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रधाना गांव में तेंदुआ की सूचना पर वन्य प्राणी विभाग की टीम ने चलाया सर्च अभियान
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जींद। रधाना गांव के खेतों में तेंदुआ देखे जाने की सूचना पर लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इस पर बुधवार सुबह वन्य प्राणी विभाग की टीम ने निरीक्षण किया और पैरों के निशान के फोटो और पीओपी से निशान लेकर जांच के लिए देहरादून लैब में भेज दिए हैं।
मंगलवार रात को रधाना के ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की सूचना प्रशासन को दी थी। इस पर वन्य प्राणी विभाग की टीम रात को ही गांव में पहुंच गई और ग्रामीणों से बात कर तेंदुए को ढुंढने के लिए सर्च अभियान चलाया। इसके बाद बुधवार को टीम ने संदिग्ध पैरों के निशान पर पीओपी लगाकर उसके फोटो को देहरादून वन्य प्राणी शिक्षण संस्थान में भेजा दिया है। जहां से उसकी रिपोर्ट आने के बाद फिर से कार्रवाई की जाएगी। वन्य प्राणी विभाग की टीम ने लोगों से उसकी पहचान के बारे में पूछताछ की और बताए गए स्थान पर मिले पंजों के निशान की जांच की तो जांच में तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो पाई और संदिग्ध पैरों के निशान को देहरादून लैब के जांच के लिए भेजा गया है। इसके बावजूद भी विभाग की टीम गांव में जाकर सर्च अभियान चला रही है। रात और दिन दोनों समय विभाग की टीम गांव के खेतों में तेंदुए की तलाश कर रही है।
पिछले माह ईगराह में देखा गया था तेंदुआ
पिछले माह 13 नवंबर को ईगराह गांव में भी किसानों ने संदिग्ध जानवर देखा था। तब भी तेंदुआ होने के शक में सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद जुलाना के पास भी ऐसा ही जानवर देखा गया था।
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ग्रामीणों के बताए गए स्थान और अन्य जगहों पर नहीं मिले पंजों के निशान
ग्रामीणों ने जिन स्थानों पर तेंदुआ देखने की बात कही थी। उन निशानों से तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके बावजूद भी संदिग्ध पैरों के निशान को लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। लैब से रिपोर्ट आने तक जांच जारी रहेगी। -मनबीर खटकड़ वन्य प्राणी निरीक्षक जींद।
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मंगलवार रात को रधाना के ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की सूचना प्रशासन को दी थी। इस पर वन्य प्राणी विभाग की टीम रात को ही गांव में पहुंच गई और ग्रामीणों से बात कर तेंदुए को ढुंढने के लिए सर्च अभियान चलाया। इसके बाद बुधवार को टीम ने संदिग्ध पैरों के निशान पर पीओपी लगाकर उसके फोटो को देहरादून वन्य प्राणी शिक्षण संस्थान में भेजा दिया है। जहां से उसकी रिपोर्ट आने के बाद फिर से कार्रवाई की जाएगी। वन्य प्राणी विभाग की टीम ने लोगों से उसकी पहचान के बारे में पूछताछ की और बताए गए स्थान पर मिले पंजों के निशान की जांच की तो जांच में तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो पाई और संदिग्ध पैरों के निशान को देहरादून लैब के जांच के लिए भेजा गया है। इसके बावजूद भी विभाग की टीम गांव में जाकर सर्च अभियान चला रही है। रात और दिन दोनों समय विभाग की टीम गांव के खेतों में तेंदुए की तलाश कर रही है।
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पिछले माह ईगराह में देखा गया था तेंदुआ
पिछले माह 13 नवंबर को ईगराह गांव में भी किसानों ने संदिग्ध जानवर देखा था। तब भी तेंदुआ होने के शक में सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद जुलाना के पास भी ऐसा ही जानवर देखा गया था।
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ग्रामीणों के बताए गए स्थान और अन्य जगहों पर नहीं मिले पंजों के निशान
ग्रामीणों ने जिन स्थानों पर तेंदुआ देखने की बात कही थी। उन निशानों से तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके बावजूद भी संदिग्ध पैरों के निशान को लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। लैब से रिपोर्ट आने तक जांच जारी रहेगी। -मनबीर खटकड़ वन्य प्राणी निरीक्षक जींद।