{"_id":"613663a88ebc3e7a2a19af13","slug":"100-bed-portable-hospital-ready-in-district-civil-hospital-kaithal-news-knl823682144","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला नागरिक अस्पताल में 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल हुआ तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला नागरिक अस्पताल में 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल हुआ तैयार
विज्ञापन
100 bed portable hospital ready in district civil hospital
- फोटो : Kaithal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला नागरिक अस्पताल में बड़े प्रोजेक्ट 100 बेड के पोर्टेबल अस्पताल का कार्य पूरा हो गया है। दो करोड़ 60 लाख रुपये से ज्यादा लागत से बने पोर्टेबल अस्पताल में इसी सप्ताह उपकरणों की जांच होगी और जांच पूरी होने के साथ ही अस्पताल पूरी तरह से प्रयोग के लिए तैयार हो जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों के लिए जिले में यह बड़ा प्रोजेक्ट स्थापित किया है।
नागरिक अस्पताल परिसर में बने पोर्टेबल अस्पताल में 10 बेडों पर वेंटिलेटर और 90 सामान्य बेडों की सुविधा मरीजों की लिए है। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर, एसी, बिजली उपकरण, इलाज के दौरान प्रयोग होने वाली जरूरी मशीनें लगाई जा चुकी हैं। कोरोना मरीजों के इलाज के साथ-साथ जरूरत पड़ती है तो अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जो छोटी-मोटी कमियां रह गई हैं, उन्हें भी इसी सप्ताह में पूरा करने में टीमें लगी हुई हैं।
अस्पताल को स्थापित करने और इसमें जरूरी उपकरणों को लगाने के लिए चेन्नई से इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम बुलाई गई थी। अब कार्य पूरा होने के बाद टीम ने अस्पताल की चाबियां अधिकारियों को सौंप दी हैं और टीम वापस चली गई है। बिजली सप्लाई और पाइप लाइनों की सप्लाई का कार्य भी हो चुका है।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पांखुड़ी गुप्ता ने बताया कि पोर्टेबल अस्पताल तैयार हो चुका है। अब इसमें लगाए गए सभी उपकरणों को चलाकर अलग-अलग जांच की जाएगी। एक सप्ताह तक जांच का कार्य और जो छोटे-मोटे काम रहते हैं, उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। चेन्नई से आई टीम भी अपना कार्य पूरा करके चली गई है। जांच के बाद ही इसे लांच किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को यह अस्पताल सौंपने की कार्रवाई सरकार के निर्देश अनुसार की जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि जैसे ही पोर्टेबल अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के पास आएगा तो सबसे पहले इसकी देखरेख के लिए कमेटी बनाई जाएगी। अस्पताल में सभी उपकरणों की ट्रायल लेकर जांच की जाएगी। ट्रायल के दौरान देखा जाएगा कि अस्पताल में स्थापित किए गए सभी यंत्र अथवा उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं या उनमें किसी प्रकार के सुधार की जरूरत है।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल परिसर में बने पोर्टेबल अस्पताल में 10 बेडों पर वेंटिलेटर और 90 सामान्य बेडों की सुविधा मरीजों की लिए है। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर, एसी, बिजली उपकरण, इलाज के दौरान प्रयोग होने वाली जरूरी मशीनें लगाई जा चुकी हैं। कोरोना मरीजों के इलाज के साथ-साथ जरूरत पड़ती है तो अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जो छोटी-मोटी कमियां रह गई हैं, उन्हें भी इसी सप्ताह में पूरा करने में टीमें लगी हुई हैं।
विज्ञापन
अस्पताल को स्थापित करने और इसमें जरूरी उपकरणों को लगाने के लिए चेन्नई से इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम बुलाई गई थी। अब कार्य पूरा होने के बाद टीम ने अस्पताल की चाबियां अधिकारियों को सौंप दी हैं और टीम वापस चली गई है। बिजली सप्लाई और पाइप लाइनों की सप्लाई का कार्य भी हो चुका है।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पांखुड़ी गुप्ता ने बताया कि पोर्टेबल अस्पताल तैयार हो चुका है। अब इसमें लगाए गए सभी उपकरणों को चलाकर अलग-अलग जांच की जाएगी। एक सप्ताह तक जांच का कार्य और जो छोटे-मोटे काम रहते हैं, उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। चेन्नई से आई टीम भी अपना कार्य पूरा करके चली गई है। जांच के बाद ही इसे लांच किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को यह अस्पताल सौंपने की कार्रवाई सरकार के निर्देश अनुसार की जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि जैसे ही पोर्टेबल अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के पास आएगा तो सबसे पहले इसकी देखरेख के लिए कमेटी बनाई जाएगी। अस्पताल में सभी उपकरणों की ट्रायल लेकर जांच की जाएगी। ट्रायल के दौरान देखा जाएगा कि अस्पताल में स्थापित किए गए सभी यंत्र अथवा उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं या उनमें किसी प्रकार के सुधार की जरूरत है।