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पहली बार किया किसी मार्केट कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ धान की दो नंबर में बिक्री पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:11 PM IST
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पहली बार किया किसी मार्केट कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस
- हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की शिकायत पर डीएमईओ सहित 4 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज
- चेयरमैन मार्केट कमेटी कैथल द्वारा एक साल पहले की गई थी प्रशासन को शिकायत
- एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने भी जांच रिपोर्ट में बताई थी गड़बड़ी, बोर्ड को लिखा था पत्र
- शहर में स्थित 6 खील फैक्टरियों में आई 50 हजार क्विंटल धान पर मार्केट फीस ना लेकर 2 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने पहली बार किसी मार्केट कमेटी अधिकारी व उसके साथ 4 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। जिसमें मंडी से दो नंबर में धान की खरीद किए जाने, शहर में चल रही खील की फैक्टरियों में बिना मार्केट फीस के धान बिक्री करवाने देने व फूंस में का ठेका अवधि खत्म होने क बावजूद ठेकेदार की मिलीभगत से मार्केट कमेटी को लाखों रुपये के नुकसान के आरोप लगाए गए थे। अब पुलिस जांच में पता चलेगा कि असली सच्चाई क्या थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी डीएमईओ अजय श्योराण सहित 4 अन्य मार्केट कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चारों पर अलग-अलग आरोप हैं।
मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर ने फर्जी गेटपास की प्रतियां देते हुए मार्केटिंग बोर्ड के आला अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। इसके अलावा तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह द्वारा जिस कर्मचारी को चारा मंडी से हटाया गया था, उसी कर्मचारी को फिर से उसी जगह लगाए जाने पर संदेह पैदा हुआ और एडीसी ने उसी समय मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर कर्मचारियों के कार्य को संतोषजनक न बताते हुए कार्रवाई की सिफारिश की थी।
ये थे आरोप : आरोपी कर्मचारी मनफूल पर आरोप हैं कि उसकी ड्यूटी शाम 4 बजे से रात बारह बजे तक मंडी में थी। वह गेट नंबर 2 के निकट फर्जी गेटपास के आधार पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जाने दे रहा है। जहां 6 रुपये प्रति बोरी रिश्वत लिए जाने का आरोप है।
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आरोपी संदीप व अकाउंटेंट पर आरोप है कि मंडी में बाहर से आने वाली भारी मात्रा में धान के प्रति ट्रक 5 हजार रुपये रिश्वत ली जा रही है।
डीईएमओ पर सबसे ज्यादा गंभीर आरोप : उस समय मार्केट कमेटी के सचिव की जिम्मेवारी संभाल रहे डीएमईओ अजय श्योराण पर शिकायत में सबसे ज्याद गंभीर आरोप हैं। जिसमें शहर में स्थित 180 राइस मिलों में से प्रत्येक से 25 हजार से दो नंबर में धान बिक्री होने देने का आरोप है। इसी प्रकार से शहर में स्थित 6 खील की बड़ी फैक्टरियों में बाहर से आई लगभग 50 हजार क्विंटल धान के लिए कोई मार्केट फीस नहीं ली गई और खील वालों से 2 लाख रुपये रिश्वत आरोपी कर्मचारी कृष्ण कुमार द्वारा डीएमईओ के कहने से ली गई है।
चारा मंडी से हटाए गए कर्मचारी को आठ दिन बाद फिर वहीं कर दिया था तैनात, एडीसी ने जांच में उठाए थे सवाल : चारा मंडी में तैनात कर्मचारी कृष्ण कुमार को तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने 27 नवंबर 2017 के दौरे के दौरान मंडी से हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीसी ने 5 दिसंबर को फिर से दौरा किया तो आरोपी कर्मचारी वहीं काम करते हुए पाया गया। साथ ही कई अन्य जिम्मेवारियां भी दी गई थीं। तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने इस नियुक्ति के लिए डीएमईओ व कृष्ण कुमार कार्यप्रणाली संदिग्ध मानते हुए मार्केटिंग बोर्ड को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
फूंस उठाने के मामले में गड़बड़झाले में कमेटी को हुआ था लाखों का नुकसान : मंडी में फूंस उठाने के लिए वर्ष 2016 में 23 लाख में टेंडर छूटा था। लेकिन वर्ष 2017 में इसे 10 लाख रुपये के लिए ही बोली मिली। जिस कारण टेंडर नहीं हो सका। लेकिन चेयरमैन राजपाल तंवर व वाइस चेयरमैन कृष्ण बंसल ने मंडी से फूंस उठता हुआ पकड़ लिया। बाद में पता चला था कि यह फूंस उसी ठेकेदार द्वारा उठाया जा रहा है, जिसका टेंडर ही नहीं हो पाया था। जो कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा था। इससे मार्केट कमेटी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले को भी एडीसी ने गंभीर बताते हुए मार्केटिंग बोर्ड में कार्रवाई के लिए लिखा था।
अब मुख्य प्रशासक पंचकूला के निर्देश पर जैडएमईओ द्वारा जारी पत्र अनुसार पुलिस ने डीएमईओ अजय श्योराण, कर्मचारी कृष्ण कुमार, संदीप, मनफूल व योगेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में डीएमईओ अजय श्योराण ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि जो भी काम हुआ, वह विभागीय नियमानुसार हुआ। इसी प्रकार से अन्य सभी आरोपी कर्मचारियों का कहना है कि उनके खिलाफ लगे आरोप मिथ्या हैं, वे बेकसूर हैं।
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि इस मामले की जांच डीएसपी कृष्ण कुमार द्वारा की जा रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने पत्र के अनुसार केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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- हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की शिकायत पर डीएमईओ सहित 4 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज
- चेयरमैन मार्केट कमेटी कैथल द्वारा एक साल पहले की गई थी प्रशासन को शिकायत
- एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने भी जांच रिपोर्ट में बताई थी गड़बड़ी, बोर्ड को लिखा था पत्र
- शहर में स्थित 6 खील फैक्टरियों में आई 50 हजार क्विंटल धान पर मार्केट फीस ना लेकर 2 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने पहली बार किसी मार्केट कमेटी अधिकारी व उसके साथ 4 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। जिसमें मंडी से दो नंबर में धान की खरीद किए जाने, शहर में चल रही खील की फैक्टरियों में बिना मार्केट फीस के धान बिक्री करवाने देने व फूंस में का ठेका अवधि खत्म होने क बावजूद ठेकेदार की मिलीभगत से मार्केट कमेटी को लाखों रुपये के नुकसान के आरोप लगाए गए थे। अब पुलिस जांच में पता चलेगा कि असली सच्चाई क्या थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी डीएमईओ अजय श्योराण सहित 4 अन्य मार्केट कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चारों पर अलग-अलग आरोप हैं।
मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर ने फर्जी गेटपास की प्रतियां देते हुए मार्केटिंग बोर्ड के आला अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। इसके अलावा तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह द्वारा जिस कर्मचारी को चारा मंडी से हटाया गया था, उसी कर्मचारी को फिर से उसी जगह लगाए जाने पर संदेह पैदा हुआ और एडीसी ने उसी समय मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर कर्मचारियों के कार्य को संतोषजनक न बताते हुए कार्रवाई की सिफारिश की थी।
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ये थे आरोप : आरोपी कर्मचारी मनफूल पर आरोप हैं कि उसकी ड्यूटी शाम 4 बजे से रात बारह बजे तक मंडी में थी। वह गेट नंबर 2 के निकट फर्जी गेटपास के आधार पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जाने दे रहा है। जहां 6 रुपये प्रति बोरी रिश्वत लिए जाने का आरोप है।
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आरोपी संदीप व अकाउंटेंट पर आरोप है कि मंडी में बाहर से आने वाली भारी मात्रा में धान के प्रति ट्रक 5 हजार रुपये रिश्वत ली जा रही है।
डीईएमओ पर सबसे ज्यादा गंभीर आरोप : उस समय मार्केट कमेटी के सचिव की जिम्मेवारी संभाल रहे डीएमईओ अजय श्योराण पर शिकायत में सबसे ज्याद गंभीर आरोप हैं। जिसमें शहर में स्थित 180 राइस मिलों में से प्रत्येक से 25 हजार से दो नंबर में धान बिक्री होने देने का आरोप है। इसी प्रकार से शहर में स्थित 6 खील की बड़ी फैक्टरियों में बाहर से आई लगभग 50 हजार क्विंटल धान के लिए कोई मार्केट फीस नहीं ली गई और खील वालों से 2 लाख रुपये रिश्वत आरोपी कर्मचारी कृष्ण कुमार द्वारा डीएमईओ के कहने से ली गई है।
चारा मंडी से हटाए गए कर्मचारी को आठ दिन बाद फिर वहीं कर दिया था तैनात, एडीसी ने जांच में उठाए थे सवाल : चारा मंडी में तैनात कर्मचारी कृष्ण कुमार को तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने 27 नवंबर 2017 के दौरे के दौरान मंडी से हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीसी ने 5 दिसंबर को फिर से दौरा किया तो आरोपी कर्मचारी वहीं काम करते हुए पाया गया। साथ ही कई अन्य जिम्मेवारियां भी दी गई थीं। तत्कालीन एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने इस नियुक्ति के लिए डीएमईओ व कृष्ण कुमार कार्यप्रणाली संदिग्ध मानते हुए मार्केटिंग बोर्ड को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
फूंस उठाने के मामले में गड़बड़झाले में कमेटी को हुआ था लाखों का नुकसान : मंडी में फूंस उठाने के लिए वर्ष 2016 में 23 लाख में टेंडर छूटा था। लेकिन वर्ष 2017 में इसे 10 लाख रुपये के लिए ही बोली मिली। जिस कारण टेंडर नहीं हो सका। लेकिन चेयरमैन राजपाल तंवर व वाइस चेयरमैन कृष्ण बंसल ने मंडी से फूंस उठता हुआ पकड़ लिया। बाद में पता चला था कि यह फूंस उसी ठेकेदार द्वारा उठाया जा रहा है, जिसका टेंडर ही नहीं हो पाया था। जो कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा था। इससे मार्केट कमेटी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले को भी एडीसी ने गंभीर बताते हुए मार्केटिंग बोर्ड में कार्रवाई के लिए लिखा था।
अब मुख्य प्रशासक पंचकूला के निर्देश पर जैडएमईओ द्वारा जारी पत्र अनुसार पुलिस ने डीएमईओ अजय श्योराण, कर्मचारी कृष्ण कुमार, संदीप, मनफूल व योगेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में डीएमईओ अजय श्योराण ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि जो भी काम हुआ, वह विभागीय नियमानुसार हुआ। इसी प्रकार से अन्य सभी आरोपी कर्मचारियों का कहना है कि उनके खिलाफ लगे आरोप मिथ्या हैं, वे बेकसूर हैं।
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि इस मामले की जांच डीएसपी कृष्ण कुमार द्वारा की जा रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने पत्र के अनुसार केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।