{"_id":"5c3a4a3bbdec227394029637","slug":"121547323963-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुगर मिल के अधिकारी ही मिल में घोटाले कर चंपत लगा रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुगर मिल के अधिकारी ही मिल में घोटाले कर चंपत लगा रहे
विज्ञापन
शुगर मिल के अधिकारी ही मिल में घोटाले कर चंपत लगा रहे
कैथल। चिप घोटाले की जांच की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा शुगर मिल परिसर में दिया गया धरना शनिवार को 17वें दिन भी जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता प्रांत के युवा प्रमुख गुलतान सिंह नैन ने की। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार और प्रशासन भारतीय किसान संघ के उद्देश्य को नहीं समझ रहा। किसान संघ के विरोध के कारण एमडी का तबादला हो गया और आरोपियों कर्मचारियों की गिरफ्तारी करवाने की मांग करते हैं। शुगर मिल के कांटे के वजन में 21 क्विंटल 74 किलो गन्ने की भरपाई और किसान से एक रुपये प्रति क्विंटल शेयर के नाम पर काटा जा रहा है और जितना पैसा किसानों का इकट्ठा हुआ है। वह वापस किया जाए और क्योंकि जब शुगर मिल के अफसर और अधिकारी ही शुगर मिल को इस प्रकार के घोटाले कर चंपत लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में किसानों का एक रुपये प्रति शेयर बंद होना चाहिए। भूख हड़ताल पर 6 दिनों से क्रमिक तरीके से दो किसान बैठे हैं। लेकिन प्रशासन को इनकी कोई चिंता नहीं है। किसान महापंचायत तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। डीसी धर्मबीर सिंह ने किसानों को धरना उठाने के लिए आश्वासन दिया हैं। संघ द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए 15 जनवरी को किसान महापंचायत बुलाई जाएगी। महापंचायत में ठोस निर्णय लिए जाएंगे और आंदोलन जारी रहेगा। जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा और किसानों द्वारा ठोस कदम उठाए जाऐंगे। इस मौके पर रणदीप सिंह आर्य, जिलाअध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग, पाला राम, राम मोहन, सूरजभान, रमेश नैना, राजीव नैना, महेंद्र फतेहपुर, दीपक वालिया, प्रदीप नरड़, गुलाब, कुलविंद्र, दरबारा, जरनैल, सनी वालिया, सुखदेव फतेहपुर, रामफल, महावीर धौंस, विक्रम क्योड़क, रकम सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। चिप घोटाले की जांच की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा शुगर मिल परिसर में दिया गया धरना शनिवार को 17वें दिन भी जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता प्रांत के युवा प्रमुख गुलतान सिंह नैन ने की। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार और प्रशासन भारतीय किसान संघ के उद्देश्य को नहीं समझ रहा। किसान संघ के विरोध के कारण एमडी का तबादला हो गया और आरोपियों कर्मचारियों की गिरफ्तारी करवाने की मांग करते हैं। शुगर मिल के कांटे के वजन में 21 क्विंटल 74 किलो गन्ने की भरपाई और किसान से एक रुपये प्रति क्विंटल शेयर के नाम पर काटा जा रहा है और जितना पैसा किसानों का इकट्ठा हुआ है। वह वापस किया जाए और क्योंकि जब शुगर मिल के अफसर और अधिकारी ही शुगर मिल को इस प्रकार के घोटाले कर चंपत लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में किसानों का एक रुपये प्रति शेयर बंद होना चाहिए। भूख हड़ताल पर 6 दिनों से क्रमिक तरीके से दो किसान बैठे हैं। लेकिन प्रशासन को इनकी कोई चिंता नहीं है। किसान महापंचायत तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। डीसी धर्मबीर सिंह ने किसानों को धरना उठाने के लिए आश्वासन दिया हैं। संघ द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए 15 जनवरी को किसान महापंचायत बुलाई जाएगी। महापंचायत में ठोस निर्णय लिए जाएंगे और आंदोलन जारी रहेगा। जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा और किसानों द्वारा ठोस कदम उठाए जाऐंगे। इस मौके पर रणदीप सिंह आर्य, जिलाअध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग, पाला राम, राम मोहन, सूरजभान, रमेश नैना, राजीव नैना, महेंद्र फतेहपुर, दीपक वालिया, प्रदीप नरड़, गुलाब, कुलविंद्र, दरबारा, जरनैल, सनी वालिया, सुखदेव फतेहपुर, रामफल, महावीर धौंस, विक्रम क्योड़क, रकम सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।