फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Women of Bhonsla village sent bangles to the central government in support of farmers

भौंसला गांव की महिलाओं ने किसानों के समर्थन में केंद्र सरकार को भेजी चूड़ियां

Fri, 18 Dec 2020 10:47 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Dec 2020 10:47 PM IST
विज्ञापन
Women of Bhonsla village sent bangles to the central government in support of farmers
बैठक में मौजूद नौगामा खाप के सदस्य। संवाद। - फोटो : Jind
जींद/ उचाना। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के लिए दिल्ली सीमा पर डटे किसानों के समर्थन में अब बांगर क्षेत्र की महिलाओं ने भी अपनी हिस्सेदारी दर्ज करवा दी है। शुक्रवार को भौंसला गांव की महिलाओं ने केंद्र सरकार को डाक से चूड़ियां भेजी। इस दौरान विरोध स्वरूप महिलाओं ने केंद्र सरकार के प्रति हमनै फसल का धोखा कोन्या, म्हारे बालक राख दिए धोखे में जैसे कटाक्ष भरे हरियाणवी गीत गाकर नृत्य भी किया। महिलाओं ने कहा कि बेशक वे किसानों के साथ दिल्ली सीमा पर धरना नहीं दे रहीं, लेकिन कृषि कानूनों का विरोध जारी रहेगा। इस दौरान किसान नेता मनजीत ने कहा कि महिलाएं घरों से चूड़ियां लेकर आई और इनके पैकेट बनाकर डाक से पीएम कार्यालय भेजी गई।
विज्ञापन

हमनै फसल का धोखा कोन्या, म्हारे बालक राख दिए धोखे में
तूं उरन न होले, किसान तैने लूट लिए धोखे में
म्हारी कपास रुलाई रेते में, म्हारे हाथ पाटगे खेतां में
न धोखा दिया, यू किसान रुला दिया रेतां में
तूं म्हारै कानी मुंह कर ले, हमनै के तेरे ते बोट दिए कोन्या
तूं चूड़ी पहन ले, मेरे दिल में टिकाई हो जेगी
किसानों के समर्थन में टीकरी बॉर्डर पहुंची राजपुरा की महिलाएं
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने शुक्रवार को राजपुरा की 30 महिलाएं टीकरी बॉर्डर पर पहुंचीं। महिलाओं ने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती, वे और उनके परिवार के लोग नियमित रूप से धरने पर जाते रहेंगे। धरने पर पहुंची महिलाओं ने बताया कि 20 साल पहले जींद के किसान आंदोलन को उन्होंने करीब से देखा है। ऐसे में किसानों की ताकत के आगे सरकार को झुकना ही पड़ेगा। राजो, अंगूरी, सुरेश, रामभतेरी, सुदेश व कपूरी ने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि हठधर्मिता छोड़कर किसानों की मांगें माने।
विज्ञापन

करसिंधु-पालवां गांव में निकाला जुलूस
पालवां गांव में कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को किसानों के समर्थन में महिलाओं व पुरुषों ने जुलूस निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा कर सिंधु गांव में भी सरकार विरोधी बैनर के साथ युवाओं व किसानों ने रोष प्रकट किया। किसान नेता एवं सर्व जातीय दाडन खाप चबूतरा पालवां के महासचिव आजाद पालवां ने कहा कि नेताओं को वोट देकर सत्ता तक पहुंचाने वाला किसान वर्ग आज सर्द हवाओं में दिल्ली बॉर्डर पर अपने हक की लड़ाई के लिए धरने दे रहा है। आंदोलन में कई किसान शहीद हो चुके हैं। जिस तरह से सरकार अडियल रवैया अपनाए हुए हैं, ऐसा अडियल रवैया तो आज तक किसी भी सरकार ने नहीं अपनाया है। जब किसान इस कानून को नहीं चाहते तो क्यों केंद्र सरकार इस कानून को लागू करना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की याद में शोक सभा कल
दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों की याद में सीटू द्वारा शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसको लेकर हाउसिंग बोर्ड स्थित सीटू कार्यालय में सतबीर खरल की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। जिला सचिव कपूर सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर को राष्ट्रीय जिला के कई गांव में शोक सभाएं होंगी। किसान सभा, सीटू व सर्व कर्मचारी संघ द्वारा जींद के शुगर मिल के पास किसान अंादोलन में दिल्ली जा रहे किसानों के लिए जलपान का भी प्रबंधन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने किसानों के हक के कई कानून समाप्त किए हैं, वैसे ही मजदूरों के भी कई कानून खत्म कर दिए गए हैं। प्रदेश में निर्माण मजदूरों के लिए बने श्रम कल्याण बोर्ड को सामाजिक सुरक्षा कोड में बदलकर मजदूरों के साथ धोखा किया है। इसके विरोध में 25 दिसंबर को जींद के स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के आवास का घेराव करेंगे।
नौगामा खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन
नौगामा खाप की बैठक राजपुरा भैण में नफे सिंह ईगराह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्व सम्मति से फैसला लिया गया कि नौगामा खाप तन-मन और धन से किसान आंदोलन को समर्थन करती है। नौगामा खाप प्रधान कुलदीप रामराय ने कहा कि नौगामा खाप कृषि कानूनों के रद्द होने तक किसानों की सहायता के लिए प्रयासरत रहेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए चाहिए कि जल्द से जल्द कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। वहीं जब तक किसान आंदोलन चलता रहेगा तब तक नौगामा खाप किसानों की सहायता के लिए राशन व अन्य सामग्री पहुंचाती रहेगी। किसानों की सहायता के लिए राजपुरा भैन के नंबरदार सुल्तान ने 11 हजार रुपये, राजपुरा भैन के पूर्व सरपंच टेकराम ने एक लाख रुपये के कंबल व 100 क्विंटल सब्जी और पोकरी खेड़ी से मेहर सिंह ने 5100 रुपये की सहायता राशि दी। इस अवसर पर सुल्तान, टेकराम, मेहर सिंह, सुभाष, राजेश, धनराज, रामानंद, विकास, प्रकाश व धनराज मौजूद रहे।
नौदा, नगूरां व सुरबरा गांवों से किसानों के लिए भेजी खाद्य सामग्री
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर जारी किसान आंदोलन में कई गांव के लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। शुक्रवार को नौदा, नगूरां, सुरबरा गांव से किसानों के लिए खाद्य सामग्री भेजी गई। सतीश ने बताया कि यह सामग्री टीकरी बॉर्डर पर पहुंचाई जाएगी। वहीं, सुरबरा गांव से ग्रामीण अनिल की अध्यक्षता में बॉर्डर के लिए रवाना हुए। खापड़ गांव से नरवीर की अध्यक्षता में किसानों का जत्था किसानों के समर्थन में निकला। उधर, हलके के गांव दनौदा से युवाओं और बुजुर्गों ने खाद्य सामग्री दिल्ली सीमा पर डटे किसानों के लिए भेजी है। समाजसेवी मनदीप दनौदा ने कहा कि शुक्रवार को दनौदा गांव से युवा 1500 लीटर दूध, 800 लीटर लस्सी व सब्जी लेकर दिल्ली सीमा पर रवाना हुए। इस अवसर पर कुलदीप, विनय, जितेंद्र काला, पम्मी, सतीश, राममेहर, संदीप, विनोद मौजूद रहे।

किसान भंडारे में किया 51 हजार रुपये का सहयोग
लघु सचिवालय के पास किसानों के समर्थन में चल रहे भंडारे में समाजसेवी दरवेश पूनिया ने 51 हजार रुपये की राशि का सहयोग किया। पूनिया ने कहा कि सरकार को किसानों की मांग को जल्द पूरा करना चाहिए। जब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा, तब तक वे मदद के लिए तैयार हैं। इस मौके पर रोहित घनघस, राकेश भीखेवाला, महावीर गिल, संदीप, जलदीप नैन, सुभाष चोपड़ा, कृष्ण लोधर, बलकार सिहाग, राजा घनघस, कुलबीर, दलशेर सिहाग मौजूद रहे।

पालवां गांव में सरकार विरोधी पोस्टर के साथ जुलूस निकालते ग्रामीण।

पालवां गांव में सरकार विरोधी पोस्टर के साथ जुलूस निकालते ग्रामीण। - फोटो : Jind

टीकरी बॉर्डर पर पहुंचीं राजपुरा गांव की महिलाएं। अमर उजाला।

टीकरी बॉर्डर पर पहुंचीं राजपुरा गांव की महिलाएं। अमर उजाला।- फोटो : Jind

 भौंसला गांव में हाथों में चूड़ियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष स्वरूप गीत गाकर नृत्य करतीं मह

भौंसला गांव में हाथों में चूड़ियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष स्वरूप गीत गाकर नृत्य करतीं मह- फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed