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2.5 डिग्री न्यूनतम तापमान में ठिठुरती ठंड में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हैं 1200 बच्चे
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2.5 डिग्री न्यूनतम तापमान, टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे 1200 बच्चे, कछुआ चाल में चल रहा नये भवन का निर्माण कार्य
- गांव पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल में 41 कमरों की जरूरत, 17 कमरों में दो शिफ्टों में चल रहा है स्कूल
- धीमी गति से चल रहा है स्कूल भवन के निर्माण का कार्य, सुबह व शाम को स्कूल आने-जाने में बच्चों को हो रही परेशानियां
फोटो नंबर-06 से 08
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल में 1200 बच्चे 17 कमरों में सुबह एवं शाम को दो शिफ्टों में पढ़ने को मजबूर हैं। 2.5 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के बीच बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। लेकिन अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं। स्कूल के लिए भवन बन रहा है, लेकिन ठंड को देखते हुए उसके निर्माण कार्य की गति में कोई तेजी नहीं दिख रही है। हालात ये हैं कि फर्श आदि की रगड़ाई के लिए ही काम रुका हुआ है। सुबह की शिफ्ट में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को 7 बजे आना पड़ता है। जबकि बाकी सभी स्कूल सुबह 9 बजे खुलते हैं। वहीं दूसरी शिफ्ट में छुट्टी के बाद शाम को सवा पांच बजे बच्चों की छुट्टी होती है। जिन्हें ठिठुरते हुए घर जाना पड़ता है।
पहली शिफ्ट सुबह 7 तो दूसरी होती है 12 बजे होती है शुरू : गांव पट्टी अफगान में स्थित राजकीय स्कूल में प्राइमरी विंग व सेकेंडरी विंग की कक्षाएं लगाने के लिए कमरे न होने के कारण दो शिफ्टों में लगाई जा रही है। इसमें पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे लगती है जब लोग रजाई से बाहर ही निकलते हैं। ऐसे समय बच्चे ठिठुरती ठंड में स्कूल पहुंच जाते हैं। दूसरी शिफ्ट में दोपहर 12 बजे प्राइमरी विंग के बच्चें आते हैं, जिनकी छुट्टी शाम के समय 5 बजे के बाद होती है। जब आसमान में अंधेरा छानेे लगता है।
सिंगल टाट पर ठंड में बैठते हैं बच्चे : बच्चों के लिए कमरे कम हैं जिस कारण इनमें बेंच भी नहीं डाले जा पा रहे हैं। बच्चे ठंड के मौसम में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हैं। जबकि विभाग आज के समय में स्मार्ट कक्षाओं का दावा कर रहा है। ऐसे में परेशानी कितनी होगी, यह आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं। शनिवार को स्कूल में पहुंचे मासूम बच्चों ने कहा कि उन्हें घर जाते समय ठंड लगती है। बेंच कमरों की छतों पर पड़े हुए हैं। जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं।
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स्कूल के लिए नया भवन बन रहा है। जिस कारण मजबूरन बच्चों को दो शिफ्टों में बुलाया जाता है। नए भवन का कार्य उम्मीद है कि छुट्टियों के बाद पूरा हो जाए। इसके बाद बच्चों को कोई भी परेशानी नहीं होगी।
हवा सिंह, प्रिंसिपल
यह विभाग की मजबूरी है। कमरों की कमी में बच्चों को दो शिफ्टों में बुलाया जा रहा है। नए सत्र तक ही भवन का काम पूरा हो पाएगा। इसके बाद बच्चों को परेशानी नहीं होगी।
शमशेर सिंह सिरोही, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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- गांव पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल में 41 कमरों की जरूरत, 17 कमरों में दो शिफ्टों में चल रहा है स्कूल
- धीमी गति से चल रहा है स्कूल भवन के निर्माण का कार्य, सुबह व शाम को स्कूल आने-जाने में बच्चों को हो रही परेशानियां
फोटो नंबर-06 से 08
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव पट्टी अफगान स्थित राजकीय स्कूल में 1200 बच्चे 17 कमरों में सुबह एवं शाम को दो शिफ्टों में पढ़ने को मजबूर हैं। 2.5 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के बीच बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। लेकिन अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं। स्कूल के लिए भवन बन रहा है, लेकिन ठंड को देखते हुए उसके निर्माण कार्य की गति में कोई तेजी नहीं दिख रही है। हालात ये हैं कि फर्श आदि की रगड़ाई के लिए ही काम रुका हुआ है। सुबह की शिफ्ट में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को 7 बजे आना पड़ता है। जबकि बाकी सभी स्कूल सुबह 9 बजे खुलते हैं। वहीं दूसरी शिफ्ट में छुट्टी के बाद शाम को सवा पांच बजे बच्चों की छुट्टी होती है। जिन्हें ठिठुरते हुए घर जाना पड़ता है।
पहली शिफ्ट सुबह 7 तो दूसरी होती है 12 बजे होती है शुरू : गांव पट्टी अफगान में स्थित राजकीय स्कूल में प्राइमरी विंग व सेकेंडरी विंग की कक्षाएं लगाने के लिए कमरे न होने के कारण दो शिफ्टों में लगाई जा रही है। इसमें पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे लगती है जब लोग रजाई से बाहर ही निकलते हैं। ऐसे समय बच्चे ठिठुरती ठंड में स्कूल पहुंच जाते हैं। दूसरी शिफ्ट में दोपहर 12 बजे प्राइमरी विंग के बच्चें आते हैं, जिनकी छुट्टी शाम के समय 5 बजे के बाद होती है। जब आसमान में अंधेरा छानेे लगता है।
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सिंगल टाट पर ठंड में बैठते हैं बच्चे : बच्चों के लिए कमरे कम हैं जिस कारण इनमें बेंच भी नहीं डाले जा पा रहे हैं। बच्चे ठंड के मौसम में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हैं। जबकि विभाग आज के समय में स्मार्ट कक्षाओं का दावा कर रहा है। ऐसे में परेशानी कितनी होगी, यह आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं। शनिवार को स्कूल में पहुंचे मासूम बच्चों ने कहा कि उन्हें घर जाते समय ठंड लगती है। बेंच कमरों की छतों पर पड़े हुए हैं। जबकि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं।
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स्कूल के लिए नया भवन बन रहा है। जिस कारण मजबूरन बच्चों को दो शिफ्टों में बुलाया जाता है। नए भवन का कार्य उम्मीद है कि छुट्टियों के बाद पूरा हो जाए। इसके बाद बच्चों को कोई भी परेशानी नहीं होगी।
हवा सिंह, प्रिंसिपल
यह विभाग की मजबूरी है। कमरों की कमी में बच्चों को दो शिफ्टों में बुलाया जा रहा है। नए सत्र तक ही भवन का काम पूरा हो पाएगा। इसके बाद बच्चों को परेशानी नहीं होगी।
शमशेर सिंह सिरोही, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी