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एसडीएम ने एक माह के अंदर पोल्ट्री फार्म बंद करने के दिए निर्देश
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:04 AM IST
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एसडीएम ने एक माह के अंदर पोल्ट्री फार्म बंद करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। गांव धेरडू के पोल्ट्री फार्म से ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने पर प्रशासन ने धारा 133 के तहत रिहायशी इलाके के पास पोल्ट्री फार्म को नाजायज व गैर कानूनी बताया। फार्म पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीएम कमलप्रीत कौर ने बीडीपीओ पूंडरी को लिखित पत्र जारी कर पोल्ट्री फार्म बंद करवाकर मौके से हटवाने के निर्देश दिए है। एसडीएम ने एक माह के अंदर पोल्ट्री फार्म पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जून माह में ग्रामीण ओमप्रकाश, गुलाब सिंह, बलकार सिंह, राजेश कुमार आदि ने आरोप लगाया था कि पिछले कई महीने से पोल्ट्री फार्म संचालक सरसा ब्रांच नहर में बीमारी से मरने वाले मुर्गों को नहर में डाल रहा है। जिससे नहर का पानी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी के मौसम में पशुओं को नहर में पानी पीने के लिए ले जाते है। लेकिन नहर में मरे हुए मुर्गे डालने से पानी पशुओं के पीने लायक नहीं रहता। जिससे गर्मी के मौसम में उनके लिए पशुओं के पीने की पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। गांव धेरडू के पोल्ट्री फार्म से ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने पर प्रशासन ने धारा 133 के तहत रिहायशी इलाके के पास पोल्ट्री फार्म को नाजायज व गैर कानूनी बताया। फार्म पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीएम कमलप्रीत कौर ने बीडीपीओ पूंडरी को लिखित पत्र जारी कर पोल्ट्री फार्म बंद करवाकर मौके से हटवाने के निर्देश दिए है। एसडीएम ने एक माह के अंदर पोल्ट्री फार्म पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जून माह में ग्रामीण ओमप्रकाश, गुलाब सिंह, बलकार सिंह, राजेश कुमार आदि ने आरोप लगाया था कि पिछले कई महीने से पोल्ट्री फार्म संचालक सरसा ब्रांच नहर में बीमारी से मरने वाले मुर्गों को नहर में डाल रहा है। जिससे नहर का पानी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी के मौसम में पशुओं को नहर में पानी पीने के लिए ले जाते है। लेकिन नहर में मरे हुए मुर्गे डालने से पानी पशुओं के पीने लायक नहीं रहता। जिससे गर्मी के मौसम में उनके लिए पशुओं के पीने की पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है।
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