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वैश्वीकरण की नीतियों का दौर शुरू होने से खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही

Sat, 19 Jan 2019 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:08 AM IST
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वैश्वीकरण की नीतियों का दौर शुरू होने से खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही
वैश्वीकरण की नीतियों का दौर शुरू होने से खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही
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फोटो नंबर-25
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से शुक्रवार को गांव बालू के डेरा राजपुरी में किसान सभा आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश महासचिव फूल सिंह श्योकंद ने की। श्योकंद ने कहा कि उदारीकरण व वैश्वीकरण की नीतियों का दौर शुरू होने के बाद खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसान पर लगातार बढ़ रहे कर्जे के कारण किसान आत्महत्या पर मजबूर हैं। हालात इतने विकट हो गए कि देश में हर 40 मिंट में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। किसान के इन हालातों के लिए सरकार की किसान विरोधी नीतियां ही पूरी तरह से जिम्मेवार है। उन्होंने कहा कि किसान सभा पूरे देश में किसी भी फसल का भाव लागत से डेढ़ गुना करवाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी किसान व मजदूरों को कर्ज मुक्त करके आगे के हालात सुखद करने संबंधी जो बिल विपक्षी पार्टियों ने संसद में पेश किए हैं उनकी संजीदगी को समझते हुए केंद्र सरकार विशेष अधिवेशन बुला कर कानून का दर्जा दे। जनसभा में गांव बालू के किसानों के अलावा गुल्याणा, सौंगरी, तारागढ़, कैलरम, रामगढ़, चौशाला व बडसीकरी के किसान भी मौजूद रहे।
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