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डेरा गदला पंचायत में जमा कराए 12 लाख 87 हजार 429
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12 lakh 87 thousand 429 deposited in Dera Gadla Panchayat
- फोटो : Kaithal
। बीडीपीओ व सचिव द्वारा डेरा गदला ग्राम पंचायत के खाते से एक फर्म को बिना काम करवाए 14 लाख 32 हजार रुपये के भुगतान के मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम हुआ। जिसमें उस फर्म ने इस बैंक खाते में 12 लाख 87 हजार 429 रुपये जमा करवा दिए हैं, जिसे चैक के माध्यम से 14.32 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। दूसरी ओर डीडीपीओ की अगुवाई में जांच टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण भी किया। डीसी द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
डेरा गदला की ग्राम पंचायत के खाते से स्टेडियम में ब्लॉक लगाए जाने सहित अन्य कार्यों की एवज में 14.32 लाख रुपये बीडीपीओ व ग्राम सचिव द्वारा एक फर्म को भुगतान कर दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि साहब सिंह विर्क व अन्य ने आरोप लगाया था कि मौके पर कोई काम नहीं हुआ है। इसके बावजूद फर्म को किस बात की पेमेंट की गई है। यह वित्तीय गड़बड़ी नहीं सीधा घोटाला है। इस शिकायत के बाद डीसी प्रदीप दहिया ने डीडीपीओ की अगुवाई में जांच कमेटी बनाई है। जिसमें एडीसी की अध्यक्षता में एसडीएम, डीडीपीओ व एक्सईएन पंचायती राज को शामिल किया गया है। कमेटी में शामिल डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, एसडीएम संजय कुमार व पंचायत विभाग के एक्सईएन ने मौके का मुआयना किया।
फर्म ने जमा करवाए खाते में 12.87 लाख-उधर, नाटकीय घटनाक्रम में उस फर्म ने पंचायत के बैंक खाते में 9 लाख 95 हजार 970 रुपये, 2 लाख 35 हजार 692 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से व 57 हजार 767 रुपये नकद जमा करवाए हैं। एक व्यक्ति के साथ हुई बातचीत में फर्म मालिक ने यह राशि जमा करवाए जाने की बात स्वीकार की है और कहा कि बीडीपीओ के आदेश पर यह राशि जमा करवाई गई है।(बातचीत की रिकॉर्डिंग अमर उजाला के पास है) लेकिन जब अमर उजाला द्वारा उनसे पूछा गया तो वे यह कहकर फोन काट गए कि वे थोड़ी देर में बात करेंगे।
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तो क्या वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम देने की थी तैयारी-जिस तरीके से पंचायत के खाते से 14 लाख 32 हजार रुपये निकलवाए गए हैं और ग्रामीणों की शिकायत के बाद ये जमा भी करवा दिए गए हैं, इससे स्पष्ट है कि इतनी भारी भरकम राशि के गोलमाल की तैयारी थी। लेकिन लोगों ने रोष प्रकट किया तो अब फर्म द्वारा यह राशि वापस जमा करवा दी गई है। यदि लोग रोष प्रकट नहीं करते तो क्या यह राशि वापस जमा नहीं हो पाती? इस तरह के कई सवालों के जवाब जांच कमेटी की जांच के बाद ही पता चलेंगे। लेकिन लोगों द्वारा कयास लगाए जा रहे हैं कि जब से सरपंचों का कार्यकाल समाप्त हुआ है, तभी से सभी पंचायतों के खातों से किए जा रहे लेन-देन की जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में बार बार फोन किए जाने पर भी बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा का फोन पिक नहीं हो पाया। डीडीपीओ जसविंद्र सिंह ने कहा कि एसडीएम व एक्सईएन के साथ बुधवार को मौके का मुआयना किया गया है। स्टेडियम में जो ब्लॉक लगाए जाने थे, वह काम नहीं हुआ है। दो काम चारदीवारी व गली का काम पूरा पाया गया है। काम हुए बिना पैसों का भुगतान क्यों किया गया है? यह बात बीडीपीओ से पूछी जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट डीसी महोदय को सौंप दी जाएगी। पैसे जमा हुए हैं या नहीं, अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
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डेरा गदला की ग्राम पंचायत के खाते से स्टेडियम में ब्लॉक लगाए जाने सहित अन्य कार्यों की एवज में 14.32 लाख रुपये बीडीपीओ व ग्राम सचिव द्वारा एक फर्म को भुगतान कर दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि साहब सिंह विर्क व अन्य ने आरोप लगाया था कि मौके पर कोई काम नहीं हुआ है। इसके बावजूद फर्म को किस बात की पेमेंट की गई है। यह वित्तीय गड़बड़ी नहीं सीधा घोटाला है। इस शिकायत के बाद डीसी प्रदीप दहिया ने डीडीपीओ की अगुवाई में जांच कमेटी बनाई है। जिसमें एडीसी की अध्यक्षता में एसडीएम, डीडीपीओ व एक्सईएन पंचायती राज को शामिल किया गया है। कमेटी में शामिल डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, एसडीएम संजय कुमार व पंचायत विभाग के एक्सईएन ने मौके का मुआयना किया।
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फर्म ने जमा करवाए खाते में 12.87 लाख-उधर, नाटकीय घटनाक्रम में उस फर्म ने पंचायत के बैंक खाते में 9 लाख 95 हजार 970 रुपये, 2 लाख 35 हजार 692 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से व 57 हजार 767 रुपये नकद जमा करवाए हैं। एक व्यक्ति के साथ हुई बातचीत में फर्म मालिक ने यह राशि जमा करवाए जाने की बात स्वीकार की है और कहा कि बीडीपीओ के आदेश पर यह राशि जमा करवाई गई है।(बातचीत की रिकॉर्डिंग अमर उजाला के पास है) लेकिन जब अमर उजाला द्वारा उनसे पूछा गया तो वे यह कहकर फोन काट गए कि वे थोड़ी देर में बात करेंगे।
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तो क्या वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम देने की थी तैयारी-जिस तरीके से पंचायत के खाते से 14 लाख 32 हजार रुपये निकलवाए गए हैं और ग्रामीणों की शिकायत के बाद ये जमा भी करवा दिए गए हैं, इससे स्पष्ट है कि इतनी भारी भरकम राशि के गोलमाल की तैयारी थी। लेकिन लोगों ने रोष प्रकट किया तो अब फर्म द्वारा यह राशि वापस जमा करवा दी गई है। यदि लोग रोष प्रकट नहीं करते तो क्या यह राशि वापस जमा नहीं हो पाती? इस तरह के कई सवालों के जवाब जांच कमेटी की जांच के बाद ही पता चलेंगे। लेकिन लोगों द्वारा कयास लगाए जा रहे हैं कि जब से सरपंचों का कार्यकाल समाप्त हुआ है, तभी से सभी पंचायतों के खातों से किए जा रहे लेन-देन की जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में बार बार फोन किए जाने पर भी बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा का फोन पिक नहीं हो पाया। डीडीपीओ जसविंद्र सिंह ने कहा कि एसडीएम व एक्सईएन के साथ बुधवार को मौके का मुआयना किया गया है। स्टेडियम में जो ब्लॉक लगाए जाने थे, वह काम नहीं हुआ है। दो काम चारदीवारी व गली का काम पूरा पाया गया है। काम हुए बिना पैसों का भुगतान क्यों किया गया है? यह बात बीडीपीओ से पूछी जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट डीसी महोदय को सौंप दी जाएगी। पैसे जमा हुए हैं या नहीं, अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।