उचाना में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निजी सहायक का विरोध होने के बाद अब उचाना विधानसभा क्षेत्र के लोग उपमुख्यमंत्री के समर्थन में आने लगे हैं। वीरवार को जहां करसिंधु गांव के लोगों ने इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया, वहीं शुक्रवार को डूमरखां गांव की महिलाओं ने भी कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर उपमुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
डूमरखां गांव में एकत्रित हुईं महिलाओं ने कहा कि किसानों ने जजपा और भाजपा के नेताओं के आने पर रोक लगाई है। इसके बावजूद भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, उनकी पत्नी व उचाना की पूर्व विधायक प्रेमलता, उनके बेटे व हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह अपने कार्यक्रम नियमित रूप से कर रहे हैं। किसान उनका विरोध नहीं करते, जबकि दुष्यंत चौटाला का विरोध किया जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि दुष्यंत चौटाला ने करीब 50 हजार मतों से जीत हासिल की थी। ऐसे में उचाना के लोग उनके साथ हैं। उचाना क्षेत्र के विधायक होने के नाते सुख-दुख में उन्हें आना होता है। ऐसे में सिर्फ उनका ही विरोध करना गलत है।