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Kaithal News: बीएस-6 तकनीक की 10 और बसें मिलेंगी
Thu, 28 Aug 2025 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल डिपो में परिवहन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस माह के अंत तक बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी। डिपो की ओर से की गई मांग पर
रोडवेज मुख्यालय ने इन्हें भेजने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में कैथल डिपो के पास 202 बसें हैं, जिनमें हाल ही में 22 बीएस-4 तकनीक की बसें जोड़ी गई थीं। 10 नई बसों के जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 212 हो जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी।
नई बीएस-6 बसों का चेसिस नंबर पहले ही जारी हो चुका है और डिपो में कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। बसें मिलते ही उन रूटों पर
संचालन शुरू कर दिया जाएगा जहां
अब तक कमी के कारण सेवा
प्रभावित थी।
वर्ष 2018 तक आठ वर्ष पूरी करने वाली रोडवेज बसों को जर्जर मानकर रूटों से हटा दिया जाता था। दिसंबर 2024 तक लगभग 40 बसें इस श्रेणी में आ चुकी थीं, जिससे लोकल रूटों पर सेवाएं बाधित थीं। नई बसों के आने से यह कमी काफी हद तक दूर होगी।
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बीएस-6 तकनीक की 10 और बसें मिलेंगी
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कैथल। कैथल डिपो में परिवहन सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस माह के अंत तक बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी। डिपो की ओर से की गई मांग पर
रोडवेज मुख्यालय ने इन्हें भेजने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में कैथल डिपो के पास 202 बसें हैं, जिनमें हाल ही में 22 बीएस-4 तकनीक की बसें जोड़ी गई थीं। 10 नई बसों के जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 212 हो जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी।
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नई बीएस-6 बसों का चेसिस नंबर पहले ही जारी हो चुका है और डिपो में कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। बसें मिलते ही उन रूटों पर
संचालन शुरू कर दिया जाएगा जहां
अब तक कमी के कारण सेवा
प्रभावित थी।
वर्ष 2018 तक आठ वर्ष पूरी करने वाली रोडवेज बसों को जर्जर मानकर रूटों से हटा दिया जाता था। दिसंबर 2024 तक लगभग 40 बसें इस श्रेणी में आ चुकी थीं, जिससे लोकल रूटों पर सेवाएं बाधित थीं। नई बसों के आने से यह कमी काफी हद तक दूर होगी।
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बीएस-6 तकनीक की 10 और बसें मिलेंगी