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किशोरी से दुष्कर्म में 13 साल कैद
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कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मैडम पूनम सुनेजा की अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 13 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। मंगलवार को दिए फैसले में न्यायाधीश ने पीड़िता को चार लाख रुपये मुआवजा देने के भी आदेश किए हैं, जो जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा दिए जाएंगे।
मामले में दोषी करार दिए गए गांव बलबेहड़ा निवासी कुलदीप उर्फ अभी को अदालत ने यह सजा सुनाई। 25 हजार रुपये जुर्माना न देने पर उसे चार महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। घटना करीब साढ़े तीन साल पुरानी है। थाना चीका में कुलदीप के खिलाफ नौ नवंबर 2018 को केस दर्ज किया था। इसमें पीड़ित पक्ष ने बताया था कि तीन नवंबर 2018 को पीड़िता के परिवार के सदस्य रात खाना खा कर सो गए। जब पीड़िता के पिता ने सुबह उठ कर देखा तो किशोरी घर पर नहीं मिली। उन्होंने आस-पड़ोस में काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
तब पुलिस से शिकायत कर शक जताया कि लड़की को शादी की नियत से कुलदीप साथ ले गया है। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। शिकायत पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे पूनम सुनेजा ने कुलदीप को दोषी पाया और 13 साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जमानत ने होने के कारण दोषी पहले से ही जेल में बंद है।
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मामले में दोषी करार दिए गए गांव बलबेहड़ा निवासी कुलदीप उर्फ अभी को अदालत ने यह सजा सुनाई। 25 हजार रुपये जुर्माना न देने पर उसे चार महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। घटना करीब साढ़े तीन साल पुरानी है। थाना चीका में कुलदीप के खिलाफ नौ नवंबर 2018 को केस दर्ज किया था। इसमें पीड़ित पक्ष ने बताया था कि तीन नवंबर 2018 को पीड़िता के परिवार के सदस्य रात खाना खा कर सो गए। जब पीड़िता के पिता ने सुबह उठ कर देखा तो किशोरी घर पर नहीं मिली। उन्होंने आस-पड़ोस में काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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तब पुलिस से शिकायत कर शक जताया कि लड़की को शादी की नियत से कुलदीप साथ ले गया है। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। शिकायत पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे पूनम सुनेजा ने कुलदीप को दोषी पाया और 13 साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जमानत ने होने के कारण दोषी पहले से ही जेल में बंद है।
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