरी तरह से साफ नजर आया। लेकिन आठ बजे फिर से बादल छा गए। इसके बाद दिन में भी बादल छाए रहे। लेकिन बारिश नहीं हुई। तीन दिन तक बरसे लगभग 167 एमएम पानी में जिले भर में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर में रोपी गई धान में नुकसान की आशंकाएं हैं। इसमें भी पीआर-ग्रुप व 1509 किस्म में ज्यादा नुकसान है। बासमती में बाली के ऊपर आए बुरादे के झड़ने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। इसके अलावा करीब 4 से 5 हजार हेक्टेयर में कपास के रकबे में भी 15 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होने की संभावनाएं हैं।
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कृषि उप-निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि असली नुकसान का आकलन तो गिरदावरी के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल 15 प्रतिशत तक नुकसान की संभावनाएं हैं। लगभग 2000 किसान नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन फार्म लेकर गए हैं।
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19 फुट पर पहुंच गया है घग्गर का जलस्तर
गुहला-चीका। डीसी धर्मवीर सिंह ने इस क्षेत्र के बाढ़ संभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पिछले कुछ दिन से हुई भारी बरसात के कारण घग्गर नदी के बढ़े जलस्तर को देखने के लिए डीसी टटियाणा स्थित घग्गर नदी पर पहुंचे और उन्होंने घग्गर नदी के बहाव को भी देखा। उन्होंने बताया कि घग्गर का जल स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसीलिए निकटवर्ती गांव के लोगों के लिए अभी तक चिंता का कोई विषय नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि जिला प्रशासन विशेष कर सिंचाई विभाग इस पर नजर बनाए हुए है और आज खुले मौसम के दृष्टिगत जल स्तर कम होने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में घग्गर नदी का जल स्तर 19 फुट तक है और इस समय 36440 क्यूसिक पानी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह पानी के बहाव को कहीं से भी न रोके। उन्होंने उपस्थित किसानों से भी बात की। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रशांत कुमार, तहसीलदार जगदीश चंद्र, कानूनगो लाभ सिंह, सिंचाई विभाग के जेई सलिंद्र, नवीन कुमार, एचसी प्रगट सिंह आदि उपस्थित रहे।

फोटो संख्या-36

बारिश की वजह से बाजरे की फसल पूरी तरह नष्ट
पाई। पिछले तीन दिनों से रही लगातार बारिश की वजह से गांव पिलनी किसानों की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। किसानों की धान व बाजरे की फसल पूरी तरह से पककर तैयार थी। लेकिन लगातार हो रही बरसात की वजह से उनकी फसल जमीन पर गिर गई है। किसान रामकला मास्टर पिलनी ने बताया कि उनकी बाजरे की फसल बिल्कुल नष्ट हो गई है।


फोटो नंबर-19
बारिश के पानी से शहर वासी परेशान
कैथल। करनाल रोड स्थित हनुमान वाटिका के समीप बसे फ्रेंड्स कॉलोनी वासियों को बारिश के जमा हुए पानी की निकासी न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कालोनी वासी कुलदीप, अंगूरी, कमलेश, रामेश्वर, कृष्ण ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है। लेकिन उसके बाद हालात वहीं है। उन्होंने बताया कि एक तो कालोनी की गलियां कच्ची पड़ी हैं दूसरा बारिश के बाद यहां से निकलना दूभर हो जाता है। कालोनी वासियों ने यह भी बताया कि यहां सफाई को लेकर भी काफी दिक्कत हो रही है।
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