फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   नए साल पर बंद हुआ बाल सेवा आश्रम

नए साल पर बंद हुआ बाल सेवा आश्रम

Mon, 01 Jan 2018 11:55 PM IST
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:55 PM IST
विज्ञापन
नए साल पर बंद हुआ बाल सेवा आश्रम

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बाल सेवा आश्रम के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी ना किए जाने पर सोमवार को नए साल के दिन बाल संरक्षण समिति की ओर से आश्रम को बंद कर दिया गया। आश्रम में रह रही 9 लड़कियों में से 7 को उनके परिजनों व 2 को करनाल व कुरुक्षेत्र के आश्रमों में भेज भेज दिया गया है। यहां से करनाल भेजी गई लड़कियों की उम्र 5 से 18 साल तक है। इस कार्रवाई पर आश्रम संचालक ने रोष जताया है कि लड़कियों की परीक्षाओं तक भी समय नहीं दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर हुई कारवाई : सरकार द्वारा बाल सेवा आश्रम बंद करने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत हुई। सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर तक बिना मान्यता के चल रहे बाल सेवा आश्रमों को बंद करने के सरकार को आदेश दिए थे। जिसके तहत रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर बाल सेवा आश्रम की मान्यता भी समाप्त हो चुकी है। इसके तहत ही लड़कियों को यहां से शिफ्ट किए जाने के आदेश जारी किए गए थे।
विज्ञापन


सरकार से मांगा वक्त, लेकिन नहीं मिला : आश्रम संचालक केवीएस पिल्ले ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से करीब 20 दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन के रद्द होने का नोटिस मिल गया था। उसके आश्रम में रह रही लड़कियों की पढ़ाई खराब न हो इसलिए सरकार से एक महीने का समय मांगा गया था। लेकिन सरकार ने इनकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि वह बाल आश्रम में लड़कियों को पढ़ा लिखाकर उनकी सेवा कर रहा है। सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर जोर दे रही है। लेकिन यहां पर वह आश्रम को चलाकर बेटियों को पालने और शिक्षित करने का काम कर रहा है। उसके बावजूद रजिस्ट्रेशन को रद्द करने का बहाना बनाकर आश्रम में रह रही बेटियों को करनाल के आश्रम में शिफ्ट किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ाई होगी प्रभावित : 5 से 18 साल तक की इन लड़कियों का दाखिला लिटिल फ्लॉवर स्कूल में था। उन्हें परिजनों के हवाले किए जाने व करनाल और कुुरुक्षेत्र भेजे जाने से उनकी पढ़ाई पर असर जरूर पड़ेगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। लेकिन इसके लिए क्या किया जा रहा है, यह जानकारी नहीं दी गई। ये लड़कियां 12वीं तक कक्षाओं में पढ़ रही हैं।

शिफ्ट नियमानुसार किया, लेकिन समिति सदस्यों को भी बुलाना चाहिए था : बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सैनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई की गई है। नियमों के अनुसार के लड़कियों को नहीं शिफ्ट किया गया है। लड़कियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति के तीन सदस्यों का होना जरूरी है। इस पर बाल संरक्षण अधिकारी ने अनदेखी की है। जो लड़कियां यहां से शिफ्ट हुई है। उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उनकी परीक्षा दिलवाई जाएगी।


लड़कियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को हेड ऑफिस के आदेशों के तहत किया गया है। यह कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया विभाग से लिखित में मिली थी। जिसके अनुसार कार्रवाई की गई है। लड़कियों की परीक्षाएं करवाई जाएंगी।
अमित शर्मा, लीगल प्रोबेशन ऑफिसर, कैथल।

नए साल पर बंद हुआ बाल सेवा आश्रम
आश्रम में रह रही लड़कियों में 7 को परिजनों को सौंपा तो 2 को करनाल व कुरुक्षेत्र आश्रमों में भेजा
बाल सरंक्षण समिति ने की कार्रवाई, 20 दिन पहले सरकार ने किए थे आदेश
आश्रम संचालक ने जताया रोष-कहा-बच्चों की पढ़ाई का भी नहीं रखा ध्यान, अगले एक-दो माह में होनी हैं परीक्षाएं
फोटो नंबर-19,20
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed