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कैथल में नहीं हो पाया बसों का चक्का जाम, दो यूनियनों से जुड़े कर्मचारी रहे हड़ताल पर, जिले में सारी बसें अपने रुटों पर गए, जनता
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:19 AM IST
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चक्का जाम को लेकर दो यूनियनों में विवाद, पुलिस ने किया बीच बचाव
कैथल में नहीं हो पाया बसों का चक्का जाम, दो यूनियनों से जुड़े कर्मचारी रहे हड़ताल पर, जिले में सारी बसें अपने रूटों पर गए, जनता को राहत
सुबह के समय
पूरा दिन बस स्टैंड परिसर में भारी पुलिस बल रहा तैनात
फोटो नंबर-7 से 10
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किया जाने वाला चक्का जाम यूनियनों में आपसी फूट के चलते पूरी तरह से फ्लॉप रहा। चक्का जाम को लेकर हड़ताल से एसकेएस, महासंघ और बीएमएस ने किनारा किया। हड़ताल में केवल ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन और इंटक ने हिस्सा लिया। लेकिन व अपने साथियों द्वारा हड़ताल में भाग लेने को सफल नहीं कर सके। सुबह के समय बस स्टैंड परिसर पर पहली बस के समय में बस निकालने पर हड़ताली कर्मचारियों व महासंघ के सदस्य के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इस पर पुलिस ने बीच बचाव कर शांति करवाई।
विदित रहे कि रोडवेज यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर को रोडवेज की बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण सब कुछ ठीक ठाक रहा। हड़ताल में क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन, हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने बस स्टैंड के गेट पर पहुंच कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। सिर्फ 5 प्रतिशत कर्मचारी ही हड़ताल में शामिल हुए।
हरियाणा सरकार ने 720 प्राइवेट बसों को 40 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हायर किया है। इसी फैसले का रोडवेज यूनियन विरोध कर रही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस प्रकार के फैसलों से रोडवेज विभाग बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा।
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कर्मचारियों में दिखी आपसी फूट : 632 कर्मचारियों ने जब 35 कर्मचारियों का हड़ताल में साथ नहीं दिया तो हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें विभीषण बता दिया। विभीषण भाईयों शर्म करो, शर्म नहीं तो डूब मरो। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि घर का भेदी ही लंका ढाता है। कर्मचारियों के सहयोग के बिना हड़ताल सफल नहीं हो सकी। वहीं दूसरी ओर हड़ताल से अलग रहने वाले कर्मचारियों ने कहा कि सबकी सहमति से निर्णय लिया जाता है। यदि कोई एक व्यक्ति ही सभी निर्णय लेगा तो ऐसे में वह कैसे साथ दे सकते हैं।
ढांड में चक्का जाम का मिलाजुला असर दिखाई दिया
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम के ऐलान का ढांड में मिलाजुला असर देखने को मिला। बस स्टैंड पर सवारियों की कोई भीड़ नजर नही आई बल्कि सामान्य दिनों की तरह सवारियों का आना जाना लगा रहा। ढांड बस अड्डा इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का यहां पर कोई खास असर दिखाई नही दिया। हालांकि सामान्य दिनों की तरह तो बसें नही चली लेकिन कैथल डिपो, कुरुक्षेत्र डिपो, करनाल डिपो तथा जींद डिपो की बसें कैथल-करुक्षेत्र मार्ग, करनाल पेहवा मार्ग, पूंडरी-कुरुक्षेत्र मार्ग पर दिनभर चलती रही। उन्होंने बताया कि हर रोज 2 बजे तक लगभग 60 बसों का आवागमन हो जाता था। लेकिन आज 2 बजे तक केवल 30 बसों का आवागमन ही रजिस्टर में दर्ज किया गया है। यमुनानगर, हिसार तथा फतेहाबाद डिपो की बसों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहा।
कलायत में चक्का जाम का नहीं दिखा असर : राज्य परिवहन के कर्मचारियों द्वारा आज के बसों के चक्का जाम का असर कहीं दिखाई नहीं दिया। कलायत बस अड्डा पर दौरा करने के दौरान देखा गया कि बसों का आवागमन होने के साथ दैनिक यात्री भी रोजमर्रा की तरह भी यात्रा कर रहे थे। बसों के चलने के चलते बस अड्डा पर सवारियों की कोई भीड़ नहीं थी। कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम का ऐलान किए जाने के चलते बस अड्डा पर पुलिस कर्मचारी तैनात थे जो सभी प्रकार की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर रखे हुए थे। अड्डा इंचार्ज रामेश्वर दास ने बताया कि सुबह सवारियों के अधिक होने तथा कुछ समय के लिए बसों के कम आने के चलते मामूली परेशानी का सामना जरूर करना पड़ा मगर इसके पश्चात विभिन्न जिलों से बसों का यहां आवागमन बना हुआ है।
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कैथल में नहीं हो पाया बसों का चक्का जाम, दो यूनियनों से जुड़े कर्मचारी रहे हड़ताल पर, जिले में सारी बसें अपने रूटों पर गए, जनता को राहत
सुबह के समय
पूरा दिन बस स्टैंड परिसर में भारी पुलिस बल रहा तैनात
फोटो नंबर-7 से 10
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों द्वारा किया जाने वाला चक्का जाम यूनियनों में आपसी फूट के चलते पूरी तरह से फ्लॉप रहा। चक्का जाम को लेकर हड़ताल से एसकेएस, महासंघ और बीएमएस ने किनारा किया। हड़ताल में केवल ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन और इंटक ने हिस्सा लिया। लेकिन व अपने साथियों द्वारा हड़ताल में भाग लेने को सफल नहीं कर सके। सुबह के समय बस स्टैंड परिसर पर पहली बस के समय में बस निकालने पर हड़ताली कर्मचारियों व महासंघ के सदस्य के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इस पर पुलिस ने बीच बचाव कर शांति करवाई।
विदित रहे कि रोडवेज यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर को रोडवेज की बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण सब कुछ ठीक ठाक रहा। हड़ताल में क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन, हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों ने बस स्टैंड के गेट पर पहुंच कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। सिर्फ 5 प्रतिशत कर्मचारी ही हड़ताल में शामिल हुए।
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हरियाणा सरकार ने 720 प्राइवेट बसों को 40 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हायर किया है। इसी फैसले का रोडवेज यूनियन विरोध कर रही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस प्रकार के फैसलों से रोडवेज विभाग बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा।
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कर्मचारियों में दिखी आपसी फूट : 632 कर्मचारियों ने जब 35 कर्मचारियों का हड़ताल में साथ नहीं दिया तो हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें विभीषण बता दिया। विभीषण भाईयों शर्म करो, शर्म नहीं तो डूब मरो। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि घर का भेदी ही लंका ढाता है। कर्मचारियों के सहयोग के बिना हड़ताल सफल नहीं हो सकी। वहीं दूसरी ओर हड़ताल से अलग रहने वाले कर्मचारियों ने कहा कि सबकी सहमति से निर्णय लिया जाता है। यदि कोई एक व्यक्ति ही सभी निर्णय लेगा तो ऐसे में वह कैसे साथ दे सकते हैं।
ढांड में चक्का जाम का मिलाजुला असर दिखाई दिया
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम के ऐलान का ढांड में मिलाजुला असर देखने को मिला। बस स्टैंड पर सवारियों की कोई भीड़ नजर नही आई बल्कि सामान्य दिनों की तरह सवारियों का आना जाना लगा रहा। ढांड बस अड्डा इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का यहां पर कोई खास असर दिखाई नही दिया। हालांकि सामान्य दिनों की तरह तो बसें नही चली लेकिन कैथल डिपो, कुरुक्षेत्र डिपो, करनाल डिपो तथा जींद डिपो की बसें कैथल-करुक्षेत्र मार्ग, करनाल पेहवा मार्ग, पूंडरी-कुरुक्षेत्र मार्ग पर दिनभर चलती रही। उन्होंने बताया कि हर रोज 2 बजे तक लगभग 60 बसों का आवागमन हो जाता था। लेकिन आज 2 बजे तक केवल 30 बसों का आवागमन ही रजिस्टर में दर्ज किया गया है। यमुनानगर, हिसार तथा फतेहाबाद डिपो की बसों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहा।
कलायत में चक्का जाम का नहीं दिखा असर : राज्य परिवहन के कर्मचारियों द्वारा आज के बसों के चक्का जाम का असर कहीं दिखाई नहीं दिया। कलायत बस अड्डा पर दौरा करने के दौरान देखा गया कि बसों का आवागमन होने के साथ दैनिक यात्री भी रोजमर्रा की तरह भी यात्रा कर रहे थे। बसों के चलने के चलते बस अड्डा पर सवारियों की कोई भीड़ नहीं थी। कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम का ऐलान किए जाने के चलते बस अड्डा पर पुलिस कर्मचारी तैनात थे जो सभी प्रकार की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर रखे हुए थे। अड्डा इंचार्ज रामेश्वर दास ने बताया कि सुबह सवारियों के अधिक होने तथा कुछ समय के लिए बसों के कम आने के चलते मामूली परेशानी का सामना जरूर करना पड़ा मगर इसके पश्चात विभिन्न जिलों से बसों का यहां आवागमन बना हुआ है।