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पूंडरी नगर पालिका चुनाव

Thu, 06 Dec 2018 12:56 AM IST
Updated Thu, 06 Dec 2018 12:56 AM IST
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पूंडरी नगर पालिका चुनाव
महज 2 किलोमीटर में सिमट कर रह गया अंग्रेजों के जमाने की नगर पालिका का एरिया
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पूंडरी नगर पालिका चुनाव, गांव फतेहपुर के कारण पूंडरी नगर पालिका को भारी नुकसान
अधिकतर विकास फतेहपुर में, मुख्य मार्ग, बस अड्डा, पुलिस थाना सहित कई विभागों के कार्यालय फतेहपुर में
विभिन्न तरह के टेक्सों में छूट के चलते लोग अब रिहायशी बस्तियां के रुप में फतेहपुर में ही कर रहे हैं निवास
आज तक सीवरेज, गलियों व पेयजल तक की समस्याओं से जूझ रहे हैं नगर पालिका पूंडरी में लोग
फोटो संख्या-52 व 53

अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। अंग्रेजों के जमाने की नगर पालिका का क्षेत्र विकसित होने की बजाए महज 2 से 3 किलोमीटर के एरिया में सिमट कर रह गया है। करीब 90 सालों में इस शहर का विकास होने की बजाए लगातार पिछड़ता जा रहा है। अधिकतर विकास गांव फतेहपुर में ही हो रहा है। फतेहपुर को नगर पालिका पूंडरी में शामिल करने की जंग भी शुरू हुई। लेकिन गांव के लोग शहर में आना ही नहीं चाहते। कोर्ट से जंग लड़ते हुए फतेहपुर के ग्रामीणों ने इसे फिर से अलग करवा लिया।
वर्ष 1929 में नगर पालिका पूंडरी को अंग्रेजों ने छोटे शहर के रूप में मान्यता दी थी। उस समय के छोटे शहर भी आज बड़े नगरों में तब्दील हो चुके हैं। लेकिन नगर पालिका पूंडरी में हालात इसके विपरीत हैं। यहां अधिकतर विकास कैथल-करनाल रोड पर स्थित होने के कारण गांव फतेहपुर का हो गया। अधिकतर सरकारी कार्यालय इसी गांव में है।
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पूंडरी निवासी पूर्व पार्षद भूप सैनी बताते हैं कि फतेहपुर की ओर से गंदा पानी पूंडरी नगर पालिका क्षेत्र की ओर जरूर बहता है। लेकिन उस क्षेत्र की वजह से पूंडरी को ज्यादा फायदा नहीं हो रहा। सारे के सारे सरकारी कार्यालय फतेहपुर में हैं। इसी प्रकार से शहरवासी राजेश कुमार ने बताया कि शहर का एरिया सिमट कर 2 किलोमीटर ही रह गया था। लेकिन अब सरकार ने 3 और कॉलोनियों को मंजूरी दे दी है। जिससे यह 2 से 3 किलोमीटर तक बढ़ा है। लेकिन पूंडरी क्षेत्र में अपना न पुलिस थाना, न बस अड्डा है। साथ ही कई सरकारी अदायरे यहां नहीं हैं।
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प्रॉपर्टी टैक्स का सालाना टारगेट महज 18 करोड़, इसमें से भी पिछले कई सालों का करीब 1 करोड़ बकाया : शहर में लगातार सिमटती प्रॉपर्टी व विकास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में एक साल का प्रॉपर्टी टैक्स का टारगेट महज 18 लाख है। यह भी पिछले कई सालों का करीब 1 करोड़ रुपये के रूप में लंबित है। अब जबकि चुनाव में प्रॉपर्टी टेक्स की अदायगी की शर्त है तो उम्मीदवारी के इच्छुक लोगों ने जरूर 1 से लेकर 1.50 लाख रुपये तक टैक्स के रूप में जमा करवाए हैं।
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