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Kaithal News: इस साल में रुकवाए 11 बाल विवाह
Thu, 21 Aug 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डीसी प्रीति के दिशा-निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती से काम कर रहा है। वर्ष 2025 में अब तक बाल विवाह की 10 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए विवाह संपन्न होने के बाद जिला पुलिस के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं, जिन पर कानूनी कार्यवाही जारी है। इसके अलावा 11 बाल विवाह समय रहते ही रुकवा दिए गए।
जिला संरक्षण अधिकारी एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा, पंचकूला की ओर से वर्ष 2008 से हर जिले के महिला थानों में स्पेशल सेल फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रन की स्थापना की गई है। कैथल में भी इसी तंत्र के तहत शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह की शिकायतें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, उपायुक्त कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय अथवा ईमेल dppowcdkaithal@ gmail.com पर दर्ज करवाई जा सकती हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
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सुनीता ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार विवाह के लिए लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करवाता है, उसे बढ़ावा देता है या इसकी सहायता करता है, तो उसे दो वर्ष तक की कठोर कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति, संस्था या संस्थान बाल विवाह का अनुष्ठान करवाता है, उसमें शामिल होता है या उपस्थिति दर्ज करता है, तो उस पर भी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
इस साल जिले में बाल विवाह के मामलों में काफी कमी आई है। अप्रैल से अगस्त तक केवल 15 मामले सामने आए हैं, जो लोगों में आई जागरूकता का नतीजा है। - सुनीता शर्मा, जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी
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कैथल। डीसी प्रीति के दिशा-निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती से काम कर रहा है। वर्ष 2025 में अब तक बाल विवाह की 10 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए विवाह संपन्न होने के बाद जिला पुलिस के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं, जिन पर कानूनी कार्यवाही जारी है। इसके अलावा 11 बाल विवाह समय रहते ही रुकवा दिए गए।
जिला संरक्षण अधिकारी एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा, पंचकूला की ओर से वर्ष 2008 से हर जिले के महिला थानों में स्पेशल सेल फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रन की स्थापना की गई है। कैथल में भी इसी तंत्र के तहत शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है।
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उन्होंने कहा कि बाल विवाह की शिकायतें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, उपायुक्त कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय अथवा ईमेल dppowcdkaithal
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सुनीता ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार विवाह के लिए लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करवाता है, उसे बढ़ावा देता है या इसकी सहायता करता है, तो उसे दो वर्ष तक की कठोर कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति, संस्था या संस्थान बाल विवाह का अनुष्ठान करवाता है, उसमें शामिल होता है या उपस्थिति दर्ज करता है, तो उस पर भी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
इस साल जिले में बाल विवाह के मामलों में काफी कमी आई है। अप्रैल से अगस्त तक केवल 15 मामले सामने आए हैं, जो लोगों में आई जागरूकता का नतीजा है। - सुनीता शर्मा, जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी