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125 राइस मिलों मे रखे गए सरकारी धान के स्टॉक की जांच के आदेश

Wed, 09 Nov 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Wed, 09 Nov 2016 12:47 AM IST
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125 rice mile, rice stock, investigation, kaithal
स्टॉक में रखा गया गेहूं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकार द्वारा खरीदे गए करीब 6 लाख 20 हजार एमटी धान के स्टॉक की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मिलर्स द्वारा सरकारी स्टॉक पर बैंकों से ऋण लिए जाने की शिकायतों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। जिले में 125 मिलों में धान की जांच के लिए 13 टीमों का गठन किया गया है। जिसमें कई टीमों में तो दूसरे जिलों के अधिकारी भी शामिल हैं। मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर कहा है कि मिलर्स सरकार को तय समय पर चावल देने को लेकर पाबंद हैं।
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6 लाख 20 हजार एमटी धान दी गई है मिलर्स को चावल निकालने के लिए
जिले में मिलर्स को 6 लाख 20 हजार एमटी धान 125 मिलर्स को चावल निकाल कर सरकार को देने के लिए दी गई है। इस धान के बदले में मिलर्स सरकार को चावल निकाल कर देते हैं। इसमें पीआर ग्रुप का मोटा धान शामिल है। जो इस समय लगभग सारा का सारा मिलों मेें पहुंच चुका है। अनाज मंडियों में इस समय बारीक धान की आवक हो रही है। जो व्यापारियों एवं निर्यातकों द्वारा खरीदा जाता है।
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13 टीमों का गठन
सरकार को शिकायत मिली थी कि मिलर्स धान के सरकारी स्टॉक पर बैंकों से ऋण ले रहे हैं, जबकि वे ऐसा नहीं कर सकते। सरकारी धान केवल चावल निकालने के लिए मिलर्स को दिया जाता है। इसके बाद मिलर्स से सरकार चावल ले लेती है। इसी बात की जांच के लिए 13 टीमें बनाकर अधिकारी मिलों में जाकर खुद स्टॉक की जांच करेंगे।
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ऐसे बनाई गई हैं टीमें
पहली टीम में एसडीएम कैथल की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी सचिव कैथल तथा आईएफएस नारनौल रमेश चंद सदस्य के तौर पर यह जांच करेंगे। जो जिले की 9 राइस मिलों में रखी धान की जांच पड़ताल करेगी। दूसरी टीम में ढांड के नायब तहसीलदार के अलावा पूंडरी मार्केट कमेटी के सचिव तथा नारनौल के आइएफएस अरूण कुमार को शामिल किया गया है। यह टीम 6 राइस मिलों में धान की जांच पड़ताल करेगी। तीसरी टीम का गठन राजौंद के नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें राजौंद मार्केट कमेटी के सचिव तथा नारनौल के आईएफएस धर्मपाल 11 राइस मिलों में जांच पड़ताल करेंगे। चौथी टीम का गठन कलायत के नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें गुहला के मंडी सुपरवाइजर तथा नारनौल के आईएफएस रवि कुमार 11 राइस मिलों में जांच करेंगे। पांचवीं टीम में पूंडरी तहसीलदार की अध्यक्षता में कलायत मार्केट कमेटी के सचिव तथा चीका के आईएफएस राजेंद्र पन्नू 9 राइस मिलों, छठी टीम का गठन कैथल के तहसीलदार के नेतृत्व में मार्केट कमेटी कैथल के सहायक सचिव एवं सीवन के आइएफएस सुरेंद्र 11 मिलों, सातवीं टीम कलायत के तहसीलदार की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी ढांड के सचिव तथा ढांड के एएफएसओ ओमप्रकाश 10 राइस मिलों, आठवीं टीम गुहला एसडीएम की अध्यक्षता में गुहला मार्केट कमेटी के सचिव तथा चीका के एएफएसओ दलीप कुमार 11 मिलों, नौंवी टीम गुहला के तहसीलदार के नेतृत्व में गुहला मार्केट कमेटी के सहायक सचिव तथा पूंडरी के आईएफएस बिजेंद्र सिंह 11 राइस मिलों, दसवीं टीम का गठन कलायत एसडीएम के नेतृत्व में कैथल के मंडी सुपरवाइजर एवं नारनौल के आईएफएस पूर्ण लाल, 8 राइस मिलों, ग्यारहवीं टीम का गठन सीवन के नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में गुहला मार्केट कमेटी के सहायक सचिव एवं नारनौल के आइएफएस राहुल 9 राइस मिलों, बारहवीं टीम में कैथल के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में मार्केट कमेटी सीवन के सचिव तथा नारनौल के आईएफएस सत्यवान 9 राइस मिलों व तेरहवीं टीम का गठन पूंडरी के नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में कैथल के मंडी सुपरवाइजर तथा नारनौल के आईएफएस योगेश 10 राइस मिलों के स्टॉक की जांच करेंगे।

आरोप बेबुनियाद, सरकार जब चाहे करा ले जांच
राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगें राम खुरानिया ने कहा कि वैसे तो सरकार अपने माल की किसी भी समय जांच-पड़ताल कर सकती है। लेकिन सीजन जल्दी होने के कारण छह माह का राइस 15 दिनों में मिलों में पहुंच गया है। धान में नमी ज्यादा होने के कारण मिलर्स उस माल को संभाल नहीं सकता। इसमें सरकार मिलर्स को कुछ समय दे तो जांच-पड़ताल में ज्यादा आसानी रहेगी। साथ ही सरकार को जो चावल दिया जाना है। उसे पूरे समय पर सरकार को देने को पाबंद है। कैथल का राइस मिलर धान के एक-एक दाने का चावल समय अनुसार देगा। बाकी सरकार की मर्जी है। अपने धान की किसी भी समय जांच-पड़ताल कर सकती है। रही बात बैंकों से ऋण लिए जाने की तो ये सारे आरोप बेबुनियाद हैं। ना तो बैंक सरकारी धान पर ऋण देते हैं और ना ही मिलर्स इस तरह से कोई ऋण ले रहे हैं।


जिले में 125 राइस मिलों में धान के स्टॉक की जांच के लिए 13 टीमों का गठन किया गया है। ये अधिकारी मिलों में जाकर धान के स्टॉक की जांच करके रिपोर्ट देंगे।
रविप्रकाश गुप्ता, डीसी, कैथल।
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