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कचरा उठान सहित सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था पर उठे सवाल
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:54 PM IST
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‘सफाई तो होण लाग री सै साब, मार्केट मै शौचालय का कोई जुगाड़ कोनी’
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग की जांच के लिए सर्वेक्षण का कार्य वीरवार को शुरू हो गया। दो सदस्यीय टीम ने शहर में स्वच्छता संबंधी कार्यों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। टीम सदस्यों में एक ने परिषद से कागजी जानकारी ली तो दूसरे ने कालोनियों में पहुंच कर लोगों से बातचीत की। जिसमें शहर में कचरा उठाने व सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर लोगों ने सवाल उठाए। कहा कि, सफाई तो होण लाग री सै साब, मार्केट मै शौचालय का कोई जुगाड़ कोनी।
सार्वजनिक शौचालय की है समस्या
सर्वे के लिए पहुंची टीम की सदस्य को गोल मार्केट के दुकानदार अनिल ग्रोवर ने कहा कि सफाई की व्यवस्था में तो हमारे शहर में अब कुछ सुधार होने लगा है। लेकिन यहां पर बाजार में सार्वजनिक शौचालय की गंभीर समस्या है। दुकान के पास ही स्थित खाली प्लाट में लोग पेशाब के लिए जाते हैं। वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि यहां पर सार्वजनिक शौचालय ही नहीं है।
टूटे हैं अधिकतर डस्टबिन
टीम की सदस्य को शहरवासी लक्की ने कहा कि परिषद ने गंदगी के लिए रखे गए डस्टबिन को लेकर व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं की है। शहर में रखे गए अधिकतर डस्टबिन टूटे हैं। अन्य शहरों में तो गली मोहल्लों में जाकर डस्टबिन बांटे गए हैं। जबकि कैथल में ऐसा नहीं है। इसके साथ ही यहां कचरा उठान की समस्या भी अधिक रहती है। सफाई कर्मी सप्ताह में केवल एक बार ही कचरे का उठान करते हैं।
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पहले दिन आधा दर्जन कॉलोनियों का किया सर्वे : सर्वेक्षण के सर्वें के लिए पहुंची टीम की सदस्य लाजवंती ने पहले दिन करीब आधा दर्जन कॉलोनियों का दौरा किया। सदस्य ने गोल मार्केट, पिहोवा चौक, मेन बाजार, लटकानियां मोहल्ला, खरादियां मोहल्ला व तलाई बाजार का दौरा कर यहां के लोगों से सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की।
सर्वे में पूछे ये पांच सवाल :
- सफाई होती है?
- कचरा उठान कैसा है?
- पब्लिक टॉयलेट है या नहीं?
- डस्टबिन की व्यवस्था कैसी है?
पब्लिक टॉयलेट की समस्या अभी भी ज्यों की त्यो : टीम में शामिल कर्मचारी ने 100 लोगों से बात की। उनके बयान दर्ज किए। जिसमें कई लोगों ने शहर में शौचालय की बदहाली का सवाल उठाया। कई लोगों ने सीवरेज संबंधी प्रश्न भी उठाए। वहीं कचरा उठान की शिकायत भी लोगों ने की। कचरा उठान पर शहर में काफी विवाद हो चुका है। फर्जी कचरे के उठान संबंधी शिकायतें भी आती रही हैं। हालांकि लोगों ने सफाई व्यवस्था पर डीसी की सराहना करते हुए उनके दौरे का हवाला देते हुए सुधार की बात की। लेकिन पब्लिक टॉयलेट व डस्टबिन की व्यवस्था को काफी ढीला बताया।
इन बिंदुओं पर मिलेंगे अंक : स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंची टीम द्वारा शहर को स्वच्छता में रैंकिंग के लिए कुल 4000 हजार अंक दिए जाएंगे। जिसमें 1400 अंक पब्लिक से ली गई फीडबैक के हैं। इसी प्रकार से 1400 अंक ही परिषद में मिलने वाली सुविधाओं के दिए जाएंगे। इसके साथ डायरेक्ट लेवल प्रोसेस के लिए 1200 अंक टीम द्वारा दिए जाएंगे।
आज होगी जीपीएस सिस्टम से शहर में सफाई व्यवस्था की जांच : टीम सदस्यों को मंत्रालय की ओर से जीपीएस के माध्यम से एक प्वाइंट दिया जाएगा। जहां जाकर टीम सदस्य सफाई व्यवस्था जांचेंगे। जिसमें सीवरेज सिस्टम सहित अन्य तमाम जानकारियां हासिल की जाएंगी।
कार्यालय से जुटाई सफाई कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य जानकारी : टीम में शामिल कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय से सफाई कर्मचारियों की संख्या, सफाई उपकरण, स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान सहित स्लोगन लिखे जाने संबंधी तमाम तरह की बारीकि से जानकारी जुटाई गई। टीम में नगर परिषद के सचिव कुलदीप मलिक, सीएसआई प्रवीण, सीएस ब्रह्मानंद सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
फोटो नंबर-1, 2
-शहर की सफाई जांचने पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के सामने लोगों ने सुनाई व्यथा
-कहा- पब्लिक टॉयलेट की समस्या अभी भी ज्यों की त्यों, कचरा उठान व डस्टबिन की व्यवस्था में भी ढीला है परिषद
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग की जांच के लिए सर्वेक्षण का कार्य वीरवार को शुरू हो गया। दो सदस्यीय टीम ने शहर में स्वच्छता संबंधी कार्यों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। टीम सदस्यों में एक ने परिषद से कागजी जानकारी ली तो दूसरे ने कालोनियों में पहुंच कर लोगों से बातचीत की। जिसमें शहर में कचरा उठाने व सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर लोगों ने सवाल उठाए। कहा कि, सफाई तो होण लाग री सै साब, मार्केट मै शौचालय का कोई जुगाड़ कोनी।
सार्वजनिक शौचालय की है समस्या
सर्वे के लिए पहुंची टीम की सदस्य को गोल मार्केट के दुकानदार अनिल ग्रोवर ने कहा कि सफाई की व्यवस्था में तो हमारे शहर में अब कुछ सुधार होने लगा है। लेकिन यहां पर बाजार में सार्वजनिक शौचालय की गंभीर समस्या है। दुकान के पास ही स्थित खाली प्लाट में लोग पेशाब के लिए जाते हैं। वह ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि यहां पर सार्वजनिक शौचालय ही नहीं है।
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टूटे हैं अधिकतर डस्टबिन
टीम की सदस्य को शहरवासी लक्की ने कहा कि परिषद ने गंदगी के लिए रखे गए डस्टबिन को लेकर व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं की है। शहर में रखे गए अधिकतर डस्टबिन टूटे हैं। अन्य शहरों में तो गली मोहल्लों में जाकर डस्टबिन बांटे गए हैं। जबकि कैथल में ऐसा नहीं है। इसके साथ ही यहां कचरा उठान की समस्या भी अधिक रहती है। सफाई कर्मी सप्ताह में केवल एक बार ही कचरे का उठान करते हैं।
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पहले दिन आधा दर्जन कॉलोनियों का किया सर्वे : सर्वेक्षण के सर्वें के लिए पहुंची टीम की सदस्य लाजवंती ने पहले दिन करीब आधा दर्जन कॉलोनियों का दौरा किया। सदस्य ने गोल मार्केट, पिहोवा चौक, मेन बाजार, लटकानियां मोहल्ला, खरादियां मोहल्ला व तलाई बाजार का दौरा कर यहां के लोगों से सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की।
सर्वे में पूछे ये पांच सवाल :
- सफाई होती है?
- कचरा उठान कैसा है?
- पब्लिक टॉयलेट है या नहीं?
- डस्टबिन की व्यवस्था कैसी है?
पब्लिक टॉयलेट की समस्या अभी भी ज्यों की त्यो : टीम में शामिल कर्मचारी ने 100 लोगों से बात की। उनके बयान दर्ज किए। जिसमें कई लोगों ने शहर में शौचालय की बदहाली का सवाल उठाया। कई लोगों ने सीवरेज संबंधी प्रश्न भी उठाए। वहीं कचरा उठान की शिकायत भी लोगों ने की। कचरा उठान पर शहर में काफी विवाद हो चुका है। फर्जी कचरे के उठान संबंधी शिकायतें भी आती रही हैं। हालांकि लोगों ने सफाई व्यवस्था पर डीसी की सराहना करते हुए उनके दौरे का हवाला देते हुए सुधार की बात की। लेकिन पब्लिक टॉयलेट व डस्टबिन की व्यवस्था को काफी ढीला बताया।
इन बिंदुओं पर मिलेंगे अंक : स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहुंची टीम द्वारा शहर को स्वच्छता में रैंकिंग के लिए कुल 4000 हजार अंक दिए जाएंगे। जिसमें 1400 अंक पब्लिक से ली गई फीडबैक के हैं। इसी प्रकार से 1400 अंक ही परिषद में मिलने वाली सुविधाओं के दिए जाएंगे। इसके साथ डायरेक्ट लेवल प्रोसेस के लिए 1200 अंक टीम द्वारा दिए जाएंगे।
आज होगी जीपीएस सिस्टम से शहर में सफाई व्यवस्था की जांच : टीम सदस्यों को मंत्रालय की ओर से जीपीएस के माध्यम से एक प्वाइंट दिया जाएगा। जहां जाकर टीम सदस्य सफाई व्यवस्था जांचेंगे। जिसमें सीवरेज सिस्टम सहित अन्य तमाम जानकारियां हासिल की जाएंगी।
कार्यालय से जुटाई सफाई कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य जानकारी : टीम में शामिल कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय से सफाई कर्मचारियों की संख्या, सफाई उपकरण, स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान सहित स्लोगन लिखे जाने संबंधी तमाम तरह की बारीकि से जानकारी जुटाई गई। टीम में नगर परिषद के सचिव कुलदीप मलिक, सीएसआई प्रवीण, सीएस ब्रह्मानंद सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
फोटो नंबर-1, 2
-शहर की सफाई जांचने पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के सामने लोगों ने सुनाई व्यथा
-कहा- पब्लिक टॉयलेट की समस्या अभी भी ज्यों की त्यों, कचरा उठान व डस्टबिन की व्यवस्था में भी ढीला है परिषद