फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   61 एमएम बारिश ने फेरा उम्मीदों पर पानी

61 एमएम बारिश ने फेरा उम्मीदों पर पानी

Sun, 24 Sep 2017 12:23 AM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
61 एमएम बारिश ने फेरा उम्मीदों पर पानी
61 एमएम बारिश ने फेरा उम्मीदों पर पानी
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले 36 घंटों में बारिश के कारण जिले में धान की फसल में बड़ा नुकसान होने का अनुमान है। कई जगह फसल हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई है। वहीं अनाज मंडियों में पड़ा धान भीग गया। रविवार को भी हल्की बारिश होने का अनुमान है।
शुक्रवार सुबह आए मौसम में परिवर्तन के बाद शुक्रवार रात को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कृषि अनुसंधान संस्थान कौल में 97 एमएम भारी बारिश दर्ज की गई। जिससे खेतों में पानी जमा हो गया। जबकि कलायत में 12 एमएम बारिश हुई। पूरे जिले में औसत 61 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिससे खेतों में पानी खड़ा हो गया। इस समय ज्यादा बारिश फसल के लिए नुकसानदायक है। बारिश का यह आंकड़ा
विज्ञापन

1509 व निसर चुकी फसल में नुकसान:-पिछले करीब 10 दिनों से 1509 किस्म की धान पकने के बाद मंडी में पहुंच रही है। इसमें से जो धान खेतों में है, उसमें बारिश से भारी नुकसान का अनुमान है। बारिश के कारण इसके दाने में गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा परंपरागत बासमती को छोडक़र 1121, पीआर ग्रुप, डुप्लीकेट बासमती की किस्में, जो निसर रही हैं। उनमें ज्यादा नुकसान हो सकता है। किसान सतनारायण ने बताया कि फसल का दाना खराब होने से दाम कम मिलेंगे। जिस एरिया में धान गिर जाएगा, उसमें उत्पादन भी कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने बताया कि इस समय धान के अलावा कपास में भी इस बारिश का नुकसान हो सकता है। जो फसल निसर रही है या फिर निसर चुकी है। उसमें नुकसान है। कुछ एरिया में बारिश के कारण अब कपास में भी नुकसान होने का अनुमान है।
गुहला-चीका में भी क्यारी भर बारिश हुई है। जिससे पकी हुई फसल में नुकसान हो सकता है।

बारिश से मौसम में परिवर्तन, सर्दी का एहसास : बारिश के कारण मौसम में भी परिवर्तन आया है। सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है। हालांकि दिन में बादल छाए रहने के कारण धूप भी नहीं निकली।

राजौंद में जमीन पर बिछी फसल
राजौंद। शुक्रवार की रात व शनिवार को रुक रुक हो रही बरसात व तेज हवाओं ने किसानों के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। अधिकतर किसानों की धान की फसल इस बरसात व हवाओं से पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है। जिससे किसान की साल भर की मेहनत पल भर में जमीन पर बिछ गई। वैसे तो शुक्रवार दोपहर बाद ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था हल्की बूंदाबांदी के साथ बरसात भी हुई थी। रात को चली तेज हवाओं ने किसानों की धान की फसल को जमीन पर बिछा दिया है। किसान बलविंद्र मंडवाल ने बताया कि उसकी छह एकड़ पी आर हाईब्रेट पूरी तरह तैयार थी जो तेज बरसात व हवा से जमीन पर बिछ गई। किसान जयभगवान मिस्त्री, बूटा सिंह, हरभजन सिंह, होशियार सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि रात को चली तेज हवाओं ने उनकी धान की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछा दी है।


तैले की बीमारी से भी मिलेगा छुटकारा : बारिश के नुकसान के अलावा एक लाभ भी होगा। पिछले कई दिनों से तैले की बीमारी से किसान परेशान हैं। इस बारिश के कारण पत्ता लपेट सहित तैले की बीमारी से राहत मिलेगी। जिससे किसानों का दवाओं पर खर्च कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed