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वीडियोग्राफी के साथ 144 राइस मिलों द्वारा खरीदी गई 7 लाख सरकारी धान के स्टॉक की होगी जांच
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:27 AM IST
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वीडियोग्राफी के साथ 144 राइस मिलों द्वारा खरीदी गई 7 लाख सरकारी धान के स्टॉक की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। धान के सीजन में जिले के 144 राइस मिलर्स द्वारा खरीदे गए धान के स्टॉक की जांच की जाएगी। इसके लिए 13 टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम की जिम्मेवारी एक एचसीएस ऑफिसर को सौंपी गई है। डीसी सुनीता वर्मा ने स्वयं एक राइस मिल में जाकर उसके द्वारा खरीदी गई धान व उसके स्टॉक का निरीक्षण किया। जिसमें मिलर द्वारा खरीदा गया स्टॉक सही पाया गया। बाकी टीमों को भी इसी सप्ताह जांच करके अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
144 मिलर्स द्वारा सरकार की ओर से खरीदा गया है 7 लाख एमटी धान : जिले में इस बार अभी तक करीब 8 लाख 67 हजार एमटी धान की आवक अनाज मंडियों में हुई है। जिसमें से करीब 7 लाख एमटी धान सरकार की ओर से खरीदा गया है। शेष धान निजी तौर पर मिलर्स व निर्यातकों द्वारा खरीदा जा रहा है। पिछले साल इसी अवधि तक 6 लाख एमटी धान की सरकारी खरीद हुई थी और पूरे सीजन में 8 लाख एमटी के आस-पास धान की आवक हुई थी। इस बार चूंकि धान का उत्पादन ज्यादा है तो करीब 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का अनुमान है।
हरियाणा केसरी राइस मिल में पहुंची डीसी, पहले धान से चावल बनने की प्रक्रिया देखी, फिर स्टॉक में कट्टे गिनकर जांचा स्टॉक : डीसी सुनीता वर्मा एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के साथ बाद दोपहर जींद रोड बाईपास पर स्थित हरियाणा केसरी राइस मिल में पहुंची। जहां उन्होंने पहले मिलर द्वारा सरकार के खरीदे गए धान की मात्रा की जानकारी हासिल की। इसके बाद मिल में धान में से चावल निकालने की प्रक्रिया को बारीकि से समझा। उन्होंने चावल की पॉलिश, छिलका, चावल की छंटाई सहित सफाई आदि की पूरी प्रक्रिया के बारे में जाना। बाद में डीसी इस मिलर द्वारा एक बंद पड़ी मिल में रखे गए स्टॉक की जांच की। जहां स्टॉक में लगे कट्टों को खुद गिनकर पता किया कि वे रिकॉर्ड के अनुसार सही है या नहीं। इस मिलर द्वारा 33 हजार टन धान खरीदा गया था। जिसे उसने 65 स्टॉक में कट्टों को गिना। स्टॉक नियमानुसार पाया गया।
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वीडियोग्राफी के साथ होगी मिलों के स्टॉक की जांच : डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि जिले में 13 टीमों के माध्यम से 144 राइस मिलों के स्टॉक की जांच की जाएगी। इस इस चेकिंग के दौरान सभी चेकिंग प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। सभी अधिकारियों की टीम अपनी चेकिंग रिपोर्ट के साथ वीडियो सीडी भी जमा करवाएंगे। प्रत्येक टीम में एक एचसीएस अधिकारी, मार्केट कमेटी से कर्मचारी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से कर्मचारी तथा एक सदस्य कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्यों में से लिया गया है। आगामी 9 नवंबर तक सभी टीमें स्टॉक की जांच करके अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रशासन के पास सौंपेगी। यदि सरकार की ओर से खरीदे गए धान के स्टॉक के अनुसार पूरा धान नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगछी।
इस मौके पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एसके अरोड़ा, मार्केट कमेटी व खाद्य आपूर्ति विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे।
इसीलिए की जा रही है फिजिकल वेरिफिकेशन : एक राइस मिलर अश्विनी शोरेवाला ने बताया कि सरकार द्वारा मिलर्स को धान खरीद कर दिया जाता है। इसमें से मिलर चावल निकाल कर प्रति क्विंटल 67 प्रतिशत चावल सरकार को देता है। सरकार द्वारा यह जांच की जाती है कि सरकार ने जो धान मिलर्स के माध्यम से खरीदा है, वह उनके मिल में है भी या नहीं।
मिलर्स को घबराने की जरूरत नहीं, अपने स्टॉक की जानकारी दें : राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान मांगें राम खुरानिया ने कहा कि जिले भर के मिलर्स द्वारा नियमानुसार एवं समय पर सरकार को चावल दिए जाएंगे। मिलर्स फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बिल्कुल न घबराएं। जब सरकार ने धान खरीद कर दिया है तो किसी भी समय इसकी जांच करे। अपने स्टॉक की जांच करवाएं। ताकि अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी कर सकें। कैथल में जिस हिसाब से खरीद की गई है, उसी हिसाब से चावल निकालकर सरकार को दिया जा रहा है।
दो साल पहले लगे थे घोटाले के आरोप : दो साल पहले 1509 को सरकारी खरीद में शामिल किए जाने के चलते सरकार पर घोटाले के आरोप लगे थे। जिस कारण उस समय मिलों में रखे इस धान के स्टॉक को फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद सील कर दिया गया था। हालांकि इन आरोपों में कुछ भी दम नहीं निकल सका था।
13 टीमों का गठन
डीसी स्वयं पहुंची एक मिल में स्टॉक की जांच करने, पूरा मिला स्टॉक
दो साल पहले लगे थे घोटाले के आरोप, प्रशासन का फैसला
डीसी ने कहा-जिले के सभी 144 राइस मिलों द्वारा खरीदे गए सरकारी धान के स्टॉक की जांच के लिए प्रत्येक टीम में एक एचसीएस अफसर तैनात किया
इसी सप्ताह देंगी टीमें अपनी रिपोर्ट
फोटो संख्या-16, 17 व 18
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। धान के सीजन में जिले के 144 राइस मिलर्स द्वारा खरीदे गए धान के स्टॉक की जांच की जाएगी। इसके लिए 13 टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम की जिम्मेवारी एक एचसीएस ऑफिसर को सौंपी गई है। डीसी सुनीता वर्मा ने स्वयं एक राइस मिल में जाकर उसके द्वारा खरीदी गई धान व उसके स्टॉक का निरीक्षण किया। जिसमें मिलर द्वारा खरीदा गया स्टॉक सही पाया गया। बाकी टीमों को भी इसी सप्ताह जांच करके अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
144 मिलर्स द्वारा सरकार की ओर से खरीदा गया है 7 लाख एमटी धान : जिले में इस बार अभी तक करीब 8 लाख 67 हजार एमटी धान की आवक अनाज मंडियों में हुई है। जिसमें से करीब 7 लाख एमटी धान सरकार की ओर से खरीदा गया है। शेष धान निजी तौर पर मिलर्स व निर्यातकों द्वारा खरीदा जा रहा है। पिछले साल इसी अवधि तक 6 लाख एमटी धान की सरकारी खरीद हुई थी और पूरे सीजन में 8 लाख एमटी के आस-पास धान की आवक हुई थी। इस बार चूंकि धान का उत्पादन ज्यादा है तो करीब 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का अनुमान है।
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हरियाणा केसरी राइस मिल में पहुंची डीसी, पहले धान से चावल बनने की प्रक्रिया देखी, फिर स्टॉक में कट्टे गिनकर जांचा स्टॉक : डीसी सुनीता वर्मा एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह के साथ बाद दोपहर जींद रोड बाईपास पर स्थित हरियाणा केसरी राइस मिल में पहुंची। जहां उन्होंने पहले मिलर द्वारा सरकार के खरीदे गए धान की मात्रा की जानकारी हासिल की। इसके बाद मिल में धान में से चावल निकालने की प्रक्रिया को बारीकि से समझा। उन्होंने चावल की पॉलिश, छिलका, चावल की छंटाई सहित सफाई आदि की पूरी प्रक्रिया के बारे में जाना। बाद में डीसी इस मिलर द्वारा एक बंद पड़ी मिल में रखे गए स्टॉक की जांच की। जहां स्टॉक में लगे कट्टों को खुद गिनकर पता किया कि वे रिकॉर्ड के अनुसार सही है या नहीं। इस मिलर द्वारा 33 हजार टन धान खरीदा गया था। जिसे उसने 65 स्टॉक में कट्टों को गिना। स्टॉक नियमानुसार पाया गया।
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वीडियोग्राफी के साथ होगी मिलों के स्टॉक की जांच : डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि जिले में 13 टीमों के माध्यम से 144 राइस मिलों के स्टॉक की जांच की जाएगी। इस इस चेकिंग के दौरान सभी चेकिंग प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। सभी अधिकारियों की टीम अपनी चेकिंग रिपोर्ट के साथ वीडियो सीडी भी जमा करवाएंगे। प्रत्येक टीम में एक एचसीएस अधिकारी, मार्केट कमेटी से कर्मचारी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से कर्मचारी तथा एक सदस्य कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्यों में से लिया गया है। आगामी 9 नवंबर तक सभी टीमें स्टॉक की जांच करके अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रशासन के पास सौंपेगी। यदि सरकार की ओर से खरीदे गए धान के स्टॉक के अनुसार पूरा धान नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगछी।
इस मौके पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एसके अरोड़ा, मार्केट कमेटी व खाद्य आपूर्ति विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे।
इसीलिए की जा रही है फिजिकल वेरिफिकेशन : एक राइस मिलर अश्विनी शोरेवाला ने बताया कि सरकार द्वारा मिलर्स को धान खरीद कर दिया जाता है। इसमें से मिलर चावल निकाल कर प्रति क्विंटल 67 प्रतिशत चावल सरकार को देता है। सरकार द्वारा यह जांच की जाती है कि सरकार ने जो धान मिलर्स के माध्यम से खरीदा है, वह उनके मिल में है भी या नहीं।
मिलर्स को घबराने की जरूरत नहीं, अपने स्टॉक की जानकारी दें : राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान मांगें राम खुरानिया ने कहा कि जिले भर के मिलर्स द्वारा नियमानुसार एवं समय पर सरकार को चावल दिए जाएंगे। मिलर्स फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बिल्कुल न घबराएं। जब सरकार ने धान खरीद कर दिया है तो किसी भी समय इसकी जांच करे। अपने स्टॉक की जांच करवाएं। ताकि अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी कर सकें। कैथल में जिस हिसाब से खरीद की गई है, उसी हिसाब से चावल निकालकर सरकार को दिया जा रहा है।
दो साल पहले लगे थे घोटाले के आरोप : दो साल पहले 1509 को सरकारी खरीद में शामिल किए जाने के चलते सरकार पर घोटाले के आरोप लगे थे। जिस कारण उस समय मिलों में रखे इस धान के स्टॉक को फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद सील कर दिया गया था। हालांकि इन आरोपों में कुछ भी दम नहीं निकल सका था।
13 टीमों का गठन
डीसी स्वयं पहुंची एक मिल में स्टॉक की जांच करने, पूरा मिला स्टॉक
दो साल पहले लगे थे घोटाले के आरोप, प्रशासन का फैसला
डीसी ने कहा-जिले के सभी 144 राइस मिलों द्वारा खरीदे गए सरकारी धान के स्टॉक की जांच के लिए प्रत्येक टीम में एक एचसीएस अफसर तैनात किया
इसी सप्ताह देंगी टीमें अपनी रिपोर्ट
फोटो संख्या-16, 17 व 18