फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   13 buses of roadways depot are dilapidated, passengers are troubled

Kaithal News: रोडवेज डिपो की 13 बसें जर्जर, यात्री परेशान

Wed, 30 Apr 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 30 Apr 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
13 buses of roadways depot are dilapidated, passengers are troubled
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। रोडवेज डिपो में 13 बसें जर्जर होने के बाद अब रोडवेज बेड़े में बसों की घटी है। नतीजा, यात्रियों को मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। हटाई गईं बसों के स्थान पर नई बसें नहीं आ सकी। ऐसे में यात्रियों को बसों के लिए बस अड्डों पर काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है।

बसों की कमी स्थानीय रूटों पर सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। स्कूल, कॉलेजों व दैनिक यात्रियों को परेशानी होती है। इसलिए यात्रियों के अनुसार अब डिपो को बसों की काफी जरूरत है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि जिला की जनसंख्या के हिसाब से डिपो में 250 रोडवेज बसों की आवश्यकता है, लेकिन अब डिपो के पास रोडवेज की 156 बसें व 23 बसें किलोमीटर स्कीम की रह गई है। इन बसों के जर्जर होने से पहले रोडवेज विभाग कैथल के पास खुद की 169 बसें थी। किलोमीटर स्कीम व रोडवेज की मिलाकर 192 बसें रूटों पर चल रही थी। अब ये 179 रह गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिपो को पिछले तीन सालों में बीएस छह तकनीक की करीब 94 नई बसें मिली थी। इनमें से 48 के करीब बसों को पानीपत, झज्जर, भिवानी भेज दिया था। नई बसों के बदले पुरानी बसें डिपो में आई थी। यात्रियों ने मांग की है डिपो में नई बसें आनी चाहिए, ताकि यात्री आरामदायक सीटों पर बैठकर सफर तय कर सकें।

नई बसें पहले डिपो में पहुंचनी चाहिए

यात्री रवि, विक्रम व सुरेंद्र ने कहा कि रोडवेज का बेड़ा बढऩा चाहिए। सरकार को बसें जर्जर होने से पहले ही खरीद लेनी चाहिए। लेकिन कैथल से तो नई बसों को दूसरे जिलों में भेज दिया गया है। यात्रियों को बसों के कारण काफी परेशानी हो रही है। जल्द से जल्द बसें सरकार को खरीदनी चाहिए।

रोडवेज डिपो कैथल से 13 बसें जर्जर हो गई है। निदेशालय को 50 बसों की डिमांड भेजी हुई है। इनके जल्द आने की उम्मीद है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -अनिल, कार्यशाला प्रबंधक, रोडवेज विभाग कैथल


इन रूटों पर बसें कम

जींद, राजौंद, कुरुक्षेत्र, गुहला, असंध, करनाल सहित अन्य सैकंडों रूटों पर चलने वाले यात्रियों के लिए बसों की दिक्कत हैं।

प्रतिदिन 20 हजार यात्री करते हैं रोडवेज की बसों में सफर

कैथल डिपो से चलने वाली रोडवेज की बसों में 20 हजार यात्री सफर तय करते हैं। रोडवेज की बसों से करीब 15 लाख रुपये प्रतिदिन आमदनी होती है। इस समय डिपो में परिचालक 295 व 248 चालक है। जो रूटों पर चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed