{"_id":"5c6ef8f3bdec227382447f6f","slug":"121550776563-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैनल चुनने की आजादी..ग्राहकों की जेब पर पड़ेगी भारी, नियम लागू होने से पहले ही उपभोक्ता भुगत रहे चैनल बंद होने का खामियाजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैनल चुनने की आजादी..ग्राहकों की जेब पर पड़ेगी भारी, नियम लागू होने से पहले ही उपभोक्ता भुगत रहे चैनल बंद होने का खामियाजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चैनल चुनने की आजादी..ग्राहकों की जेब पर पड़ेगी भारी, नियम लागू होने से पहले ही उपभोक्ता भुगत रहे चैनल बंद होने का खामियाजा
31 मार्च तय होना है पेड चैनलों का नया रेट, एक महीना पहले ही बंद हुए अधिकतर चैनल
नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर देनें होंगे 130 रुपये
इससे अधिक पर हर 25 चैनलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ देनें होगें 20 रुपये एक्सट्रा
फोटो नंबर-29
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अपने पंसदीदा चैनल को चुनना अब उपभोक्तओं के लिए काफी मंहगा पड़ेगा। यह ट्राई (टेलीकॉम रेगुलरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार लागू होगा। जो 31 मार्च से शुरु हो रहा है। लेकिन अभी से केबल ऑपरेटरों ने कई पेड चैनलों को बंद कर दिया है। जिसे उपभोक्ता अपने कई पंसदीदा चैनल नहीं देख पा रहे है। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है।
ट्राई की ओर से नए नियमों का बहाना बनाकर केबल ऑपरेटरों ने अभी से अधिकतर चैनलों को बंद कर दिया है। जबकि 31 मार्च के बाद ट्राई का नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर 130 रुपये देनें होंगे। यदि कोई उपभोक्ता इससे अधिक चैनल देखेगो तो उसे हर 25 चैनल का पैक लेकर 18 प्रतिशत जीएसटी देकर 20 रुपये पैक में एक्स्ट्रा देना होगा।
100 के बाद हर 25 चैनलों की है स्लैब:-ऑपरेटर्स से मिली जानकारी के अनुसार ट्राई के नियमों के मुताबिक 100 चैनल के बाद उपभोक्ताओं को अन्य चैनल या पैकेज लेना होगा। इसके लिए प्रत्येक 25 पर स्लैब बनाई गई है। इस हिसाब से 101 से 125 तक 25 रुपये, 126 से 150 तक 40 रुपये के हिसाब से नेटवर्क कैपेस्टि शुल्क देना होगा। इसके बाद जितने भी उपभोक्ताओं द्वारा चैनल या पैकेज चुने जाएंगे उन्हें शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
सरकार रेट बढ़ाकर कर रही विश्वासघात:-समाज सेवी अश्विनी हतवाल ने कहा कि सरकार द्वारा गरीब जनता के लिए भी ट्राई के माध्यम से चैनलों का रेट बढ़ाने का विश्वासघात किया जा रहा है। सरकार की ओर से 100 से 150 फ्री टू एयर चैनलों का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन यह नियम लागू होने के बाद से 130 रुपये देना अनिवार्य हो जाएगा। जो सरासर गलत है। जिस समय सेट ऑप बॉक्स लगाए जा रहे थे, उस समय इसी बात को लेकर विरोध किया जा रहा था कि अब चैनलों के रेट बढ़ाए जांएगे। अब वैसा ही हो रहा है। इससे रुकवाने के लिए धरने प्रदर्शन के माध्यम से प्रयास किया जाएगा।
ब्रॉडकास्टिंग की कंपनियों ने बंद किए चैनल:-वहीं केबल ऑपरेटर संजय अरोड़ा ने बताया कि केबल ऑपरेटरों के ओर से कोई भी पेड चैनल बंद नहीं किया गया है। इस पर व्यवस्था बनाने के लिए एक महीने पहले ही ब्रॉडकास्टिंग की कंपनियों ने अपने चैनल बंद कर दिए है। अब उपभोक्ता केवल पेड चैनलों के पैकेज लेने के बाद ही चैनल देख सकेंगे।
विज्ञापन
31 मार्च तय होना है पेड चैनलों का नया रेट, एक महीना पहले ही बंद हुए अधिकतर चैनल
नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर देनें होंगे 130 रुपये
इससे अधिक पर हर 25 चैनलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ देनें होगें 20 रुपये एक्सट्रा
फोटो नंबर-29
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अपने पंसदीदा चैनल को चुनना अब उपभोक्तओं के लिए काफी मंहगा पड़ेगा। यह ट्राई (टेलीकॉम रेगुलरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार लागू होगा। जो 31 मार्च से शुरु हो रहा है। लेकिन अभी से केबल ऑपरेटरों ने कई पेड चैनलों को बंद कर दिया है। जिसे उपभोक्ता अपने कई पंसदीदा चैनल नहीं देख पा रहे है। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है।
ट्राई की ओर से नए नियमों का बहाना बनाकर केबल ऑपरेटरों ने अभी से अधिकतर चैनलों को बंद कर दिया है। जबकि 31 मार्च के बाद ट्राई का नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर 130 रुपये देनें होंगे। यदि कोई उपभोक्ता इससे अधिक चैनल देखेगो तो उसे हर 25 चैनल का पैक लेकर 18 प्रतिशत जीएसटी देकर 20 रुपये पैक में एक्स्ट्रा देना होगा।
विज्ञापन
100 के बाद हर 25 चैनलों की है स्लैब:-ऑपरेटर्स से मिली जानकारी के अनुसार ट्राई के नियमों के मुताबिक 100 चैनल के बाद उपभोक्ताओं को अन्य चैनल या पैकेज लेना होगा। इसके लिए प्रत्येक 25 पर स्लैब बनाई गई है। इस हिसाब से 101 से 125 तक 25 रुपये, 126 से 150 तक 40 रुपये के हिसाब से नेटवर्क कैपेस्टि शुल्क देना होगा। इसके बाद जितने भी उपभोक्ताओं द्वारा चैनल या पैकेज चुने जाएंगे उन्हें शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
सरकार रेट बढ़ाकर कर रही विश्वासघात:-समाज सेवी अश्विनी हतवाल ने कहा कि सरकार द्वारा गरीब जनता के लिए भी ट्राई के माध्यम से चैनलों का रेट बढ़ाने का विश्वासघात किया जा रहा है। सरकार की ओर से 100 से 150 फ्री टू एयर चैनलों का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन यह नियम लागू होने के बाद से 130 रुपये देना अनिवार्य हो जाएगा। जो सरासर गलत है। जिस समय सेट ऑप बॉक्स लगाए जा रहे थे, उस समय इसी बात को लेकर विरोध किया जा रहा था कि अब चैनलों के रेट बढ़ाए जांएगे। अब वैसा ही हो रहा है। इससे रुकवाने के लिए धरने प्रदर्शन के माध्यम से प्रयास किया जाएगा।
ब्रॉडकास्टिंग की कंपनियों ने बंद किए चैनल:-वहीं केबल ऑपरेटर संजय अरोड़ा ने बताया कि केबल ऑपरेटरों के ओर से कोई भी पेड चैनल बंद नहीं किया गया है। इस पर व्यवस्था बनाने के लिए एक महीने पहले ही ब्रॉडकास्टिंग की कंपनियों ने अपने चैनल बंद कर दिए है। अब उपभोक्ता केवल पेड चैनलों के पैकेज लेने के बाद ही चैनल देख सकेंगे।