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जिला कारागार से नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए लाए बंदियों की बस में दो मोबाइल फेंककर युवक फरार
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जिला कारागार से इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाए गए बंदियों की बस में एक युवक पैकिंग में बंद कर दो मोबाइल फोन फेंक कर फरार हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने युवक को पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन युवक फरार हो गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गार्द इंचार्ज शिकायत पर तीन बंदियों को नामजद कर कुछ अन्य के खिलाफ परिजनर एक्ट तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।
परिजनर बस के गार्द इंचार्ज बलजीत ने पुलिसकर्मियों को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार को जिला कारागार से बंदी गांव डाहौला निवासी सहीराम, गांव मालवी निवासी अमित, गांव निजामपुर निवासी दिनेश को इलाज के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया था। परिजनर बस को नए भवन के बाहर खड़ा किया था। सुरक्षाकर्मी तीनों को ओपीडी के लिए अस्पताल के अंदर ले गए। इसी बीच वहां खड़े एक युवक ने पैकिंग में बंद कुछ सामान को परिजनर बस में फेंक दिया। आवाज सुनकर बस का चालक सतबीर चौकन्ना हो गया। जिस पर उसने सुरक्षा में आए पुलिसकर्मियों को अवगत करवाया और कुछ दूरी पर खड़े संदिग्ध युवक द्वारा कुछ फैंके जाने के बारे में बताया। जब पुलिसकर्मी युवक की तरफ पकड़ने के लिए गए तो युवक फरार होने में कामयाब हो गया। परिजनर बस के गार्द इंचार्ज ने पैकिंग को खोला तो उसमें मोबाइल फोन मिले। जिन्हें कब्जे में लेकर सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। गार्द इंचार्ज बलजीत ने आरोप लगाया कि तीनों बंदियों में से किसी के जानकार ने पैकिंग में बंद कर मोबाइल फोनों को फेंका है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गार्द इंचार्ज बलजीत की शिकायत पर इलाज के लिए लाए गए तीनों बंदियों के अलावा कुछ अन्य के खिलाफ परिजनर तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर चंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षाकर्मी परिजनर बस से तीन बंदियों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाए थे। उसी दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोनों को बस में फेंक दिया। परिजनर बस गार्द इंचार्ज की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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परिजनर बस के गार्द इंचार्ज बलजीत ने पुलिसकर्मियों को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार को जिला कारागार से बंदी गांव डाहौला निवासी सहीराम, गांव मालवी निवासी अमित, गांव निजामपुर निवासी दिनेश को इलाज के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया था। परिजनर बस को नए भवन के बाहर खड़ा किया था। सुरक्षाकर्मी तीनों को ओपीडी के लिए अस्पताल के अंदर ले गए। इसी बीच वहां खड़े एक युवक ने पैकिंग में बंद कुछ सामान को परिजनर बस में फेंक दिया। आवाज सुनकर बस का चालक सतबीर चौकन्ना हो गया। जिस पर उसने सुरक्षा में आए पुलिसकर्मियों को अवगत करवाया और कुछ दूरी पर खड़े संदिग्ध युवक द्वारा कुछ फैंके जाने के बारे में बताया। जब पुलिसकर्मी युवक की तरफ पकड़ने के लिए गए तो युवक फरार होने में कामयाब हो गया। परिजनर बस के गार्द इंचार्ज ने पैकिंग को खोला तो उसमें मोबाइल फोन मिले। जिन्हें कब्जे में लेकर सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। गार्द इंचार्ज बलजीत ने आरोप लगाया कि तीनों बंदियों में से किसी के जानकार ने पैकिंग में बंद कर मोबाइल फोनों को फेंका है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गार्द इंचार्ज बलजीत की शिकायत पर इलाज के लिए लाए गए तीनों बंदियों के अलावा कुछ अन्य के खिलाफ परिजनर तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर चंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षाकर्मी परिजनर बस से तीन बंदियों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाए थे। उसी दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोनों को बस में फेंक दिया। परिजनर बस गार्द इंचार्ज की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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