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नगर पालिका में अध्यक्षा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:27 AM IST
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पिंटू गुट की पार्षद रिंपल रानी ने लिखा डीसी को पत्र, मीटिंग रद्द करवा सकता है विपक्ष
नगर पालिका में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका के वार्ड 12 की पार्षद रिंपल रानी ने आशंका जाहिर की है कि विपक्ष राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल करके 26 तारीख को नगर पालिका में बुलाई गई अविश्वास प्रस्ताव बैठक रद्द करवा सकता है। उन्होंने इस संबंध में डीसी कैथल को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी पार्षद संख्या नहीं जुटा पाया है। इसलिए अब वह मीटिंग रद्द करवाने जैसे हथकंडे अपना सकता है। उन्होंने अपने पत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रशासन से किसी भी सूरत में मीटिंग आगे न सरकाने की मांग की है। पत्र की प्रतियां प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ=साथ निदेशक स्थानीय निकाय विभाग तथा एसडीएम गुहला को भी भेजी गई हैं।
गौरतलब है कि बीती 10 सितंबर को नगर पालिका चीका के 7 पार्षद डीसी कैथल को एक पत्र देकर पालिका अध्यक्ष अमनदीप कौर शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की मांग करके आए थे। डीसी ने यह पत्र उसी दिन एसडीएम गुहला को भेजकर आगामी कार्रवाई के निर्देश दे दिए और एसडीएम गुहला ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 26 सितंबर की बैठक तय करने का ऐलान कर दिया।
दावा 13 का दस्तखत 10 : डीसी से मिलने गए विपक्षी पार्षदों की अगुवाई कर रहे पार्षद शीश पाल जिंदल ने दावा किया था कि उनके साथ 13 पार्षदों का समर्थन है जबकि डीसी को दिए पत्र में महज 10 पार्षदों के हस्ताक्षर थे।
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विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए कुल पार्षदों की दो तिहाई संख्या दरकार है। नगर पालिका चीका में कुल 17 वार्डों से 17 निर्वाचित पार्षद हैं। इनका दो तिहाई 12 पार्षद बनता है। पालिका अध्यक्ष अमनदीप को अपनी सत्ता बचाने के लिए सिर्फ 6 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग : पार्षद रिंपल रानी ने कहा कि विपक्ष तमाम तरह के दबाव व लालच दिए जाने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी संख्या का जुगाड़ नहीं कर पाया है। पिंटू गुट के पार्षद अमनदीप शर्मा के साथ आज भी खड़े हैं लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव का गिरना तय है।
रिंपल रानी ने डीसी को लिखे पत्र में कहा कि अगर किसी पीठासीन अधिकारी के अचानक बीमार हो जाने या किसी अन्य कारण से अनुपलब्ध हो जाने का, बहाना बनाकर 26 की मीटिंग को रद्द किया गया तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने से नहीं चूकेंगी।
हमने तो खुद अविश्वास प्रस्ताव की तारदी तय करवाई है। हम रद्द क्यों करवाएंगे। सत्ता पक्ष बहुमत खो चुका है इसलिए अपनी साख बचाने के लिए इस तरह के ढोंग भरे पत्र लिखकर लोगों को मिसगाइड कर रहा है। हम आश्वस्त हैं, अविश्वास प्रस्ताव अवश्य पारित होगा।
शीश पाल जिंदल, विपक्षी पार्षदों के नेता
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नगर पालिका में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका के वार्ड 12 की पार्षद रिंपल रानी ने आशंका जाहिर की है कि विपक्ष राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल करके 26 तारीख को नगर पालिका में बुलाई गई अविश्वास प्रस्ताव बैठक रद्द करवा सकता है। उन्होंने इस संबंध में डीसी कैथल को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी पार्षद संख्या नहीं जुटा पाया है। इसलिए अब वह मीटिंग रद्द करवाने जैसे हथकंडे अपना सकता है। उन्होंने अपने पत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रशासन से किसी भी सूरत में मीटिंग आगे न सरकाने की मांग की है। पत्र की प्रतियां प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ=साथ निदेशक स्थानीय निकाय विभाग तथा एसडीएम गुहला को भी भेजी गई हैं।
गौरतलब है कि बीती 10 सितंबर को नगर पालिका चीका के 7 पार्षद डीसी कैथल को एक पत्र देकर पालिका अध्यक्ष अमनदीप कौर शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की मांग करके आए थे। डीसी ने यह पत्र उसी दिन एसडीएम गुहला को भेजकर आगामी कार्रवाई के निर्देश दे दिए और एसडीएम गुहला ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 26 सितंबर की बैठक तय करने का ऐलान कर दिया।
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दावा 13 का दस्तखत 10 : डीसी से मिलने गए विपक्षी पार्षदों की अगुवाई कर रहे पार्षद शीश पाल जिंदल ने दावा किया था कि उनके साथ 13 पार्षदों का समर्थन है जबकि डीसी को दिए पत्र में महज 10 पार्षदों के हस्ताक्षर थे।
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विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए कुल पार्षदों की दो तिहाई संख्या दरकार है। नगर पालिका चीका में कुल 17 वार्डों से 17 निर्वाचित पार्षद हैं। इनका दो तिहाई 12 पार्षद बनता है। पालिका अध्यक्ष अमनदीप को अपनी सत्ता बचाने के लिए सिर्फ 6 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग : पार्षद रिंपल रानी ने कहा कि विपक्ष तमाम तरह के दबाव व लालच दिए जाने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी संख्या का जुगाड़ नहीं कर पाया है। पिंटू गुट के पार्षद अमनदीप शर्मा के साथ आज भी खड़े हैं लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव का गिरना तय है।
रिंपल रानी ने डीसी को लिखे पत्र में कहा कि अगर किसी पीठासीन अधिकारी के अचानक बीमार हो जाने या किसी अन्य कारण से अनुपलब्ध हो जाने का, बहाना बनाकर 26 की मीटिंग को रद्द किया गया तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने से नहीं चूकेंगी।
हमने तो खुद अविश्वास प्रस्ताव की तारदी तय करवाई है। हम रद्द क्यों करवाएंगे। सत्ता पक्ष बहुमत खो चुका है इसलिए अपनी साख बचाने के लिए इस तरह के ढोंग भरे पत्र लिखकर लोगों को मिसगाइड कर रहा है। हम आश्वस्त हैं, अविश्वास प्रस्ताव अवश्य पारित होगा।
शीश पाल जिंदल, विपक्षी पार्षदों के नेता